JSS University Mysore Allied Sciences 2026
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नीट फुल फॉर्म- नीट का फुल फॉर्म नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (National Eligibility cum Entrance Test- NEET) है। हिंदी में इसे राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा कहते हैं। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) हर वर्ष ऑफलाइन मोड में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) का आयोजन करती है। हालांकि 3 मई 2026 को आयोजित की गई नीट 2026 परीक्षा पेपर लीक की घटना और नीट उम्मीदवारों के प्रदर्शन के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया। एनटीए द्वारा अब अगले साल से नीट परीक्षा ऑनलाइन ही आयोजित की जाएगी। जबकि 21 जून को री-नीट 2026 परीक्षा ऑफलाइन यानी पेन और पेपर मोड में ही आयोजित की गई। नीट मेडिकल प्रवेश परीक्षा 1,09,048 एमबीबीएस, 27,868 बीडीएस, 52,720 आयुष, 525 बीवीएससी तथा एएच सीटों पर प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है।
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शुरुआती स्तर पर छात्रों को यह पता नहीं होता है कि नीट क्या होता है (neet kya hota hai,) नीट क्या है (NEET kya hai), नीट का फुल फॉर्म (neet full form) क्या होता है, नीट का हिंदी अर्थ (neet meaning in hindi), नीट का फुल फॉर्म इन हिंदी (neet full form in hindi) क्या होता है। इस लेख के शुरुआत में ही इन प्रश्नों के उत्तर मिल चुके होंगे। असल में भारत में बेहतर चिकित्सा और दंत चिकित्सा शिक्षा के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) ने एकल अंडरग्रेजुएट मेडिकल प्रवेश परीक्षा के रूप में, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (National Eligibility cum Entrance Test) की शुरुआत की। नीट यूजी परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवार मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) के अखिल भारतीय काउंसलिंग कोटे की 15% सीटों के लिए पात्र होते हैं, साथ ही स्टेट कोटे की 85% सीटों तथा निजी संस्थानों की काउंसलिंग के लिए भी पात्र होते हैं जो कि संबंधित राज्य प्रवेश समितियों द्वारा आयोजित की जाती हैं।
नीट से संबंधित अन्य उपयोगी लिंक
डीम्ड और केंद्रीय विश्वविद्यालयों, ईएसआईसी तथा एएफएमसी संस्थानों की सभी सीटों पर प्रवेश के लिए भी नीट काउंसलिंग एमसीसी द्वारा आयोजित की जाती है। यह एकमात्र परीक्षा है जिससे अखिल भारतीय कोटा सीटों के साथ-साथ राज्य स्तरीय कोटा सीटें भी भरी जाती हैं। नीट के इतिहास, उद्देश्यों, पात्रता, नवीनतम घटनाओं, पेपर पैटर्न, सीटों आदि के बारे में अधिक जानकारी के लिए नीट परीक्षा फुल फॉर्म 2026 पर केंद्रित इस लेख को पढ़ें।
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एनटीए नीट के फुल फॉर्म (NEET full form in hindi) वाली परीक्षा मुख्य रूप से भारत के शीर्ष मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल तथा डेंटल कॉलेजों की सीटों को भरने के लिए आयोजित की जाती है। भारत भर के कॉलेजों में उपलब्ध कुल एमबीबीएस तथा बीडीएस सीटों की व्यापक राज्य-वार सूची, श्रेणी, कॉलेज के प्रकार- सरकारी, निजी, केंद्रीय, आदि के आधार पर देखने के लिए उम्मीदवार यहां देख सकते हैं।
नीट परीक्षा का प्राथमिक उद्देश्य एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है। इसलिए, पूरे देश में मौजूद कई मेडिकल परीक्षाओं को हटाने के लिए नीट फुल फॉर्म परीक्षा शुरू की गई थी, जिसमें AIPMT, जिपमर शामिल थी (ऑल इंडिया प्री-मेडिकल टेस्ट, नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट को सीबीएसई और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने शुरू किया)। इससे पहले, मेडिकल छात्रों को भारत में विभिन्न मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के लिए अलग-अलग फॉर्म भरने पड़ते थे।
