नीट 2023 टॉपर इंटरव्यू कौस्तव बाउरी (NEET 2023 Topper Interview Kaustav Bauri in hindi) : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 13 जून को neet.nta.nic.in पर अत्यधिक अपेक्षित नीट यूजी 2023 रिजल्ट (NEET UG 2023 Result in hindi) की घोषणा की है। रिजल्ट के साथ ही एनटीए ने नीट 2023 टॉपर्स लिस्ट (NEET 2023 Toppers List in hindi) भी जारी कर दी है। आपको बता दें कि इस वर्ष कुल 20,87,449 उम्मीदवार 07 मई को आयोजित नीट परीक्षा (NEET exam in hindi) में उपस्थित हुए थे। इतने उम्मीदवारों के बीच नीट टॉपर का स्थान प्राप्त करना गौरव की बात है।
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ऐसे में पढिए नीट 2023 टॉपर कौस्तव बाउरी का इंटरव्यू (NEET 2023 Topper Kaustav Bauri interview in hindi) से, जिनके समर्पण, उनके माता-पिता के अटूट समर्थन और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उन्हें अपनी खुद की अपेक्षाओं को पार करने में मदद की। तमिलनाडु के कौस्तव, जिनके पिता आईआईटी मद्रास में प्रोफेसर हैं, ने 720 में से 716 अंक हासिल किए हैं।
कौस्तव की विज्ञान में रुचि और उनकी मां के समर्थन ने उन्हें मेडिकल को करियर के रूप में चुनने और नीट 2023 के लिए उपस्थित होने के लिए प्रेरणा और अनुनय दिया। कौस्तव ने अपनी नीट की सफलता के लिए अपने माता-पिता और आकाश बायजू के अपने शिक्षकों को श्रेय दिया।
Careers360 के साथ बातचीत में, नीट टॉपर (NEET Topper in hindi) कौस्तव बाउरी (AIR 3), नीट 2023 टॉपर (NEET 2023 Topper in hindi) के अपने अनुभव, चुनौतियों और अंतर्दृष्टि को साझा किया, जिसने उन्हें भारत की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षा में से एक में शीर्ष रैंक हासिल करने में मदद की।
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Careers360 : सबसे पहले आपको नीट 2023 रिजल्ट के लिए बधाई! इस उपलब्धि के बारे में अपनी भावनाएं साझा करें?
कौस्तव बाउरी : मैं अभिभूत महसूस कर रहा हूँ, वास्तव में बहुत खुश हूँ। यह परिणाम मेरी उम्मीदों से भी परे था।
Careers360 : अपने बारे में हमें कुछ बताइए। आपने अपनी स्कूली शिक्षा कहाँ से पूरी की और साथ ही अपने परिवार के बारे में भी कुछ बताइए?
कौस्तव बाउरी : मैंने अपनी स्कूली शिक्षा आईआईटी मद्रास के केंद्रीय विद्यालय से पूरी की। मेरे पिता IIT मद्रास में प्रोफेसर हैं और मेरी माँ Accenture में HR लीड के रूप में काम करती हैं। यह एक कॉर्पोरेट कंपनी है। असल में मेरे माता-पिता ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने में मुझे काफी समर्थन दिया और विशेषकर मेरी मां, जो मुझे निरंतर 700 से अधिक अंक प्राप्त करने के प्रेरित करती रहीं। उसी का नतीजा है कि अंत में, नीट रिजल्ट में मैंने अपनी उम्मीदों के साथ-साथ उनकी उम्मीदों के भी ऊपर प्रदर्शन कर दिखाया।
Careers360 : आपको चिकित्सा को करियर के रूप में चुनने के लिए किस चीज ने प्रेरित किया? आपने डॉक्टर बनने का फैसला कब किया?
कौस्तव बाउरी : विज्ञान में मेरी रुचि इसका मुख्य कारण थी। इसके अलावा, आप जानते हैं कि मेरी मां ने मुझे चिकित्सा को करियर के रूप में चुनने के लिए प्रेरणा और अनुनय दिया। इसलिए 11वीं कक्षा में मैंने आकाश में मेडिकल कोचिंग करने का फैसला किया।
Careers360 : यह देखते हुए कि इतना व्यस्त कार्यक्रम है, ऐसे में आपने इसे कैसे मैनेज किया?
कौस्तव बाउरी : मुझे कब पढ़ना चाहिए और कब नहीं पढ़ना चाहिए, इसको लेकर मैंने कोई निश्चित शेड्यूल नहीं बनाया था। मेरा मतलब है, मैं जब चाहता था तब पढ़ाई करता था, लेकिन इस दौरान मैं ध्यानपूर्वक पढ़ाई करता था। मैं अपना ध्यान अन्य चीजों की ओर नहीं ले जाना चाहता, इसलिए मैंने इस दौरान पूरी कोशिश ध्यानपूर्वक पढ़ाई करने को लेकर की।
Careers360 : सबसे चुनौतीपूर्ण विषय कौन से थे या आपने इसमें महारत हासिल करने में आने वाली कठिनाइयों को कैसे दूर किया?
