MAHE Manipal BSc Nursing 2026
Last Date to Apply: 26th April | NAAC A++ Accredited | NIRF Rank #3
12वीं के बाद नीट के बिना किए जाने वाले मेडिकल कोर्स (Medical Courses Without NEET After 12th in Hindi) - मेडिकल कोर्सेज भारत में सबसे अधिक मांग वाले पाठ्यक्रमों में से एक हैं। हर साल, लाखों छात्र भारत के टॉप मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में शामिल होते हैं। लेकिन, ऐसे बहुत से छात्र हैं, जो हर साल नीट क्वालिफाई नहीं कर पाते पर मेडिकल के क्षेत्र में ही कॅरियर बनाना चाहते हैं। एम्स और जिपमर को नीट में शामिल कर दिए जाने के बाद से अब इस मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम में प्रतिस्पर्धा का स्तर और भी ज्यादा बढ़ गया है, इसलिए उम्मीदवार नीट एग्जाम के बिना किए जा सकने वाले मेडिकल कोर्स (bina neet ke medical course in hindi) के विकल्पों की तलाश करते रहते हैं। ऐसे में बिना नीट किए जा सकने वाले मेडिकल कोर्स कर कॅरियर संवारने का विकल्प बेहतर होंगे। यहां तक कि नीट की तैयारी करने वाले उम्मीदवार भी उन मेडिकल कोर्सों के बारे में जानना चाहते हैं जिनका चुनाव करने के लिए नीट परीक्षा में सफल होने की अनिवार्यता नहीं होती है। हालांकि नीट परीक्षा का आयोजन 3 मई को किया जाएगा। उम्मीदवार 8 फरवरी से 8 मार्च तक नीट 2026 आवेदन भर सकते हैं।
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ऐसे कई विकल्प उपलब्ध हैं जहां मेडिकल कोर्स करने के इच्छुक उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा सकते हैं और बेहतर नीट रिजल्ट लाए बिना भी शानदार वेतन वाली जॉब कर सकते हैं। ऐसे उम्मीदवार जो चिकित्सा के क्षेत्र में कॅरियर आगे बढ़ाना चाहते हैं, लेकिन नीट 2026 (NEET 2026 in hindi) परीक्षा के लिए उपस्थित नहीं होना चाहते हैं, वे भी इनका चुनाव कर सकते हैं। नीट के बिना किए जाने वाले मेडिकल कोर्स (without neet medical courses in Hindi) का अध्ययन भी आकर्षक कॅरियर अवसर प्रदान कर सकता है।
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मेडिकल फील्ड में काम करने के इच्छुक कई छात्र एमबीबीएस तथा बीडीएस जैसे प्रतिष्ठित कोर्सेज के अलावा 12वीं के बाद नीट के बिना उपलब्ध होने वाले मेडिकल कोर्स (medical courses after 12th without neet in hindi) के विकल्पों के बारे में भी जानना चाहते हैं। देश की इस एकमात्र सबसे बड़ी अंडरग्रेजुएट मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता पाए बिना किए जा सकने वाले कोर्सेज का विकल्प चुनने के लिए उम्मीदवारों को पता होना चाहिए कि नीट के बिना किए जा सकने वाले मेडिकल कोर्स (Medical courses without NEET in hindi) कौन से हैं। नीट के बिना मेडिकल कोर्सेज और इसके लिए पात्रता और तैयारी की पूरी जानकारी के लिए इस लेख को विस्तार से पढ़ें।
पैरामेडिकल कोर्सेजः 10वीं, 12वीं के बाद बेहतर विकल्प कौन-कौन से हैं
