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नीट में कितने नंबर पर सरकारी कॉलेज मिलेगा (NEET Me Kitne Number Par Sarkari College Milega) - राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी-यूजी) भारत में मेडिकल और डेंटल अंडरग्रेजुएट कोर्स करने के इच्छुक छात्रों के लिए सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक है। नीट परीक्षा भारत भर के विभिन्न सरकारी कॉलेजों में स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों (एमबीबीएस, बीडीएस, आदि) में प्रवेश के लिए प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करती है। नीट के माध्यम से सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आवश्यक अंक उम्मीदवार की श्रेणी और राज्य या संस्थान के आधार पर भिन्न होते हैं। सरकारी कॉलेज में सीट सुरक्षित करने के लिए सामान्य, एससी, एसटी और ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) जैसी विभिन्न श्रेणियों के लिए एनईईटी में आवश्यक अंकों के बारे में गहराई से विवरण प्राप्त करने के लिए पूरा लेख पढ़ें। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा नीट आवेदन 8 फरवरी से शुरू कर दिए गए है। उम्मीदवार 8 मार्च तक नीट आवेदन पत्र भर सकते हैं।
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नीट में कितने नंबर पर सरकारी कॉलेज मिलेगा; यह हर साल हर संस्थान और श्रेणी के उम्मीदवार के लिए अलग होता है। चूंकि नीट यूजी के लिए कटऑफ हर साल बदलती रहती है। ऐसे में नीट में कितने नंबर पर सरकारी कॉलेज मिलेगा। यह स्पष्ट तौर पर नहीं कहा जा सकता। लेकिन एक बात यहां विचारणीय होगी कि नीट 2026 के एग्जाम पैटर्न में किए गए बदलावों के चलते सरकारी कॉलेजों में प्रवेश के लिए वांछित स्कोर का ग्राफ थोड़ा नीचे आने की संभावना है। चूंकि अब सभी 180 प्रश्न करने होंगे और समय सीमा भी 200 मिनट से घटाकर 180 मिनट कर दी गई है ऐसे में हाई स्कोर लाने वाले उम्मीदवारों की संख्या में कमी आनी तय है। इसके चलते गत वर्ष के कटऑफ की तुलना में 5-10 अंक कम पर भी संस्थान विशेष में प्रवेश मिलने के अवसर बढ़ जाएंगे। यह बात ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है कि मेडिकल कॉलेजों में नीट प्रवेश एआईक्यू या राज्यवार काउंसलिंग के माध्यम से उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त अखिल भारतीय रैंक (AIR) के आधार पर किया जाता है इसलिए अभी केवल कयास ही लगाए जा सकते हैं। तस्वीर काउंसलिंग के अंतिम चरण के बाद ही साफ हो पाएगी।
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गत वर्ष नीट 2025 परीक्षा में राजस्थान के महेश कुमार ने टॉप किया। अविका अगरवाल ने महिला उम्मीदवारों में टॉप किया है। इस वर्ष नीट 2025 परीक्षा में 2273528 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण किया। जिसमें से 2206968 छात्र परीक्षा में उपस्थित हुए। गत वर्ष नीट परीक्षा में 1236531 छात्र सफल हुए। पिछले वर्ष नीट 2024 के एनटीए के आंकड़ों के हिसाब से 2333297 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था जबकि नीट 2023 में 20,38,596 उम्मीदवार शामिल हुए थे। प्रतिभागियों की संख्या में बढ़ोतरी होने के चलते नीट क्वालीफाई करने वाले उम्मीदवारों की संख्या में भी काफी वृद्धि देखी गई, कुल 1,316,268 उम्मीदवार नीट 2024 में सफल हुए थे। जबकि नीट 2023 में 11,45,976 उम्मीदवार ही सफल हुए थे।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा मई, 2026 में नीट 2026 परीक्षा के आयोजन किए जानें की संभावना है। परीक्षा के समापन के बाद से ही नीट यूजी में हिस्सा लेने वाले सभी प्रतिभागियों के साथ भावी उम्मीदवारों के भी मन में भी यह सवाल होता है कि नीट में कितने नंबर पर सरकारी कॉलेज मिलेगा (NEET Me Kitne Number Par Sarkari College Milega)। इसके साथ ही उम्मीदवार नीट में पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए, ये भी जानना चाहते हैं।
