नीट 2019 के बाद क्या करें? (what after neet)
Team Careers, 18 अप्रेल 2019
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नीट 2019 के बाद क्या करें? - नीट के माध्‍यम से एमबीबीएस /बीडीएस कोर्स में प्रवेश देने से भारत में चिकित्सा शिक्षा प्रणाली मानकीकृत हुई है, लेकिन  नीट 2019 के बाद क्या यह प्रश्‍न अभी भी पहेली बना हुआ है। विभिन्न राज्यों की मूल निवास संबंधी अलग-अलग अनिवार्यताओं के कारण अक्सर एमबीबीएस / बीडीएस परीक्षार्थी भ्रमित हो जाते हैं। लगभग 13 लाख अभ्यर्थी नीट 2019 के माध्यम से एमबीबीएस/बीडीएस में प्रवेश पाने का प्रयास करेंगे और इस अत्‍यधिक प्रतिस्पर्धा का मतलब यह है कि परीक्षार्थी नीट प्रवेश के बारे में विस्तृत जानकारी चाहते हैं।

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‘अगर मैं किसी विशेष राज्य का मूल निवासी नहीं हूं इसके बावजूद क्या मैं वहां एमबीबीएस/बीडीएस काउंसलिंग के लिए आवेदन कर सकता हूँ?’, नीट  संपन्‍न होने के बाद मुझे कौन-कौन से फ़ॉर्म भरने होंगे’, नीट 2019 क्वालिफाई करने के बाद मुझे क्या करना होगा?' जैसे कई सवाल परीक्षार्थियों और उनके माता-पिता के मन में चलते रहते हैं।

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परीक्षार्थियों को नीट के जरिए एमबीबीएस/बीडीएस की प्रवेश प्रक्रिया को आसान तरीके से समझाने के लिए कैरियर्स 360 यहां नीट 2019 के बाद विषय पर विस्तृत और शिक्षाप्रद लेख दे रहा है।  

नीट प्रवेश प्रक्रिया की पेचीदगियों में फंसने से पहले नीट 2019 और इससे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों पर सरसरी नजर डालें।

नीट 2019 के बारे में 

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) 5 मई, 2019 को नीट 2019 आयोजित करेगी। एम्‍स और जिपमर संस्‍थानों को छोड़कर यह देश में प्राइवेट या सरकारी कॉलेजों में एमबीबीएस / बीडीएस कोर्स में प्रवेश का एकमात्र आधार बन गया है।

नीट 2019 स्कोर के आधार पर देश में लगभग 66,620 एमबीबीएस और 27,060 बीडीएस सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा जो परीक्षार्थी विदेश से एमबीबीएस करना चाहते हैं, उनके लिए भी नीट देना अनिवार्य होगा। इस वर्ष से देश में एमबीबीएस और बीडीएस के अलावा आयुष कोर्सों (बीएएमएस / बीयूएमएस/ बीवाईएमएस / बीएसएमएस/ बीएचएमएस) में प्रवेश और सरकारी कॉलेजों में बी एससी पशु चिकित्सा विज्ञान की 15% सीटों के लिए भी नीट अनिवार्य हो गया है। 

नीट देश के सबसे प्रतिष्ठित एमबीबीएस / बीडीएस कोर्सों के साथ ही कई अन्य संबद्ध चिकित्सा सीटों के लिए सिंगल-विंडो प्रवेश परीक्षा है और इस परीक्षा के लिए 13 लाख से अधिक परीक्षार्थियों के पंजीयन कराने की उम्मीद है। ऐसे में इस उच्‍च प्रतियोगिता वाली परीक्षा को देखते हुए एमबीबीएस / बीडीएस के परीक्षार्थियों के लिए इससे अधिक प्रासंगिक प्रश्‍न नहीं हो सकता कि, नीट के बाद क्या।  

एमबीबीएस/बीडीएस प्रवेश के लिए NEET 2019 के बाद क्या?