नीट 2026 के बिना जिन मेडिकल कोर्सेज को किया जा सकता है, उनमें फ्लेबोटोमिस्ट्स (रक्त का नमूना लेने वाले), मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट, पोषण विशेषज्ञ (न्यूट्रीशनिस्ट), फिजीशियन असिस्टेंट आदि जैसे कोर्स शामिल हैं। ऐसे उम्मीदवारों को ध्यान देना होगा कि किसी भी परिस्थिति में उन्हें एमबीबीएस डॉक्टर नहीं कहा जाएगा, हालांकि इन क्षेत्रों के कुछ खास लाभ भी हैं। ऊपर बताए गए इन कोर्सेज के बारे में अधिक जानने के लिए उम्मीदवार "नीट के बिना मेडिकल कोर्स" (Medical courses without NEET in Hindi) पर केंद्रित इस लेख को पूरा पढ़ सकते हैं। यहां मेडिकल उम्मीदवारों को उनके लिए उपलब्ध ऐसे कई विभिन्न विकल्पों की एक सूची मिलेगी।
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नीट के बिना मेडिकल कोर्स के लिए पात्रता (Eligibility for medical courses without NEET in hindi)
नीट एग्जाम के बिना कक्षा 12वीं के बाद चिकित्सा पाठ्यक्रमों का विकल्प चुनने के लिए चिकित्सा उम्मीदवारों को कुछ शर्तों को पूरा करने की आवश्यकता होती है, ताकि वे इसके लिए योग्य हो सकें। इसमें शामिल हैं:
न्यूनतम वांछित प्रतिशत के साथ कक्षा 12वीं उत्तीर्ण
भौतिकी, रसायन विज्ञान तथा जीव विज्ञान/गणित (पीसीबी/पीसीएम) की पढ़ाई की हो
बेहतर करने का उत्साह
कुछ विश्वविद्यालयों में प्रवेश परीक्षाएं भी हो सकती हैं
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उम्मीदवार उन पाठ्यक्रमों के बारे में जान जा सकते हैं जिनके लिए वे नीट में अर्हता प्राप्त किए बिना आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवारों को कक्षा 12 के बाद नीट के बिना चुने जा सकने वाले पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करने के लिए तय पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा।
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नर्सिंग एक पेशेवर पाठ्यक्रम है जो उम्मीदवारों को चिकित्सा के माध्यम से मानवता की सेवा के लिए तैयार करता है। न केवल मानवता का इलाज करने के लिए बल्कि, जरूरतमंदों के प्रति उम्मीदवारों में स्नेह, देखभाल और धैर्य के गुण भी बीएससी नर्सिंग प्रोग्राम विकसित करता है। यह चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र का 4 वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम है। नर्सिंग पाठ्यक्रम से स्नातक होने के बाद उम्मीदवार स्टाफ नर्स, रजिस्टर्ड नर्स (आरएन), नर्स शिक्षक, मेडिकल कोडर आदि के रूप में सेवाएं दे सकते हैं। नर्सिंग के लिए वैसे तो नीट अनिवार्य नहीं है लेकिन अब कई राज्यों में नीट स्कोर के माध्यम से बीएससी नर्सिंग एडमिशन होने लगे हैं। यह भी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के उन शीर्ष पाठ्यक्रम विकल्पों में से एक है जिसको बिना नीट के कोई भी कर सकता है।