सभी प्रतिभागी कम खर्च में बेहतर संंस्थान से डॉक्टरी की पढ़ाई करना चाहते हैं। इसलिए हर प्रतिभागी के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि नीट में कितने नंबर पर सरकारी कॉलेज मिलेगा? नीट रिजल्ट आने के बाद से यह सवाल और भी महत्वपूर्ण हो जाएगा।
मेडिकल उम्मीदवार जो नीट यूजी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, वे अक्सर यह सर्च करते हैं कि, "नीट उत्तीर्ण करने के लिए कितने अंक आवश्यक हैं"? नीट परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए आवश्यक अंक नीट क्वालीफाइंग मार्क्स या कटऑफ मार्क्स हैं। एनटीए परिणाम की घोषणा के साथ एनईईटी यूजी कटऑफ अंक भी घोषित करता है।
श्रेणी | कट-ऑफ परसेंटाइल | क्वालीफाइंग मार्क्स 2025 | क्वालीफाइंग मार्क्स 2024 |
|---|---|---|---|
सामान्य | 50 वीं | 686 - 144 | 720-162 |
सामान्य-पीएच | 45 वें | 143 - 127 | 161-144 |
एससी/एसटी/ओबीसी | 40 वीं | 143 - 113 | 161-127 |
एससी/ओबीसी-पीएच | 40 वीं | 126 - 113 | 143-127 |
अनुसूचित जनजाति पीएच | 40 वीं | 126 - 113 | 142-127 |
ये भी पढ़ें: नीट में 500 अंकों के साथ एडमिशन कैसे लें?
मेडिकल के लिए उपलब्ध सीमित सीटें और उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या के कारण, सरकारी कॉलेजों में एमबीबीएस सीट पर प्रवेश सुनिश्चित करने लायक स्कोर ला पाना मुश्किल काम बन जाता है। प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस प्रोग्राम के लिए अधिक फीस वसूल की जाती है। कई बार तो प्राइवेट संस्थानों से कोर्स करने की लागत करोड़ों में पहुंच जाती है। कई गुना अधिक फीस देने से बचने के लिए उम्मीदवार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की संभावना पता करने के लिए यह जानना चाहते हैं कि नीट में कितने नंबर होने पर पर सरकारी कॉलेज मिल जाएगा (What is the score in NEET to get admission in government college?)।
नीट में कितने नंबर पर सरकारी कॉलेज मिलेगा (NEET Me Kitne Number Par Sarkari College Milega), यह सवाल पूछे जाने का कारण अब हम समझ चुके हैं। इसका उत्तर जानना अधिक महत्वपूर्ण पहलू है। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में इच्छुक मेडिकल छात्रों को डॉक्टर बनने के अपने सपनों की ओर ले जाने वाले प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है। मेडिकल के लिए उपलब्ध सीमित सीटें और उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या कारण, सरकारी कॉलेजों में एमबीबीएस सीट पर प्रवेश सुनिश्चित करने लायक स्कोर ला पाना मुश्किल काम बन जाता है। नीट कटऑफ सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए पात्रता निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे यह जानने में मदद मिलती है कि नीट में कितने नंबर पर सरकारी कॉलेज मिलेगा (NEET Me Kitne Number Par Sarkari College Milega)।
नीट स्कोर टाइप (NEET score type) | नीट स्कोर रेंज (NEET score range) |
|---|---|
बहुत अच्छा स्कोर | 700 से 720 |
अच्छा स्कोर | 600 से 700 |
औसत स्कोर | 450 से 600 |
कम स्कोर | 350 से 450 |
नीट में कितने नंबर पर सरकारी कॉलेज मिलेगा (NEET Me Kitne Number Par Sarkari College Milega) इस सवाल का उत्तर उम्मीदवार की श्रेणी पर भी निर्भर करता है। सबसे पहले तो यह समझना जरूरी होगा कि नीट 2026 के जरिए सीट पाने के लिए क्वालिफाई करना होगा। हर श्रेणी के अनुसार नीट पास होने के लिए वांछित परसेंटाइल भी अलग-अलग होता है। नीट क्वालिफाई करने के लिए श्रेणीवार नीट कटऑफ लिस्ट में आने के लिए वांछित स्कोर पाने की आवश्यकता होगी।