नीट देने के बाद परीक्षार्थी स्‍वयं को प्रवेश प्रक्रिया के लिए तैयार कर सकते हैं और इस बीच वे अपने संभावित स्कोर तथा रैंक की गणना कर सकते हैं। संभवतया 5 जून तक नीट के परिणाम घोषित होने के बाद नीट प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नीट परीक्षा के तुरंत बाद और नीट परिणाम 2019 के बाद की अवधि में किए जाने वाले महत्वपूर्ण कार्य नीचे दिए गए हैं।

नीट के बाद क्या? - परीक्षा के तुरंत बाद

परीक्षा संपन्‍न होने और फाइनल नीट परिणाम की प्रतीक्षा के दौरान परीक्षार्थी दो महत्वपूर्ण कार्य कर सकते हैं -

1. नीट 2019 स्कोर की गणना करें।

2. नीट 2019 रैंक प्रिडिक्‍ट करें।

नीट स्कोर और रैंक का मोटा अनुमान लगाने से परीक्षार्थी पिछले वर्ष के नीट प्रवेश रुझानों के आधार पर उन मेडिकल / डेंटल कॉलेजों के बारे में पता लगा सकते हैं, जहां उन्‍हें प्रवेश मिल सकता है।  

हालांकि एटीए नीट  2019 की आधिकारिक आंसर की नीट परिणाम-5 जून, 2019 के कुछ दिन पहले जारी करेगा, लेकिन कई प्रमुख कोचिंग इंस्टिट्यूट परीक्षा समाप्त होते ही अपनी आंसर की जारी करते हैं। परीक्षार्थी इन आंसर की से अपने अंकों की गणना कर सकते हैं। कोचिंग सेंटरों की नीट 2019 की आंसर की नीचे दिए गए लिंक पर देखें। 

अपने नीट स्कोर की गणना करने के बाद पिछले वर्ष के नीट अंकों बनाम रैंक के रुझान के आधार पर अपनी रैंक प्रिडिक्‍ट  करें। आपके नीट अंकों की सीमा के अनुसार नीट 2019 रैंक प्रिडिक्‍ट करने के लिए लिंक नीचे दिया गया है। 

नीट 2019 के बाद क्या? – नीट 2019 परिणाम की घोषणा के बाद

5 जून 2019 तक नीट 2019 के परिणाम घोषित होते ही एमबीबीएस / बीडीएस प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। केवल नीट 2019 में न्यूनतम आवश्यक क्‍वालीफाइंग पर्सेंटाइल हासिल करने वाले अभ्यर्थी ही काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे और प्रवेश के लिए उन्‍हीं पर विचार किया जाएगा।

नीट 2019 क्वालीफाई करने के लिए आपको कम से कम 50वां पर्सेंटाइल (एससी/ एसटी / ओबीसी के लिए 40 वां पर्सेंटाइल) स्कोर करना होगा। पिछले वर्ष नीट क्वालिफाइंग स्कोर 119 अंक (720 में से) था। नीट परिणाम 2019 की घोषणा के बाद निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा:

1. परीक्षा क्वालीफाई करना (नीट कटऑफ स्कोर हासिल करके)।

2. काउंसलिंग प्रक्रिया के लिए आवेदन करें।

3. काउंसलिंग में शामिल होकर प्रवेश सुरक्षित करें।


एमबीबीएस/बीडीएस में प्रवेश के लिए नीट काउंसलिंग प्रक्रिया को समझना

‘नीट के बाद के पहलू’ परीक्षा परिणाम की घोषणा के बाद शुरू होने वाली विभिन्न परामर्श प्रक्रियाओं से संबंधित हैं, जिनसे परीक्षार्थी और उनके माता-पिता भ्रमित होते हैं। कई काउंसलिंग प्राधिकरण और एप्‍लीकेशन फार्म भरने की अनिवार्यता से हमें चिकित्सा शिक्षा के लिए नीट प्रवेश से पहले के परिदृश्य याद आते हैं। यहां तक कि जब कोई काउंसलिंग के प्रकार को समझता है और सीटों की संख्या के बारे में जानता है, इसके बावजूद उसे अलग-अलग पात्रता मानदंड समझने में कठिनाई होती है। आइए नीट एमबीबीएस/बीडीएस प्रवेश प्रक्रिया संबंधी भ्रम को दूर कर विस्‍तार से यह स्‍पष्‍ट करें कि ‘नीट के बाद क्या’ करना है।

 नीट 2019 क्वालीफाई करने वाले परीक्षार्थियों के लिए उपलब्ध एमबीबीएस/बीडीएस सीटें 

क्र.सं.