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फार्मेसी दवा विज्ञान के अंतर्गत आने वाले हैं विभिन्न विषयों जैसे कि ड्रग सेफ्टी, खोज, मेडिकल केमिस्ट्री, औद्योगिक फार्मेसी तथा कई अन्य के अध्ययन का कोर्स है। जो फार्मासिस्ट फार्मासिस्ट बनना चाहते हैं, वे 12वीं के बाद B.PHARMACY का विकल्प चुन सकते हैं और इसके लिए उम्मीदवारों को नीट में उपस्थित होना और अर्हता पाना अनिवार्य नहीं होता है। बीफार्म एक स्नातक डिग्री कार्यक्रम है जहां छात्रों को फार्मेसी की मूल बातें सिखाई जाती हैं। बी.फार्म करने के बाद छात्रों के लिए कॅरियर के कई अवसर हैं, सरकारी से लेकर निजी क्षेत्र तक या फिर खुद का व्यवसाय स्थापित कर सकते हैं। उम्मीदवार केमिकल टेक्नीशियन, ड्रग इंस्पेक्टर, हेल्थ इंस्पेक्टर, फार्मासिस्ट आदि बनने के विकल्प को भी चुन सकते हैं।
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फिजियोथेरेपी उपचार के उस तरीके के अध्ययन से संबंधित है जिसमें भौतिक बलों जैसे कि ऊष्मा, बिजली, यांत्रिक दबाव और यांत्रिक बलों के माध्यम से उपचार किया जाता है। फिजियोथेरेपी को नीट के बिना किए जा सकने वाले चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र का संतोषजनक और लाभदायक कॅरियर माना जाता है। बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (Bachelor of Physiotherapy) एक स्नातक कार्यक्रम है जिसमें छात्र विकारों को शारीरिक गतिविधि के जरिए ठीक करना सीखते हैं। फिजियोथेरेपी या बीपीटी में स्नातक करने के बाद, उम्मीदवार के पास कई कॅरियर विकल्प होंगे जैसे कि स्वास्थ्य और फिटनेस क्लिनिक, विशेष स्कूल, औद्योगिक स्वास्थ्य के लिए उद्योग, फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में सेवा देना।
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पशु चिकित्सा विज्ञान सभी जानवरों के रोगों के उपचार और डायग्नोस्टिक से संबंधित है। पशु चिकित्सा के बारे में जानने या अध्ययन करने के इच्छुक उम्मीदवार कक्षा 12 के बाद बैचलर इन वेटरनरी साइंस (Bachelor in Veterinary Science) का विकल्प चुन सकते हैं। यह एक स्नातक की डिग्री प्रोग्राम है जो 5.5 वर्ष की होती है जिसमें अंतिम 6 महीने जानवरों के उपचार से संबंधित चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में अनिवार्य इंटर्नशिप के होते हैं जिसे आम तौर पर पशु चिकित्सा विज्ञान के रूप में जाना जाता है। बीवीएससी ग्रैजुएट डॉक्टर बनते हैं और पशु सर्जरी के क्षेत्र में सेवाएं दे सकते हैं और पशुचिकित्सा सर्जन, सहायक पशुचिकित्सक, वेटरनरी फार्मकोलॉजिस्ट वेटरनरी न्यूरोलॉजिस्ट आदि के रूप में काम कर सकते हैं।
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अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन के अनुसार, मनोविज्ञान (Psychology) मानव मन और व्यवहार का वैज्ञानिक अध्ययन है। इस कोर्स में मानव विकास, खेल, स्वास्थ्य, नैदानिक, सामाजिक व्यवहार और संज्ञानात्मक प्रक्रिया जैसे कई उपक्षेत्र शामिल होते हैं। उम्मीदवार 12वीं के बाद बिना नीट के बीए ऑनर्स साइकोलॉजी का विकल्प चुन सकते हैं। यह पूर्णकालिक तीन वर्षीय स्नातक डिग्री पाठ्यक्रम है। स्नातक करने के बाद उम्मीदवारों को निजी और सरकारी क्षेत्रों में आसानी से नौकरी मिल सकती है। उन्हें विश्वविद्यालयों, सरकारी एजेंसियों, क्लीनिकों, स्कूलों और अस्पतालों में नौकरी मिल जाती है। मनोविज्ञान स्नातक न केवल मनोवैज्ञानिक हैं, बल्कि एक सलाहकार, सीमा बल अधिकारी, मध्यस्थ, न्यूरोसाइंटिस्ट आदि के रूप में नौकरी पाते हैं।