कौस्तव बाउरी : पहले प्रोजेक्ट में कुछ दिक्कतें आईं, मुझे 11वीं में 12वीं के सिलेबस को पूरा करने के बाद नीट सिलेबस को भी कवर करना पड़ा। हालांकि, बैकलॉग आदि को लेकर कहूँ तो ऐसा कोई विशेष विषय नहीं था जो मुझे कठिन लगा हो, लेकिन जिस विषय को लेकर मुझे सबसे ज्यादा मेहनत करनी पड़ी थी, वो फिजिक्स था।
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Careers360 : तैयारी के समय के दौरान क्या आपने आत्म-संदेह का भी सामना किया, यदि हां, तो इस दौरान किस चीज ने आपको अपने लक्ष्य पर दोबारा ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया?
कौस्तव बाउरी : हां, कुछ मॉक टेस्ट में उम्मीद अनुसार अंक प्राप्त नहीं होने पर, थोड़ी निराशा जरूर हुई थी, लेकिन मेरे शिक्षकों और माता-पिता ने इस दौरान मुझे हिम्मत दी और समझाया कि अंत में सब ठीक हो जाएगा। इस दौरान स्वयं से भी खुद को प्रेरित करना पड़ा कि यदि सही मेहनत की जाए तो उसका फल जरूर मिलेगा। इसलिए मैंने हार नहीं मानी, मेहनत करता रहा और अंत में मुझे इसका परिणाम भी मिला।
Careers360 : अपने अकादमिक अध्ययन के अलावा, क्या आप अन्य गतिविधियों में भी हिस्सा लेते थे या सीधे शब्दों में कहें तो तैयारी के समय में आपका कोई हॉबी थी?
कौस्तव बाउरी : मैं शतरंज खेलता हूं, मैं बाहर जाकर फुटबॉल, बैडमिंटन जैसे खेल खेलता था।
Careers360 : आपने नीट विषयों के कुछ टॉपिक्स को कैसे प्राथमिकता दी?
कौस्तव बाउरी : मैंने कवर किए जाने वाले टॉपिक्स को समय के अनुसार विभिन्न हिस्सों में विभाजित किया। इसे ऐसे समझें कि मैंने लक्ष्य यूँ बनाए कि इस महीने तक मुझे मानव शरीर विज्ञान पूरा करना है या मई के अंत तक अकार्बनिक रसायन विज्ञान को कवर कर लेना है। इसलिए मैंने छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित किए और फिर उन्हें पूरा करने की कोशिश की।
Careers360 : आपकी परीक्षा के दिन की रणनीति क्या थी? आपके अनुसार सबसे कठिन और सबसे आसान सेक्शन कौन-सा था?
कौस्तव बाउरी : ज्यादातर, ऐसा होता है कि भले ही पढ़ाई अच्छे तरीके से भी की गई हो, फिर भी परीक्षा का डर बना रहता है। ऐसे में नीट परीक्षा से लगभग एक महीने पहले, आकाश बायजू ने नीट मॉक टेस्ट की एक श्रृंखला आयोजित की, जिसके परिणामस्वरूप मेरे मन से परीक्षा का डर पूरी तरह से निकल गया। यही वजह है कि परीक्षा के दिन मैं बहुत हल्का महसूस कर रहा था और इसका मुझे फायदा भी मिला।
Careers360 : डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए आपका ड्रीम कॉलेज कौन-सा है? चिकित्सा के क्षेत्र में आपकी आकांक्षा क्या है और किस विशेषज्ञता में आपकी रुचि होगी?
कौस्तव बाउरी : मेरा ड्रीम कॉलेज एम्स नई दिल्ली है। भविष्य में मैं ऑन्कोलॉजी को चुनूंगा। हम सब जानते हैं कि कैंसर एक खतरनाक बीमारी है, ऐसे में उसके लिए और भी अधिक प्रारंभिक निदान तकनीक विकसित करना चाहता हूँ।
Careers360 : आप अपनी सफल नीट टॉपर की इस यात्रा का श्रेय किसे देते हैं?
कौस्तव बाउरी : सबसे पहले, मेरे माता-पिता और आकाश बायजू के मेरे शिक्षक, जो मुझे उस 700 प्लस स्कोर के लिए प्रेरित करते रहे। ये कुछ ऐसे लोग हैं, जिन्हें इस सफलता का श्रेय देना चाहता हूँ।
Careers360 : तैयारी, दृष्टिकोण आदि के संदर्भ में आप भविष्य के नीट उम्मीदवारों को क्या सुझाव देंगे?
कौस्तव बाउरी : तैयारी के लिहाज से, आदर्श रूप से उन्हें कोई बैकलॉग नहीं छोड़ना चाहिए। यदि वे अभी भी हैं, तो फिलहाल आप जो जानते हैं उसे और मजबूत करें और इसके बाद बैकलॉग को कवर करें। इसके अलावा जहां तक शुरूआती तैयारी की बात है, तो उन्हें एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों को ध्यानपूर्वक कवर करना चाहिए क्योंकि वे इस परीक्षा में काफी महत्वपूर्ण साबित होती हैं।
वहीं प्रश्नों का नियमित अभ्यास भी काफी जरूरी है। हो सके तो परीक्षा नजदीक आने पर मॉक टेस्ट देते रहें। मॉक टेस्ट देकर आप जान सकते हैं कि आप कहां गलतियां कर रहे हैं और किन क्षेत्रों पर अभी भी ध्यान देने की जरूरत है।
हम उम्मीद करते हैं कि नीट टॉपर इंटरव्यू विशेष इस लेख के माध्यम से आपको काफी मदद मिली होगी। नीट 2023 टॉपर इंटरव्यू के अलावा नीट से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण लेख को पढ़ने के के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें :
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