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    नीट यूजी बांड (NEET UG Bonds) - एमबीबीएस प्रवेश में बांड के प्रकार, जुर्माना राशि
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    • नीट यूजी बांड (NEET UG Bonds) - एमबीबीएस प्रवेश में बांड के प्रकार, जुर्माना राशि

    नीट यूजी बांड (NEET UG Bonds) - एमबीबीएस प्रवेश में बांड के प्रकार, जुर्माना राशि

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    Nitin SaxenaUpdated on 17 Apr 2026, 06:07 PM IST
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    भारत में, एमबीबीएस प्रवेश अनूठी विशेषता यानि एक बांड के साथ प्रदान किया जाता है। यह एक सर्विस बांड या एडमिशन बांड हो सकता है। पहला पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद राज्य की सेवा के लिए है, जबकि दूसरा बीच में पढ़ाई बंद करने या अन्य कॉलेजों में स्थानांतरित होने को हतोत्साहित करने के लिए है।

    नीट यूजी बांड (NEET UG Bonds) - एमबीबीएस प्रवेश में बांड के प्रकार, जुर्माना राशि
    नीट यूजी बांड

    एडमिशन बांड अधिकतर डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी और निजी मेडिकल कॉलेजों और कुछ सरकारी कॉलेजों के लिए लागू है। हालाँकि, छात्रों पर लागू सर्विस बांड उस राज्य के साथ भिन्न होता है जिसमें वे कोर्स कर रहे हैं। किसी भी मामले में, बांड की शर्तों का उल्लंघन करने पर बहुत भारी जुर्माना लगाया जा सकता है, जिसमें बिना पूरा किए कॉलेज छोड़ने पर 1 लाख रुपये से लेकर राज्य की सेवा नहीं करने पर भारी भरकम 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना शामिल है। बांड प्रणाली और इसके दंड मुख्य रूप से सार्वजनिक मेडिकल कॉलेजों के लिए मौजूद हैं जहां शिक्षा पर करदाताओं द्वारा अत्यधिक सब्सिडी दी जाती है।

    यहां, हम एमबीबीएस प्रवेश के लिए लागू राज्य-वार बांड पर नजर डालते हैं। नीट काउंसलिंग के बाद सीट आवंटन और पुष्टि के बाद छात्रों को इन बांडों पर हस्ताक्षर करना होगा। ज्यादातर मामलों में, यह एक नोटरीकृत दस्तावेज़ पर एक साधारण हस्ताक्षर है जो बांड क्लाउस बताता है और यदि छात्र प्रवेश नीतियों का पालन नहीं करते हैं तो यह लागू होता है। यहां उल्लिखित धाराएं ज्यादातर सरकारी कॉलेजों से संबंधित हैं जब तक कि अन्यथा निर्दिष्ट न किया गया हो।

    नीट बांड विवरण राज्य-वार (NEET UG: Bond Details State-Wise)

    अंडमान और निकोबार

    SRM Kattankulathur Dental College and Hospital, Kattankulathur

    Ranked #19 by NIRF, NAAC A++ Accredited | Recognized by dental council of India

    Parul University, Goa

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    • एडमिशन पाने वाले छात्रों को कम से कम एक वर्ष के लिए द्वीपों में ही सेवा करने की आवश्यकता है और डिफ़ॉल्ट के लिए जुर्माना 10 लाख रुपये है।

    • छात्रों को एक शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करना होगा कि वह डिग्री प्राप्त करने की तारीख से पांच साल की अवधि तक भारत नहीं छोड़ेंगे। डिफॉल्टरों को जुर्माने के तौर पर 10 लाख रुपये देने होंगे.

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    असम

    • सभी उम्मीदवारों को पाठ्यक्रम और इंटर्नशिप पूरा करना आवश्यक है।

    • यदि उम्मीदवारों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और/या किसी अन्य राज्य या केंद्रीय योजनाओं के तहत एजेंसियों, संस्थानों सहित राज्य सरकार के स्वास्थ्य या संबद्ध क्षेत्र में नियुक्ति की पेशकश की जाती है, तो उन्हें कम से कम पांच साल तक राज्य सरकार की सेवा करनी होगी।

    • छात्रों की सेवाओं का उपयोग असम के किसी भी अस्पताल या चिकित्सा संस्थानों में किया जा सकता है जहां डॉक्टर की आवश्यकता है।

    • इस समझौते के उल्लंघन पर एमबीबीएस छात्रों के लिए 30 लाख रुपये, बीडीएस के लिए 20 लाख रुपये का जुर्माना है।

    Krishnadevaraya College of Dental Sciences and Hospital, Bangalore

    Ranked among the top Dental Colleges for 7 consecutive years by India Today poll

    आंध्र प्रदेश

    • यदि कोई छात्र जो किसी कोर्स में शामिल होता है तथा वह मुफ्त निकास की अंतिम तिथि से पहले छोड़ देता है, तो उन्हें 3 लाख रुपये और 18% जीएसटी का भुगतान करना होगा।