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इन व्यवसायों में कार्य और पारिश्रमिक का दायरा अनुभव, विशेषज्ञता और योग्यता में वृद्धि के साथ बढ़ता जाता है। ये पेशेवर डॉक्टरों के साथ या स्वतंत्र शोधकर्ताओं के रूप में काम कर सकते हैं या अपनी स्वतंत्र प्रैक्टिस भी कर सकते हैं। नीचे नीट के बिना 12वीं के बाद बेस्ट मेडिकल कोर्सों (best medical courses after 12th without neet) की जानकारी दी गई है। इसका लाभ लें-
वैकल्पिक मेडिकल कॅरियर क्षेत्र (Alternative Medical Career Field) | कोर्स और अवधि |
ऑक्युपेशनल थेरेपिस्ट (Occupational therapists) सभी उम्र के लोगों को बेहतर शारीरिक या मानसिक बीमारी या चोट से उबरने में मदद करके बेहतर और अच्छा जीवन जीने में मदद करते हैं। रोगी की बीमारी का कारण चोट, दुर्घटना, लंबे समय से चली आ रही बीमारी, लकवा, स्ट्रोक, ऑटिज्म, वृद्धावस्था या किसी अन्य चीज हो सकती है। ऑक्युपेशनल थेरेपिस्ट नैदानिक सेटिंग्स में गैर सरकारी संगठनों और अन्य लोगों के स्कूलों में ग्राहकों के साथ काम कर सकते हैं। वे व्यायाम, कार्यात्मक प्रशिक्षण, पर्यावरण पुनर्गठन आदि का उपयोग करते हैं। पुनर्वास उपकरण के रूप में। | बैचलर ऑफ ऑक्युपेशनल थेरेपी (4.5 वर्ष) डिप्लोमा इन रिहैबिलिटेशन (ऑक्युपेशनल थेरेपी) (1 वर्ष) |
जैव प्रौद्योगिकीविद (Biotechnologists) जीवन के समग्र गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से उत्पादों और प्रक्रियाओं को विकसित/आविष्कार करने के लिए जीव विज्ञान और प्रौद्योगिकी के ज्ञान को संश्लेषित करते हैं। इसमें सूक्ष्मजीवों आदि के आनुवंशिक हेरफेर का अध्ययन शामिल हो सकता है। बायोटेक्नोलॉजिस्ट कृषि, फार्मा, भोजन, जीनोमिक्स, केमिस्ट्री, आदि जैसे क्षेत्रों से जुड़े विस्तृत विषयों के शोध वातावरण में काम कर सकते हैं। | बीएससी इन बायोट्क्नोलॉजी (3 वर्ष) |
जहां जैव प्रौद्योगिकीविदों ने प्रौद्योगिकी के साथ प्राकृतिक विज्ञान की जुड़ाव वाले व्यापक दायरे में कार्य करते हैं वहीं बायोमेडिकल इंजीनियर (Biomedical engineers) बीमारियों के कारण, आविष्कार/समाधान विकसित करने, आदि को समझने के लिए प्रौद्योगिकी की मदद से दवाओं के प्रभाव का अध्ययन करते हैं। बायोमेडिकल इंजीनियरिंग एक नया क्षेत्र है। बायोमेडिकल रिसर्च लैब्स के इंजीनियर मजबूत चिकित्सा प्रौद्योगिकी, जैव सूचना विज्ञान प्रणाली आदि के निर्माण में अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करने के लिए डॉक्टरों और वैज्ञानिकों के साथ जुड़ सकते हैं या उनकी सहायता कर सकते हैं। | |
माइक्रोबायोलॉजिस्ट (नॉन-क्लीनिकल) माइक्रोबायोलॉजिस्ट (सूक्ष्मजीवविज्ञानी) हमारे आस-पास विभिन्न सामग्रियों जैसे मिट्टी, पानी, भोजन, मनुष्यों और पौधों में मौजूद सूक्ष्म जीवों का अध्ययन करते हैं। वे सुनिश्चित करते हैं कि हम जो भोजन करते हैं और जिस वातावरण में हम रहते हैं वह सुरक्षित हो। माइक्रोबायोलॉजिस्ट (Microbiologist) रिसर्च लैब, फूड इंडस्ट्री, डिस्टिलरी, एग्रीकल्चर आदि सहित वातावरण में काम कर सकते हैं। वे सरकारी नौकरियों के लिए भी जा सकते हैं और संबंधित विभागों के लिए सुरक्षा अधिकारियों के रूप में काम कर सकते हैं। | बीएससी माइक्रोबायोलॉजी (3 वर्ष) |