नीट में कुल अंक 720 हैं, और उम्मीदवारों को सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की उनकी संभावनाओं को बढ़ाने के लिए नीट कट ऑफ के बराबर या उससे अधिक अंक प्राप्त करने की आवश्यकता है। नीट यूजी कटऑफ विभिन्न कारकों जैसे कि नीट में शामिल हुए अभ्यर्थी की संख्या, परीक्षा का कठिनाई स्तर, उपलब्ध सीटों की संख्या और उम्मीदवार की श्रेणी द्वारा निर्धारित किया जाता है। नीट कटऑफ अंक दो चरणों में जारी किए जाते हैं -
क्वालीफाइंग कटऑफ – यह नीट परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए आवश्यक न्यूनतम स्कोर है।
प्रवेश कटऑफ - यह मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए उपयोग की जाने वाली कटऑफ है, और यह कॉलेज और राज्य के अनुसार अलग-अलग होती है।
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एमबीबीएस सरकारी कॉलेजों के लिए नीट कटऑफ एमसीसी और संबंधित राज्य परामर्श प्राधिकरणों की काउंसलिंग के बाद जारी किया जाता है। नीट यूजी काउंसलिंग के प्रत्येक दौर के बाद सरकारी कॉलेजों के लिए प्रवेश कट ऑफ ओपनिंग और क्लोजिंग रैंक के रूप में जारी किया जाता है।
सरकारी मेडिकल कॉलेज का नाम | नीट 2024 की ओपनिंग और क्लोजिंग रैंक | नीट 2023 समापन रैंक | नीट 2022 समापन रैंक | नीट 2021 समापन रैंक | 2020 नीट समापन रैंक |
58 - 145 | 85 | 107 | 1179 | 90 | |
54 - 141 | 107 | 129 | 143 | 163 | |
यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज, नई दिल्ली | 149-390 | 304 | 217 | 215 | 324 |
489 - 826 | 485 | 550 | 414 | 571 | |
259 - 778 | 544 | 313 | 37720 | 776 | |
सेठ जी.एस. मेडिकल कॉलेज, मुंबई | 52-1010 | 656 | 697 | 773 | 457 |
326 - 1352 | 1097 | 1457 | 1623 | 1800 | |
1256 - 2121 | 2002 | 4738 | 6146 | 5253 | |
पं. भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, रोहतक | 1651 - 3843 | 25692 | 7932 | 6379 | 6573 |
ग्रांट मेडिकल कॉलेज और सर जेजे ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स, मुंबई | 1244 - 2338 | 1623 | 2045 | 2828 | |
1-47 | 57 | 61 | 53 | - | |
जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, पुडुचेरी | 38 - 350 | 277 | 302 | 227 | - |
सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए, नीट कटऑफ आम तौर पर आरक्षित श्रेणियों की तुलना में अधिक होती है। सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए क्वालीफाइंग कटऑफ पिछले कुछ वर्षों में 134 से 162 अंकों के बीच 50वां परसेंटाइल है। अंकों के संदर्भ में, कटऑफ आम तौर पर 650-700 अंकों (संस्था और राज्य के अनुसार भिन्न होती है) के बीच होती है। एम्स नई दिल्ली, जेआईपीएमईआर या अन्य संस्थानों जैसे शीर्ष सरकारी कॉलेजों में प्रवेश के इच्छुक सामान्य उम्मीदवारों को अधिक अंक प्राप्त करने की आवश्यकता हो सकती है, जो प्रायः 680-720 अंकों के बीच होता है।
| वर्ष | नीट कट ऑफ स्कोर |
|---|---|
2025 | 686-144 |
2024 | 720-162 |
2023 | 720-137 |
2022 | 715-117 |
2021 | 720-138 |
2020 | 720-147 |
2019 | 701-134 |
एससी और एसटी दोनों उम्मीदवारों के लिए कटऑफ लगभग समान स्तर पर है और सामान्य वर्ग की तुलना में कम है। अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को नीट के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए कम से कम 40 परसेंटाइल अंक प्राप्त करने की आवश्यकता है। योग्यता अंक आम तौर पर 107-161 अंकों के बीच होते हैं जबकि प्रवेश कटऑफ 400-500 अंकों (संस्थान और राज्य के अनुसार भिन्न होता है) के बीच होता है। अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए प्रवेश कटऑफ भी किसी विशेष राज्य में प्रतिस्पर्धा के आधार पर भिन्न होती है। मेडिकल सीटों के लिए कम एससी उम्मीदवारों के आवेदन करने के कारण कुछ राज्यों में कटऑफ कम हो सकती है।