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एनटीए नीट का फुल फॉर्म (NEET full form in hindi) - राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा, परीक्षा को पहली बार वर्ष 2012 से आयोजित किए जाने का प्रस्ताव था। हालांकि विभिन्न कारणों से सीबीएसई और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा इसे एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया था। 5 मई, 2013 को देश में पहली बार नीट परीक्षा आयोजित की गई जो कि स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों चिकित्सा प्रोग्रामों में प्रवेश पाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए थी। यह पहली मेडिकल परीक्षा थी जिसमें 10 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया। 18 जुलाई, 2013 को सुप्रीम कोर्ट ने 115 याचिकाओं के समर्थन में फैसला सुनाया और नीट परीक्षा को रद्द कर दिया और घोषणा की गई कि एमसीआई कॉलेजों द्वारा अपनाई जाने वाली प्रवेश प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं कर सकती है।
आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु सहित कई राज्यों ने यह कहते हुए परीक्षा का जोरदार खंडन किया कि पाठ्यक्रम में भारी बदलाव था। इसलिए नीट परीक्षा को भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा वर्ष 2012 में असंवैधानिक घोषित किया गया। हालांकि, इसे 11 अप्रैल, 2016 को पलट दिया गया।
महत्वपूर्ण लेख:
नीट परीक्षा को पेन और पेपर मोड में आयोजित किया जाता है। अधिकारियों के अनुसार कुछ अनिवार्य मानदंड हैं जो कि उम्मीदवार को एनईईटी फुल फॉर्म National Eligibility Cum Entrance Test (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) में भाग लेने के लिए पात्र बनने हेतु पूरा करना होगा। आइए जानें कि वे पैरामीटर क्या हैं:
उम्मीदवार को भारत का नागरिक होना चाहिए।
31 दिसंबर, 2026 तक अभ्यर्थी की आयु कम से कम 17 वर्ष होनी चाहिए।
उम्मीदवार को भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान / जैव प्रौद्योगिकी और अंग्रेजी जैसे विषयों के साथ कम से कम कुल 50% अंक के साथ 12वीं उत्तीर्ण होना चाहिए, हर विषय में भी अलग-अलग 50% अंक होने चाहिए।
अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी से संबंधित उम्मीदवारों को थोड़ा लाभ दिया गया है। उनके लिए एचएससी परीक्षा में भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान/जैव प्रौद्योगिकी में प्राप्त आवश्यक न्यूनतम अंक की सीमा 40% रखी गई है।
चूंकि ऊपरी आयु सीमा पर निर्णय सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है, सभी उम्मीदवारों को अस्थायी रूप से परीक्षा में बैठने की अनुमति है।
आवेदन पत्र: NTA द्वारा NEET UG 2026 आवेदन पत्र neet.nic.in पर 8 फरवरी, 2026 को जारी किया गया।
प्रवेश पत्र जारी करना: पंजीकरण प्रक्रिया के बाद, उम्मीदवार को नीट प्रवेश पत्र पर नज़र रखनी चाहिए। ध्यान दें: नीट एडमिट कार्ड परीक्षा की तारीख से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव कर दिया जाएगा।
परीक्षा तारीख और परीक्षा के दिन के दिशानिर्देश : परीक्षा की तारीख आधिकारिक अधिसूचना के साथ जारी की जाती है। हालांकि, कुछ ऐसी चीजें हैं जिनके बारे में उम्मीदवार को उन दिशानिर्देशों के बारे में पता होना चाहिए जिनका पालन किया जाना होता है। लेख में दिशानिर्देशों का विस्तार से उल्लेख किया गया है।
आंसर की: नीट फुल फॉर्म परीक्षा के समापन के ठीक बाद, उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अनौपचारिक उत्तर कुंजी के लिए वेबसाइट पर नज़र रखें। नीट आधिकारिक उत्तर कुंजी परीक्षा के एक महीने बाद प्राधिकरण द्वारा जारी की जाएगी।
परिणाम की तारीख: परीक्षा के एक महीने बाद प्राधिकरण द्वारा एनटीए नीट परीक्षा का परिणाम स्कोरकार्ड के रूप में ऑनलाइन घोषित होगा।