कार्डियोवेस्कुलर टेक्नोलॉजिस्ट कार्डियोवेस्कुलर टेक्नोलॉजिस्ट चिकित्सकों को दिल और रक्त वाहिका संबंधी बीमारियों के समय पर और सही निदान और उपचार में सहायता करते हैं। वे रोगियों पर परीक्षण, अल्ट्रासाउंड और अन्य हृदय प्रक्रियाओं का प्रदर्शन करते हैं, उनकी फाइलों की समीक्षा करते हैं और उनकी निगरानी करते हैं। कार्डियोवेस्कुलर टेक्नोलॉजिस्ट अस्पतालों और क्लीनिकों में काम करते हैं जहां चिकित्सक मौजूद हैं। वे परीक्षण प्रयोगशालाओं में भी कार्यरत हो सकते हैं। | बीएससी कार्डिएक या कार्डियोवेस्कुलर टेक्नोलॉजी (4 वर्ष) |
परफ्यूजनिस्ट (Perfusionist) विशेषज्ञ स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर हैं जो जानते हैं कि ऑपरेशन थियेटर में मशीनों को कैसे संचालित किया जाए और सर्जिकल प्रक्रियाओं के दौरान मरीज को जीवित रखा जाए। उदाहरण के लिए ओपेन हार्ट या लंग सर्जरी के दौरान जबकि डॉक्टर अंग पर काम करते हैं परफ्यूजनिस्ट यह सुनिश्चित करते हैं कि शरीर में अंगों को जीवित रखने के लिए रक्त प्रवाहित होता रहे। परफ्यूजनिस्ट विशेषज्ञ सर्जन और अन्य स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों के साथ बातचीत करते हैं ताकि उन्हें महत्वपूर्ण चिकित्सा प्रक्रियाओं में सीधे मदद मिल सके। वे अस्पतालों और नैदानिक केंद्रों में काम कर सकते हैं। | बेचलर ऑफ परफ्यूजन टेक्नोलॉजी या बीएससी कार्डियो पल्मोनरी परफ्यूजन टेक्नोलॉजी (3-4 वर्ष) |
रिस्पिरेटरी थेरेपिस्ट रेस्पिरेटरी थेरेपिस्ट (Respiratory Therapists) उन मरीजों की देखभाल करते हैं, जिन्हें सांस लेने की समस्या या पल्मोनरी सिस्टम से संबंधित समस्याएं होती हैं। उनके मरीज़ विविध आयु समूहों से आते हैं, शिशुओं से लेकर वृद्ध लोग। वे इनको और ट्रॉमा रोगियों को जीवन रक्षक देखभाल भी प्रदान करते हैं। रेस्पिरेटरी थेरेपिस्ट गंभीर देखभाल वाले अस्पताल और क्लीनिकों में काम कर सकते हैं, जैसे -आपातकालीन देखभाल, आईसीयू, नवजात शिशु इकाई, आदि। | बैचलर ऑफ रेस्पिरेटरी थेरेपी (4 वर्ष) |
पोषण विशेषज्ञ (सार्वजनिक स्वास्थ्य पोषण, खेल पोषण विशेषज्ञ, आदि) पोषण विशेषज्ञ (Nutritionist) मरीजों को उनकी स्थिति, एलर्जी आदि को समझने के बाद स्वास्थ्य और भोजन के विकल्प पर सलाह देते हैं। जबकि आहार विशेषज्ञ भोजन चार्ट बनाने और रोगियों के खाने की आदतों का प्रबंधन करने के लिए विशेषज्ञता रखते हैं, पोषण विशेषज्ञ मुख्य रूप से स्वस्थ भोजन के माध्यम से एक स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने से संबंधित होते हैं। एडवांस डिग्री और विशेषज्ञता के साथ, पोषण विशेषज्ञ आहार विशेषज्ञ की भूमिका भी निभा सकते हैं। पोषण विशेषज्ञ स्वतंत्र रूप से या अस्पताल या क्लिनिक के साथ काम कर सकते हैं। वे किसी विशेष क्षेत्र जैसे खेल, सार्वजनिक स्वास्थ्य, खाद्य प्रौद्योगिकी आदि में भी विशेषज्ञता प्राप्त कर सकते हैं और फिर संबंधित उद्योग में शामिल हों। | बीएससी इन न्यूट्रिशन ऐंड डाइटेटिक्स (3 वर्ष); या बीएससी इन क्लीनिकल न्यूट्रिशन ऐंड डाइटेटिक्स (3 वर्ष); या बीएससी इन ह्यूमन न्यूट्रिशन (3 वर्ष) |