वर्ष | नीट कटऑफ स्कोर |
2025 | 143 - 113 |
2024 | 161-127 |
2023 | 136-107 |
2022 | 116-93 |
2021 | 137-108 |
2020 | 146-113 |
2019 | 133-107 |
नीट के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए ओबीसी उम्मीदवारों को भी कम से कम 40 परसेंटाइल अंक प्राप्त करना आवश्यक है। योग्यता अंक आम तौर पर 107-161 अंकों के बीच होते हैं और प्रवेश कट-ऑफ 550-650 अंकों के बीच होता है।
वर्ष | नीट कट ऑफ स्कोर |
2025 | 143 - 113 |
2024 | 161-127 |
2023 | 136-107 |
2022 | 116-93 |
2021 | 137-108 |
2020 | 146-113 |
2019 | 133-107 |
नीट यूजी के लिए कट-ऑफ हर साल विभिन्न कारकों के आधार पर बदलती रहती है। ऐसे में नीट में कितने नंबर पर सरकारी कॉलेज मिलेगा (NEET Me Kitne Number Par Sarkari College Milega) यह स्पष्ट तौर पर नहीं कहा जा सकता। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि मेडिकल कॉलेजों में नीट प्रवेश एआईक्यू या राज्यवार काउंसलिंग के माध्यम से उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त अखिल भारतीय रैंक (एआईआर) के आधार पर किया जाता है।
नीट मार्क्स बनाम रैंक डाटा का विश्लेषण करके आप यह पता कर सकते हैं कि नीट में कितने नंबर पर सरकारी कॉलेज मिलेगा (NEET Me Kitne Number Par Sarkari College Milega)। पंडित भागवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, रोहतक की एआईक्यू कटऑफ रैंक पिछले वर्ष 7932 थी। इसका अर्थ यह है कि यदि गत वर्ष की ही सब कुछ रहता तो तरह लगभग 640 के स्कोर से एआईक्यू से नीट में सरकारी कॉलेज मिल जाता।
राज्य कोटे की सीटों पर नीट में कितने नंबर पर सरकारी कॉलेज मिलेगा (NEET Me Kitne Number Par Sarkari College Milega) अलग उत्तर होगा। राज्य कोटे के सरकारी कॉलेजों में प्रवेश थोड़ा कम स्कोर से मिल जाने की संभावना है। मोटे तौर पर 620 से अधिक नीट स्कोर होने पर उम्मीदवारों के सरकारी कॉलेजों में प्रवेश मिलने के बेहतर अवसर होंगे। पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला पाने के लिए 575 से अधिक अंक लाने की जरूरत होगी। वहीं अनुसूचित जाति श्रेणी के लिए 480 से अधिक स्कोर होने पर बेहतर मौके होंगे। अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को सरकारी मेडिकल कॉलेज पाने के लिए 475 से अधिक अंक अर्जित करने की आवश्यकता होगी।
प्रत्येक सरकारी मेडिकल कॉलेजों या सरकारी यूनिवर्सिटी में प्रवेश के लिए जरूरी नहीं है कि समान अंक पर प्रवेश दिया जाएगा। मोटे तौर पर नीचे दी गई तालिका से पता कर सकते हैं कि नीट में कितने नंबर पर सरकारी कॉलेज मिलेगा (NEET Me Kitne Number Par Sarkari College Milega)।
वर्ग | वांछित अंक |
सामान्य वर्ग | 620+अंक |
पिछड़ा वर्ग | 595+अंक |
अनुसूचित जाति वर्ग | 480+अंक |
अनुसूचित जन जाति वर्ग | 475+अंक |
नीट 2026 में भाग लेने वाले उम्मीदवारों की संख्या गत वर्ष की तुलना में अधिक रहने की संभावना है, नीट 2025 में लगभग 23 लाख उम्मीदवारों ने भाग लिया ऐसे में यदि 686 नीट स्कोर से सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को एआईक्यू के तहत सरकारी सीट मिले तो कोई अचरज नहीं होना चाहिए।
नीट संभावित मार्क्स बनाम रैंक की मदद से अपने लिए उपयुक्त सरकारी कॉलेज के विकल्प का पता उम्मीदवार लगा सकते हैं। पिछले साल के नीट एआईक्यू कटऑफ के अनुसार, पंडित भागवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, रोहतक में नीट क्लोजिंग रैंक 7932 थी। ऐसे में नीट में कितने नंबर पर सरकारी कॉलेज मिलेगा (NEET Me Kitne Number Par Sarkari College Milega) इस प्रश्न का उत्तर जानने से अधिक जरूरी यह जानना हो जाता है कि नीट 2026 स्कोर के आधार पर कौन से मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिल सकता है। इसके लिए छात्र कॅरियर्स360 द्वारा तैयार नीट कॉलेज प्रिडिक्टर 2026 की मदद लेकर अपने स्कोर के आधार पर संभावित कॉलेज विकल्पों के बारे में पता कर सकते हैं।