    अरुणाचल प्रदेश

    • राज्य सरकार अधिकारियों द्वारा निर्धारित पारिश्रमिक पर छात्र को संविदात्मक या आपातकालीन अनिवार्य सेवा अधिनियम में संलग्न कर सकती है।

    • यदि छात्र को राज्य सरकार में नियमित रोजगार के लिए चुना जाता है, तो उन्हें ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में एक वर्ष सहित न्यूनतम तीन वर्षों तक राज्य की सेवा करनी होगी।

    • उल्लंघन के मामले में जुर्माना 10 लाख रुपये है।

    • यदि कोई छात्र स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम करना चाहता है या स्नातक होने के तुरंत बाद अरुणाचल प्रदेश या भारत के किसी अन्य राज्य या विदेश में किसी एनजीओ में शामिल होना चाहता है, तो उन्हें पहले 'अनापत्ति प्रमाणपत्र' (एनओसी) प्राप्त करना होगा। अभ्यावेदन का निस्तारण 90 दिवस के अन्दर किया जायेगा। सरकार इसे खारिज भी कर सकती है।

    सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज (एएफएमसी)

    • उम्मीदवारों को सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) में चिकित्सा अधिकारी के रूप में काम करना होगा।

    • बांड की राशि 61 लाख रुपये है।

    छत्तीसगढ़

    • सरकारी कॉलेज के छात्रों को ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा अधिकारी या सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जूनियर रजिस्ट्रार या जूनियर रेजिडेंट के रूप में दो साल तक काम करना होता है।

    • सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए जुर्माना 25 लाख रुपये है; आरक्षित श्रेणियों के लिए 20 लाख रुपये।

    दादर नगर हवेली

    • उम्मीदवारों को दादर और नगर हवेली या दमन और दीव, या किसी अन्य निर्दिष्ट स्थान पर दो साल तक सेवा करनी होगी।

    • उल्लंघन के लिए जुर्माना 10 लाख रुपये है।

    चिकित्सा विज्ञान संकाय (एफएमएससी) दिल्ली

    उम्मीदवारों को 3 लाख रुपये के बांड और दो जमानतदारों पर हस्ताक्षर करना होगा। जुर्माना लगाया जाएगा यदि

    • एक छात्र एमसीसी नियमों का उल्लंघन करते हुए संस्थान में शामिल होने के बाद सीट छोड़ देता है।

    • नीट काउंसलिंग के स्ट्रे वैकेंसी राउंड में सीट आवंटन के बाद छात्र संस्थान में शामिल नहीं होता है।

    • एक छात्र पाठ्यक्रम पूरा होने से पहले ही छोड़ देता है।

    • असंतोषजनक प्रदर्शन, कदाचार या अनुशासनहीनता के कारण प्रवेश रद्द या समाप्त किया जा सकता है।

    गोवा

    • पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद उम्मीदवारों को एक वर्ष तक सरकार की सेवा करनी होगी।

    • छोड़ने या सेवा न करने पर जुर्माना 10 लाख रुपये है।

    गुजरात

    • गुजरात मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सोसाइटी (जीएमईआरएस) कॉलेजों के स्नातकों को एक वर्ष की ग्रामीण सेवा करनी होगी।

    • उल्लंघन के लिए जुर्माना 2 लाख रुपये है। एमपी शाह गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, जामनगर के लिए जुर्माना 20 लाख रुपये है।

    • राज्य योजनाओं के माध्यम से वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को भी एक वर्ष की ग्रामीण सेवा करनी होगी या जुर्माने के रूप में 20 लाख रुपये का भुगतान करना होगा।

    हरियाणा

    • छात्र को 10 लाख रुपये के बांड पर हस्ताक्षर करना होगा; यदि छात्र सरकारी, सहायता प्राप्त या निजी कॉलेज छोड़ देता है तो राशि एकत्र की जाएगी।

    • डिफॉल्टरों को अगले तीन वर्षों के लिए एमबीबीएस या बीडीएस करने से रोक दिया जाएगा। यह प्रबंधन सीटों के लिए भी है।

    • निजी संस्थानों के मामले में, उम्मीदवारों को बांड राशि का भुगतान करना होगा और जिस सत्र को वे छोड़ रहे हैं उसका शैक्षणिक शुल्क और अगले सत्र के शैक्षणिक शुल्क का 50 प्रतिशत भी देना होगा।

    हिमाचल प्रदेश

    • जो अभ्यर्थी प्रवेश की अंतिम कट-ऑफ तिथि के बाद पाठ्यक्रम छोड़ते हैं, उन्हें पूरे पाठ्यक्रम की ट्यूशन फीस का भुगतान करना होगा।

    • प्रवेश के दौरान बांड राशि 10 रुपये है।

    झारखंड

    • सीट आवंटित होने पर प्रवेश की पुष्टि होनी चाहिए।

    • कोर्स छोड़ने पर 20 लाख रुपये का जुर्माना है।

    कर्नाटक

    • सरकारी अस्पताल में एक वर्ष की अनिवार्य ग्रामीण सेवा करनी होगी।

    • इस सेवा के पूरा होने तक उम्मीदवारों को केवल अस्थायी पंजीकरण मिलता है।

    केरल

    • प्रवेश शर्तों के उल्लंघन पर एमबीबीएस सीट के लिए 10 लाख रुपये, बीडीएस के लिए 5 लाख रुपये का जुर्माना।