मनोवैज्ञानिक (Psychologist) लोगों को चिकित्सीय विधियों, मनोविश्लेषण और परीक्षणों के माध्यम से जीवन और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों से प्रभावी ढंग से निपटने में मदद करते हैं। नैदानिक विशेषज्ञता वाले मनोवैज्ञानिक भी रोगी के जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उपयुक्त दवा का सुझाव दे सकते हैं। मनोवैज्ञानिक अस्पतालों, क्लीनिकों, स्कूलों आदि में काम कर सकते हैं। या स्वतंत्र रूप से काम करते हैं। | बैचलर इन साइकोलॉजी (3 वर्ष) |
साइटोजेनेटिसिस्ट साइटोजेनेटिसिस्ट गुणसूत्रों का अध्ययन आनुवंशिक विकारों और रोगों का पता लगाने के लिए करते हैं। वे रक्त, ऊतक और अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के माध्यम से आनुवंशिक रोगों का पता लगाने, विश्लेषण और व्याख्या करने का काम करते हैं। वे माइक्रोस्कोपी फोटोग्राफी डीएनए तकनीक आदि का उपयोग करते हैं। आनुवंशिक विसंगतियों का पता लगाने के लिए। साइटोजेनेटिसिस्टअस्पतालों, क्लीनिकों और अनुसंधान प्रयोगशालाओं में काम करते हैं। इनके कार्य में अजन्मे शिशुओं और अन्य रोगियों पर परीक्षण शामिल है। भारत में यह एक उभरता क्षेत्र है। साइटोजेनेटिक्स में विशेषज्ञता मास्टर स्तर पर मिलती है और इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के इच्छुक लोग स्नातक स्तर पर आनुवंशिकी या जैव प्रौद्योगिकी की डिग्री का विकल्प चुन सकते हैं। | बीएससी जेनेटिक्स (3 वर्ष); या बीएससी बायोटेक्नोलॉजी (3 वर्ष) |
चिकित्सा संबंधी महत्वपूर्ण लेख
ऊपर सूचीबद्ध वैकल्पिक चिकित्सा करियर के अलावा, NEET के बिना बहुत से अन्य चिकित्सा पाठ्यक्रम हैं, जिन्हें नीचे दी गई सूची से जांचा जा सकता है:
एडवांस्ड केयर पैरामेडिक
एनेस्थीसिया असिस्टेंट औ टेक्नोलॉजिस्ट
एनाटॉमी (गैर-नैदानिक)
असिस्टेंट बिहैवियर एनालिस्ट
बिहैवियर एनालिस्ट
बायोकेमिस्ट्री
बर्न केयर टेक्नोलॉजिस्ट
सेल जेनेटिसिस्ट
क्लिनिकल कोडर
क्लिनिकल सोशल वर्कर (काउंसलर के अलावा)
क्रिटिकल केयर या इंटेसिव केयर यूनिट (ICU) टेक्नोलॉजिस्ट
साइटोटेक्नोलॉजिस्ट
डायग्नोस्टिक मेडिकल रेडियोग्राफर
डायग्नोस्टिक मेडिकल सोनोग्राफर
डायलिसिस थेरेपी टेक्नोलॉजिस्ट
डायटिशियन, क्लीनिकल डायटिशियन सहित, फूड सर्विस डायटिशियन
इकोलॉजिस्ट
इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी) टेक्नोलॉजिस्ट या इकोकार्डियोग्राम (ईसीएचओ) टेक्नोलॉजिस्ट
इलेक्ट्रोएन्सेफ्लोग्राम (ईईजी) या इलेक्ट्रोन्यूरोडाइग्नॉस्टिक (ईएनडी) या इलेक्ट्रोमायोग्राफी (ईएमजी) टेक्नोलॉजिस्ट या न्यूरो लैब टेक्नोलॉजिस्ट
इमरजेंसी मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट (पैरामेडिक) या इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन - बेसिक
एंडोस्कोपी और लैप्रोस्कोपी टेक्नोलॉजिस्ट