सीट का प्रकार

काउंसलिंग प्राधिकरण 

1.

सभी एआईक्‍यू (ऑल इंडिया कोटा) सीटें *

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय(डीजीएचएस)

2.

डीम्ड और केंद्रीय विश्वविद्यालयों की सभी सीटें

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय(डीजीएचएस)

3.

राज्य के सरकारी कॉलेजों में राज्य कोटे की सीटें (केवल मूल निवासी परीक्षार्थियों के लिए उपलब्ध)

राज्य काउंसलिंग प्राधिकरण

4.

पूरे देश के सभी प्राइवेट कॉलेज (राज्य कोटे की सीटों को छोड़कर, जो केवल मूल निवासी परीक्षार्थियों के लिए उपलब्ध हैं)

राज्य काउंसलिंग  प्राधिकरण

*जम्मू-कश्मीर (जे ऐंड के) के अभ्यर्थी एआईक्यू काउंसलिंग के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं, क्योंकि जे ऐंड के ने अपनी स्थापना से ही 15% एआईक्यू योजना  से बाहर रहने का विकल्प चुना है।

नीट 2019 की विभिन्न सीटों के लिए आवेदन प्रक्रिया

नीट 2019 के बाद क्या, इससे संबंधित काउंसलिंग के प्रश्नों को स्पष्ट करने के लिए, नीचे दिए गए विभिन्न आवेदन प्रक्रिया के बारे में अधिक पढ़ें -

1. ऑल इंडिया कोटा (एआईक्‍यू) सीटें

देश के सभी सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों (जम्मू और कश्मीर को छोड़कर) की एमबीबीएस/बीडीएस सीटों में से 15% सीटें नीट एआई क्‍यू  योजना के लिए रखी गई हैं, जिसके लिए नीट  2019 क्वालीफाई करने वाले सभी परीक्षार्थी (नीट एप्‍लीकेशन फार्म भरते समय स्व-घोषणा पत्र जमा नहीं करने वाले जम्मू और कश्मीर के परीक्षार्थियों को छोड़कर) आवेदन कर सकते हैं। इसका मतलब यह है कि अगर कोई परीक्षार्थी हरियाणा का है, तो वह एआईक्‍यू के तहत हरियाणा सहित अन्य राज्यों के सरकारी कॉलेजों में प्रवेश ले सकेगा।

एआईक्‍यू काउंसलिंग के वास्‍ते आवेदन करने के लिए मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) की ओर से स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) द्वारा एआईक्‍यू काउंसलिंग फार्म जारी किए जाने पर आपको उन्‍हें भरना होगा। नीट  2019 एआईक्‍यू काउंसलिंग जून के दूसरे सप्ताह से शुरू होने की संभावना है। एआईक्‍यू काउंसलिंग के वास्‍ते आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर पहुंचें।

2. डीम्ड और सेंट्रल यूनिवर्सिटी में सीटें

केंद्रीय और डीम्ड विश्वविद्यालयों की सभी सीटें भी नीट 2019 क्वालीफाई करने वाले सभी परीक्षार्थियों के लिए हैं। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) शामिल हैं।

एआईक्यूई के समान ही डीजीएचएस डीम्ड और केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए काउंसलिंग प्राधिकरण है। नीट 2019 डीम्ड और केंद्रीय विश्वविद्यालयों की काउंसलिंग भी संभवतया जून के दूसरे सप्ताह से से शुरू होगी। इनमें एमबीबीएस / बीडीएस सीटों के वास्‍ते आवेदन करने के लिए आपको डीजीएचएस द्वारा डीम्ड और केंद्रीय विश्वविद्यालयों की काउंसलिंग के लिए अलग से जारी किया गया एप्‍लीकेशन फार्म भरना होगा। 