नीट फुल फॉर्म एनाटॉमी विवरण परीक्षा, पेपर का तरीका, भाषा, अवधि, प्रश्न प्रकार, मार्किंग स्कीम आदि के बारे में बहुत कुछ बताता है। इसलिए उम्मीदवारों को नीचे दी गई तालिका को देखना चाहिए।
नीट फुल फॉर्म परीक्षा पैटर्न (NEET Full-Form Exam Pattern in hindi)
परीक्षा पैटर्न के तथ्य | विवरण | |
परीक्षा का नाम | नीट | |
नीट का फुल फॉर्म क्या है? (What is the full form of NEET) | नीट (NEET) का फुल फॉर्म National Eligibility cum Entrance Test है। | |
परीक्षा तारीख | सूचित किया जाएगा | |
परीक्षा मोड | कलम और कागज आधारित। (उम्मीदवारों को ओएमआर शीट पर उत्तरों को चिह्नित करने के लिए काला या नीला बॉलपॉइंट पेन दिया जाता है।) | |
अवधि और समय | 3 घंटे (2:00 बजे से 5:00 बजे तक) | |
भाषा/माध्यम | अंग्रेजी, हिंदी, असमी, बंगाली, गुजराती, मराठी, तमिल, तेलुगु, ओड़िया, कन्नड़ | |
प्रश्नों का प्रकार | बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions) | |
कुल प्रश्न | 180 प्रश्न | |
परीक्षा के खंड | फिजिक्स | 180 अंक |
केमिस्ट्री | 180 अंक | |
बायोलॉजी (बॉटनी और जूलॉजी) | 360 अंक | |
कुल अंक | 720 अंक | |
अंकन योजना | हर सही उत्तर के लिए: 4 अंक हर गलत उत्तर के लिए: -1 अंक अनुत्तरित प्रश्नों के लिए- 0 अंक | |
| विषय | प्रश्नों की संख्या |
| भौतिक विज्ञान | 45 |
| रसायन विज्ञान | 45 |
| प्राणि विज्ञान | 90 |
| कुल अंक | 720 |
इन्हें भी देखें
नीट 2026 स्कोरकार्ड प्राप्त करने के बाद उम्मीदवार नीट काउंसलिंग पंजीकरण के लिए आगे बढ़ सकते हैं, जो कि एनटीए द्वारा तीन राउंड में आयोजित की जाती है। परीक्षा में उनके द्वारा प्राप्त अंकों के आधार पर, उन्हें उन तीन राउंड में सीटें आवंटित की जाएंगी। यह प्रक्रिया तब तक चलती है जब तक नीट में सभी सरकारी सीटें नहीं भर जातीं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 15% अखिल भारतीय कोटा (AIQ) सीटों के साथ ही डीम्ड/केंद्रीय विश्वविद्यालयों, एएफएमएस और ईएसआईसी संस्थानों के लिए काउंसलिंग मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) द्वारा की जाएगी। जबकि शेष राज्य कोटे की 85% सीटें संबंधित राज्य काउंसलिंग निकायों द्वारा आवंटित की जाती हैं।
उपयोगी लिंक
नीट फुल फॉर्म – सीट इनटेक (NEET Full-Form - Seats Intake)
तालिका में 15% AIQ के लिए श्रेणीवार आरक्षण का उल्लेख किया गया है, विवरण के लिए नीट 2026 आरक्षण मानदंड की जांच करें।
नीट के फुल फॉर्म के लिए 15% एआईक्यू के लिए आरक्षण मानदंड (Reservation criteria for 15% AIQ for full form of NEET)
श्रेणी | आरक्षण |
अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) | 15% |
अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribe) | 7.50% |
अन्य पिछड़ा वर्ग (Other Backward Castes) | 27% |
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (Economically Weaker Section- EWS) | 10% |
विकलांग (PwD)* | 5% |
इन्हें भी देखें
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (National Eligibility cum Entrance Test- NEET) है। हिंदी में इसे राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा कहते हैं और हिंदी और इसका संक्षिप्त रूप नीट (NEET) अधिक लोकप्रिय है। भारत के चिकित्सा संस्थानों के एमबीबीएस और बीडीएस आदि प्रोग्रामों में प्रवेश नीट स्कोर के आधार दिया जाता है। इस तरह मेडिकल की पढ़ाई के लिए नीट में अच्छा स्कोर लाए बिना अच्छे संस्थान में प्रवेश नहीं मिल सकता है। नीट क्वालीफाई उम्मीदवार ही विदेश से कोर्स करने के बाद भारत में प्रैक्टिस के लिए पात्र होंगे वह भी एफएमजीई परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद। बिना नीट क्वालीफाई किए उम्मीदवार पहले की तरह अब विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई कर भारत में प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे। नीट से संबंधित टॉपिक जैसे आवेदन पत्र, एग्जाम डेट, एग्जाम पैटर्न, सिलेबस, आंसर की, रिजल्ट आदि के विवरण लेख में दिए लिंक की मदद से देखे जा सकते हैं।