पर्यावरण संरक्षण अधिकारी
फोरेंसिक साइंस टेक्नोलॉजिस्ट
हेल्थ एजुकेटर, डिजीज काउंसलर, डायबिटीज एजुकेटर, लैक्टेशन कंसल्टेंट
स्वास्थ्य सूचना प्रबंधन सहायक, चिकित्सा सचिव
प्रतिलेखन (मेडिकल रिकॉर्ड तकनीशियन या मेडिकल रिकॉर्ड एनालिस्ट सहित)
स्वास्थ्य सूचना प्रबंधन प्रौद्योगिकीविद्
हिमैटो-टेक्नोलॉजिस्ट
हिस्टो-टेक्नोलॉजिस्ट
ह्यूमन इम्यूनोडिफ़िशिएंसी वायरस (एचआईवी) परामर्शदाता या परिवार नियोजन परामर्शदाता
इंटीग्रेटेड बिहैवियरल हेल्थ काउंसलर
चिकित्सा उपकरण प्रौद्योगिकीविद्
चिकित्सा प्रयोगशाला प्रौद्योगिकीविद्
मानसिक स्वास्थ्य सहायता कार्यकर्ता
मॉलिक्युलर बायोलॉजिस्ट (गैर-नैदानिक)
मॉलिक्युलर जेनेटिसिस्ट
मूवमेंट थेरेपिस्ट, आर्ट, डांस ऐंड मूवमेंट थेरेपिस्ट या रिक्रिएशनल थेरेपिस्ट
न्यूक्लियर मेडिसिन टेक्नोलॉजिस्ट
ऑक्युपेशनल हेल्थ ऐंड सेफ्टी ऑफिसर
ऑपरेशन थियेटर (ओटी) टेक्नोलॉजिस्ट
नेत्र सहायक
ऑप्टोमेट्रिस्ट
फिजिशियन असिस्टेंट और एसोसिएट
फिजियोलॉजी (गैर-नैदानिक)
फिजियोथेरेपिस्ट, जीरियाट्रिक फिजिकल थेरेपिस्ट, आर्थोपेडिक फिजिकल थेरेपिस्ट, पीडियाट्रिक फिजिकल थेरेपिस्ट सहित
पोडियाट्रिस्ट
रेडियोलॉजी और इमेजिंग टेक्नोलॉजिस्ट या सहायक (मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (MRI), कंप्यूटेड टोमोग्राफी (CT), मैमोग्राफी)
रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजिस्ट
स्लीप लैब टेक्नोलॉजिस्ट और कई अन्य
इसलिए इच्छुक उम्मीदवार नीट के बिना किसी भी मेडिकल कोर्स का विकल्प चुन सकते हैं, जो पूर्वोक्त हैं। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि यदि वे नीट एग्जाम 2026 में कम अंक पाते हैं, तो भी बहुत अधिक चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। नीट मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए क्वालिफाई न कर पाने के बावजूद भी अब मेडिकल फील्ड से जुड़ने के लिए बहुत सारे विकल्प छात्रों के पास मौजूद हैं।
12 वीं के बाद मेडिकल कोर्स और neet के बिना 12 वीं के बाद मेडिकल कोर्स करने के इच्छुक उम्मीदवार इस लेख की मदद से अपने लिए उपयुक्त कॅरियर विकल्प का चुनाव कर सकते हैं। बहुत से विकल्पों की सूची लेख में मिल जाएगी। बिना नीट के बीएएमएस कैसे करें (bina neet ke bams kaise kare), नीट के बिना एमबीबीएस (mbbs without neet) और क्या मैं नीट के बिना एमबीबीएस कर सकता हूं(can i do mbbs without neet) जैसे प्रश्न छात्रों के मन में आते हैं। जहां तक बात नीट के बिना एमबीबीएस कोर्स करने की है तो भारत में तो ऐसा फिलहाल संभव नहीं है। बिना नीट क्वालीफाई किए विदेश से आप जरूर एमबीबीएस की पढ़ाई कर सकते हैं लेकिन ऐसे चिकित्सकों को वर्तमान नियमों के अनुसार भारत देश में प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि नीट क्वालीफाई करने के बाद विदेश से एमबीबीएस करते हैं तो भारत में प्रैक्टस करने की अनुमति एफएमजीई में सफलता पाकर पा सकते हैं। भारतीय चिकित्सा संस्थान बीएएमएस में प्रवेश भी नीट से देते हैं ऐसे में नीट के बिना बीएएमएस नहीं कर पाएंगे।