3. राज्य सरकार के कॉलेज

नीट के बाद क्या, इसके बारे में सोचने वाले अधिकतर परीक्षार्थियों को स्‍पष्‍ट होता है कि नीट के बाइ आमतौर पर उन्‍हें अपने वरीयता वाले राज्यों में आवेदन करना है। एआईक्‍यू  में 15% सीटें सरेंडर करने के बाद सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों के पास जो 85% सीटें रहती हैं, वे राज्य कोटे की सीटों के अंतर्गत आती हैं। ये सीटें आम तौर पर केवल उन परीक्षार्थियों के लिए होती हैं, जो इन राज्यों से संबंधित हैं। उदाहरण के लिए  हरियाणा में राज्य कोटे की सीटों के तहत प्रवेश पाने के लिए केवल वही परीक्षार्थी आवेदन कर सकते हैं जो हरियाणा के हैं।

अपने राज्य के सरकारी कॉलेजों में राज्य कोटे की सीटों के वास्‍ते आवेदन करने के लिए परीक्षार्थियों को संबंधित राज्य काउंसलिंग प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए एप्‍लीकेशन फार्म भरना होगा। कुछ राज्यों ने नीट  से पहले ही अपनी आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन नीट परिणाम घोषित होने के बाद वे सभी नीट 2019 राज्य कोटा काउंसलिंग एप्‍लीकेशन्‍स भी जारी कर देंगे। सभी राज्यों के लिए राज्य कोटे की सीटों तक पहुंचने और आवेदन करने का यहां लिंक उपलब्ध कराया जाएगा।

4. प्राइवेट कॉलेज की सीटें

नीट के बाद अधिकतर छात्रों की दुविधा का समाधान प्राइवेट कॉलेज की सीटों की बदौलत हो जाता है,  क्योंकि इनके लिए मूल निवास की अनिवार्यता लचीली होती है और छात्र अपनी पसंद के अधिकतर  राज्यों में इन सीटों के लिए आवेदन कर सकते हैं। नीट 2019 क्वालीफाई करने वाले सभी परीक्षार्थी  संबंधित राज्य काउंसलिंग प्राधिकरण के एप्‍लीकेशन फार्म भरकर पूरे देश के प्राइवेट मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में सीटों के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, कुछ प्राइवेट कॉलेज राज्य कोटे के लिए कुछ प्रतिशत सीटें अलग रखते हैं, जिसके लिए केवल उन्‍हीं राज्यों के परीक्षार्थी आवेदन कर सकते हैं।

राज्य कोटे की सीटों के लिए काउंसलिंग करने वाला राज्य काउंसलिंग प्राधिकरण ही प्राइवेट कॉलेजों के लिए भी काउंसलिंग आयोजित करते हैं। जहां कुछ राज्यों ने पहले ही अपनी आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है, वहीं नीट परिणाम घोषित होने के बाद अधिकतर राज्य नीट  2019 राज्य काउंसलिंग एप्‍लीकेशन्‍स (प्राइवेट कॉलेजों के लिए) जारी करेंगे। प्राइवेट कॉलेजों की एमबीबीएस / बीडीएस सीटों के लिए आवेदन करने का लिंक इस पेज पर नीचे दी गई संबंधित राज्य काउंसलिंग तालिका से प्राप्त किया जा सकता है। 

विशेष पात्रता आवश्यकताओं के साथ एमबीबीएस / बीडीएस सीटें

ऊपर बताई गई सीटों के अलावा एएफएमसी, पुणे में एमबीबीएस/बीडीएस की सीटें हैं, जो ईएसआईसी कॉलेजों में बीमित व्यक्ति (आईपी) के वार्ड के लिए आरक्षित हैं। एआईक्यू और डीम्ड / केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने वाला निकाय - डीजीएचएस  एएफएमसी, पुणे में प्रारंभिक एमबीबीएस प्रवेश और ईएसआईसी कॉलेजों में एमबीबीएस / बीडीएस सीटों के लिए आवेदन करने वाले सभी आईपी वार्डों के लिए भी काउंसलिंग आयोजक प्राधिकरण है।