    मध्य प्रदेश

    • एमबीबीएस के लिए 10 लाख रुपये और प्रवेश के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले बीडीएस उम्मीदवारों के लिए 5 लाख रुपये का जुर्माना है।

    • एक वर्ष की अनिवार्य ग्रामीण सेवा करनी होगी।

    • मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना द्वारा समर्थित छात्रों के लिए 5 वर्ष की अनिवार्य ग्रामीण सेवा।

    • सेवा शर्तों के उल्लंघन के लिए जुर्माना पाठ्यक्रम को समाप्त करने के समान है।

    महाराष्ट्र

    • सरकारी या नगरपालिका कॉलेज के छात्रों को इंटर्नशिप के बाद एक वर्ष के लिए राज्य या स्थानीय सरकार या रक्षा सेवाओं में सेवा देने का वादा करने वाले "सामाजिक जिम्मेदारी सेवा" बांड पर हस्ताक्षर करना होगा।

    • अनुपालन न करने पर जुर्माना 10 लाख रुपये है।

    • राज्य से शुल्क प्रतिपूर्ति या छात्रवृत्ति सहायता का लाभ उठाने वाले सरकारी सहायता प्राप्त और निजी गैर-सहायता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों के उम्मीदवारों को महाराष्ट्र के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में चिकित्सा अधिकारी के रूप में काम करना होगा।

    • उल्लंघन करने पर जुर्माना पूरी फीस और ब्याज लिया जाएगा है।

    • सामाजिक उत्तरदायित्व सेवा का आवंटन चिकित्सा शिक्षा अनुसंधान निदेशालय, मुंबई और स्वास्थ्य सेवा निदेशालय, महाराष्ट्र सरकार द्वारा किया जाता है।

    मणिपुर

    • कोर्स शुरू होने के बाद छोड़ने पर जुर्माना 2.5 लाख रुपये है।

    • कोर्स शुरू होने से पहले छोड़ने पर जुर्माना 1 लाख रुपये है।

    मेघालय

    • कोर्स पूरा होने के बाद 5 वर्ष की ग्रामीण सेवा करनी होगी।

    • छात्र को 30 लाख रुपये की जमानत के साथ एक बांड पर हस्ताक्षर करना होगा जिसे उल्लंघन के मामले में एकत्र किया जाएगा।

    ओडिशा

    • प्रवेश के बाद प्रवेश बंद करने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा।

    पुदुचेरी

    • कोर्स छोड़ने पर 4 लाख रुपये का जुर्माना लगता है।

    • काउंसलिंग बंद होने से एक दिन पहले विदड्रॉ करने वाले छात्रों को 20,000 रुपये का कॉशन डिपॉज़िट छोड़नी होगी।

    राजस्थान

    • सरकारी, सरकारी-सोसाइटी कॉलेजों और राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज (आरयूएचएस सीएमएस) के छात्रों को दो साल तक राज्य सरकार की सेवा करनी होगी।

    • अनुपालन न करने पर जुर्माना 5 लाख रुपये है।

    • किसी पाठ्यक्रम को छोड़ने पर समान दंड दिया जाएगा। आरयूएचएस सीएमएस या झालावाड़ मेडिकल कॉलेज (जेएमसी) झालावाड़ में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को एक अतिरिक्त बांड पर हस्ताक्षर करना होगा जिसमें कहा गया है कि यदि वे पाठ्यक्रम छोड़ते हैं तो वे पाठ्यक्रम के सभी शेष सेमेस्टर की फीस का भुगतान करेंगे।

    तमिलनाडु

    • ग्रामीण क्षेत्रों में पांच वर्ष सेवा करनी होगी।

    • उल्लंघन के मामले में 5 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा।

    • प्रवेश के बाद निर्धारित तिथि से पहले पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों पर 1 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा

    • उस तिथि के बाद छोड़ने पर 10 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा।

    तेलंगाना

    • छोड़ने की स्थिति में 3 लाख रुपये की बांड राशि का भुगतान करना होगा।

    त्रिपुरा

    • स्नातक स्तर की पढ़ाई के बाद पांच साल तक त्रिपुरा सरकार की सेवा करनी होगी।

    • सेवा न देने पर जुर्माना 20 लाख रुपये है।

    • प्रवेश के बाद और पूरा होने से पहले पाठ्यक्रम छोड़ने पर समान दंड है।

    उत्तर प्रदेश

    • स्नातक स्तर की पढ़ाई के बाद सरकार की दो साल की सेवा करनी होगी।

    • बांड के उल्लंघन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना।

    उत्तराखंड

    • सरकारी कॉलेजों के स्नातकों के लिए पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा अधिकारी के रूप में अनुबंध के आधार पर पांच साल तक सेवा करनी होगी।

    • अनुपालन न करने की स्थिति में जुर्माना 1 करोड़ रुपये है।

    पश्चिम बंगाल

    • छोड़ने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा।

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