अक्सर नीट में सफलता के अपने अवसर कम देखने वाले और कुछ छात्र एमबीबीएस के विकल्प के तौर पर नीट के बिना कौन सा मेडिकल कोर्स बेस्ट है (which medical course is best without neet in hindi), 12वीं के बाद पैरामेडिकल कोर्स (paramedical courses after 12th without neet in hindi) आदि की जानकारी चाहते हैं। ऐसे उम्मीदवारों को निश्चित तौर पर इस लेख से मदद मिलेगी
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Frequently Asked Questions (FAQs)
जो उम्मीदवार नीट 2026 के बिना मेडिकल कोर्स करना चाहते हैं, उन्हें मुख्य विषयों के रूप में भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान/गणित (PCB/PCM) के साथ कक्षा 12 परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए।
अधिकारियों के अनुसार नीट के बिना मेडिकल कोर्स को करने के लिए कई कॉलेजों में कोई प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होती है। उम्मीदवारों को सिर्फ मूल पात्रता शर्तों को पूरा करना होता है।
नीट 2026 के बिना कोर्स का चयन करने वाले उम्मीदवार प्रैक्टिस कर सकते हैं या अन्य विकल्पों के साथ ही अच्छे वेतन पैकेज पर दूसरों को ऑक्युपेशनल थेरेपी, परफ्यूजनिस्ट, साइकोलॉजिस्ट आदि के टॉपिक्स पढ़ा सकते हैं।
बायोमेडिकल इंजीनियर बनने के लिए, बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी इन बायोमेडिकल इंजीनियरिंग का 4 वर्षीय कोर्स करना पड़ेगा।
निश्चित तौर पर नीट के बिना भी एमबीबीएस किया जा सकता है, लेकिन भारत देश में नहीं। इसके अलावा यदि आपने नीट क्वालीफाई किए बिना विदेश से एमबीबीएस कोर्स किया है तो फिर आप भारत में डॉक्टरी की प्रैक्टिस भी नहीं कर पाएंगे। यदि आप ऐसे में भी नीट के बिना एमबीबीएस करना चाहें तो कर सकते हैं।
नीट क्वालीफाई करने के बाद यदि आप विदेश से एमबीबीएस करते हैं तो भारत में प्रैक्टिस करने के लिए आपको एफएमजीई में सफलता पानी होगी। FMGE क्लियर करने के बाद आप विदेश से एमबीबीएस किए होने के बाद भी भारत में प्रैक्टिस कर सकेंगे।
जिस कोर्स की पढ़ाई अच्छे से की जाएगी वही कोर्स आपके लिए बेस्ट होगा। ऐसे में जिस कोर्स में आपकी रुचि है और जिसमें आप दूसरों से बेहतर होंगे वह कोर्स आपके लिए अच्छा होगा। इस लेख में नर्सिंग, फार्मेंसी, फिजियोथेरेपी, वेटरनरी जैसे कई कोर्सों की सूची दी गई है, रुचि के अनुसार अपने लिए सर्वोत्तम का चुनाव करें।
On Question asked by student community
Hi,
You need to visit the college and contact the principal to check if you are eligible for semester exams of 1st year. If required, you need to reapply for admission in first year to maintain a regular degree.
Hi you do not need to appear for a separate institute-level entrance exam to get admission into the Bachelor of Physiotherapy (BPT) programme at Indira Gandhi Institute of Medical Sciences, Patna , if you have already taken NEET-UG.
Admission to the BPT course at IGIMS is based entirely on your
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