नीट मार्क्स | नीट 2026 रैंक | नीट परसेंटाइल |
715 - 701 | 1 - 48 | 99.99977254 - 99.99727052 |
700 - 651 | 97 - 4245 | 99.99448417 - 99.75861151 |
650 - 601 | 4677 - 20568 | 99.73404618 - 98.83041734 |
600 - 551 | 21162 - 48400 | 98.79664001 - 97.2477732 |
550 - 451 | 49121 - 125742 | 97.20677412 - 92.84978301 |
450 - 401 | 126733 - 177959 | 92.79343059 - 89.88050559 |
400 - 351 | 179226 - 241657 | 89.80845866 - 86.25837041 |
350 - 301 | 243139 - 320666 | 86.17409768 - 81.76558761 |
300 - 251 | 322702 - 417675 | 81.64981212 - 76.24924939 |
250 - 201 | 420134 - 540747 | 76.10942035 - 69.25085979 |
200 - 151 | 544093 - 710276 | 69.06059221 - 59.6107305 |
150 - 101 | 715384 - 990231 | 59.32026822 - 43.69131616 |
100 - 51 | 1001694 - 1460741 | 43.0394819444824 - 16.93614606 |
50 - 0 | 1476066 - 1750199 | 16.0647023500832 - 0.4763513206 |
उम्मीद है नीट में कितने नंबर पर सरकारी कॉलेज मिलेगा (NEET Me Kitne Number Par Sarkari College Milega) विषय पर केंद्रित इस लेख से आपको अपने प्रश्न का उत्तर मिल गया होगा।
इन्हें भी देखें
सामान्य श्रेणी के छात्रों को न्यूनतम 620 से अधिक नीट स्कोर पर सरकारी कॉलेजों में प्रवेश मिलने की संभावना है। पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला पाने के लिए न्यूनतम 575 से अधिक अंक लाने होंगे। वहीं अनुसूचित जाति श्रेणी के लिए 480 से अधिक स्कोर होने पर बेहतर मौके प्राप्त हो सकते है।
पिछले वर्ष के पैटर्न के अनुसार, 620 से ऊपर स्कोर करने वाले छात्रों के पास एमबीबीएस के लिए सरकारी कॉलेज में दाखिला लेने के बेहतर अवसर होंगे।
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Frequently Asked Questions (FAQs)
मोटे तौर पर 620 से अधिक नीट स्कोर होने पर सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के सरकारी कॉलेजों में प्रवेश मिलने के अवसर बेहतर होंगे। यदि गत वर्ष की ही सब कुछ रहा तो तरह लगभग 640 के स्कोर से एआईक्यू से नीट में सरकारी कॉलेज मिल जाएगा। नीट 2026 में लगभग 23 लाख उम्मीदवारों के भाग लेने की उम्मीद है ऐसे में यदि 650 नीट स्कोर से सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को एआईक्यू के तहत सरकारी सीट मिले तो कोई अचरज नहीं होना चाहिए।
ओबीसी उम्मीदवारों का कटऑफ स्कोर भी सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के समान ही होता है। मोटे तौर पर 600 का नीट स्कोर उम्मीदवारों को सरकारी कॉलेजों में सीट दिला देगा।
अनुसूचित जाति श्रेणी के उम्मीदवारों को सरकारी मेडिकल कॉलेज पाने के लिए 480 से अधिक अंक अर्जित करने की आवश्यकता होगी।
अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को सरकारी मेडिकल कॉलेज पाने के लिए लगभग 475 अंक अर्जित करने की आवश्यकता होगी।
On Question asked by student community
Yes, You can get admission in BPT course without NEET. In a recent notice, the NCAHP has announced that NEET UG will not be mandatory for admission into BPT and BOT courses for 2026-27 session.
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Leaving a private medical college in the middle of the course is not easy. You cannot simply give NEET again and use a duplicate marksheet to hide your current admission, as this is considered fraud and can lead to cancellation of your new admission or even legal action.
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