नीट क्या होता है (neet kya hota hai), नीट क्या है जैसे प्रश्न छात्रों के मन में शुरू में उठते हैं। नीट भारत के यूजी मेडिकल प्रोग्रामों के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एकल प्रवेश परीक्षा है। एनटीए द्वारा इसका आयोजन हर साल चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स की सीटों को पर प्रवेश देने के लिए किया जाता है। बहुत से नर्सिंग संस्थानों द्वारा भी अब इसके स्कोर के आधार पर प्रवेश दिया जाने लगा है। इसके चलते मेडिकल शिक्षा पाने के इच्छुक छात्रों की परेशानियां काफी कम हो गई हैं। अब उनको कई फॉर्म भरने और कई मेडिकल परीक्षाएं देने की मुसीबत से दो-चार नहीं होना पड़ता है। अलग-अलग प्रदेश की मेडिकल प्रवेश परीक्षा के बजाए एक ही सिलेबस की पढ़ाई नीट की तैयारी के लिए करनी होती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (National Eligibility cum Entrance Test- NEET) को संक्षेप में नीट कहते हैं।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के लिए सक्षम निकाय है।
भारत में बेहतर चिकित्सा और दंत चिकित्सा शिक्षा के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) ने एकल प्रवेश परीक्षा अर्थात् राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की शुरुआत की।
नीट यूजी परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवार मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) की अखिल भारतीय काउंसलिंग कोटे की 15% सीटों के लिए पात्र होते हैं, दूसरी ओर स्टेट एडमिशन की 85% सीटों और निजी संस्थानों की काउंसलिंग के लिए भी पात्र होते हैं जो कि संबंधित राज्य प्रवेश समितियों द्वारा आयोजित की जाती हैं।
हां, नीट 2026 में 500 और उससे अधिक स्कोर प्राप्त करने से मेडिकल कॉलेज में आपके लिए सीट सुरक्षित हो जाएगी।
On Question asked by student community
Hello,
With a NEET score of around 300 marks, getting an MBBS seat in a government medical college under the General category is usually difficult. However, chances may exist in some private medical colleges or through management quota, depending on the state, category, counselling round, and cutoff.
Please mention:
State
Hey there,
With 421 marks in NEET 2026 and BC category, you may have a chance of getting an MBBS seat under the government quota in private medical colleges, especially through state counselling. However, your chances depend on your state, BC sub-category, domicile, and the final cutoff. At this score,
Hello Dear Student,
Yes, a BC-E (Muslim) certificate establishes your religious identity as a Muslim. In Andhra Pradesh NEET counselling, Muslims are recognized as a religious minority, and your BC-E certificate will serve as proof of this status to claim both Muslim Minority quota seats and BC-E backward class benefits.
Hello Dear Student,
Yes, you do get Keralite status. To claim this status during the Commissioner for Entrance Examinations (CEE) Kerala NEET counselling, you need to submit a Nativity Certificate or your Birth Certificate issued by a competent authority (Panchayat/Municipality/Corporation) indicating you were born in Kerala.
You can check, find
Hello Dear Student,
With a NEET score of 300 , getting admission to a government B.Sc. Nursing college in Madhya Pradesh may be difficult, especially in the General category , based on previous years' cutoff trends. However, the actual cutoff varies each year depending on factors such as the number
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