एएफएमसी में प्रवेश के लिए या ईएसआईसी में आईपी वार्ड कोटे के तहत आने के लिए इच्छुक और पात्र परीक्षार्थी संबंधित काउंसलिंग प्रक्रियाओं के लिए डीजीएचएस वेबसाइट के जरिए अलग से आवेदन कर सकते हैं। ईएसआईसी और एएफएमसी, पुणे में आईपी वार्ड की सीटों के लिए आवश्‍यक समग्र विशेष पात्रता नीचे दिया गया है। 

सीट का प्रकार

पात्रता 

एएफएमसी, पुणे

आपके द्वारा डीजीएमसी आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से एएफएमसी के लिए आवेदन करने के बाद, एएफएमसी परीक्षार्थियों को शॉर्टलिस्ट कर प्रवेश देने के लिए अगले राउंड में जांच करेगा। एएफएमसी के लिए पात्रता मानदंडों में आयु सीमा, आवश्यक ऊंचाई आदि शामिल हैं।

ईएसआईसी में आईपी वार्ड की सीटें

ईएसआईसी संस्थानों में बीमित व्यक्ति (आईपी) कोटा सीटों के लिए डीजीएचएस अलग से एप्‍लीकेशन फार्म और प्रवेश प्रक्रिया शुरू करता है। नीट 2019 के बाद इसके लिए आवेदन करने वाले परीक्षार्थियों के लिए आवश्यक मूल पात्रता में से एक माता-पिता में से किसी एक का 1 जनवरी, 2019 तक 5, 4 या 3 वर्षों के लिए निरंतर बीमा योग्य रोजगार सृजित करते हुए, ईएसआई अधिनियम के तहत परिभाषित बीमाधारक होना आवश्यक है। 

काउंसलिंग प्रक्रिया

इसमें कोई संदेह नहीं है कि परीक्षार्थियों के लिए नीट के बाद सबसे महत्‍वपूर्ण काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होना होता है। नीट परिणाम के बाद क्वालीफाई परीक्षार्थी को काउंसलिंग के लिए सही एप्‍लीकेशन फार्म भरना होता है। इसके बाद की अन्य सभी आवश्यक प्रक्रियाएं काउंसलिंग प्राधिकरण के नियमित अपडेट के माध्‍यम से स्‍वत: ही होती जाएंगी। हालांकि मूल बातों के बारे में पहले से जानना हमेशा बेहतर होता है, क्‍योंकि इससे आप अपनी आगे की तैयारी कर सकते हैं। नीट के बाद क्या किया जाए, यह समझने में परीक्षार्थियों की मदद के लिए यहां काउंसलिंग प्रक्रिया का विवरण दिया गया है –

• एआईक्‍यू सीट काउंसलिंग: डीजीएचएस 15% एआईक्‍यू एमबीबीएस/बीडीएस सीटों के लिए काउंसलिंग के दो राउंड आयोजित करता है। दूसरा राउंड समाप्त होने के बाद बची हुई सीटें (अगर हो तो) राज्यों को वापस स्थानांतरित कर दी जाती हैं। पिछले वर्ष 159 मेडिकल कॉलेजों में लगभग 3,521 एमबीबीएस सीटें और 24 डेंटल कॉलेजों में 299 बीडीएस सीटें 15% ऑल इंडिया कोटा के तहत उपलब्ध थीं।

डीम्ड / सेंट्रल यूनिवर्सिटी काउंसलिंग: डीजीएचएस डीम्ड और सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लिए काउंसलिंग के दो राउंड आयोजित करता है, उसके बाद एक मॉप अप राउंड होता है।

• ईएसआईसी काउंसलिंग के लिए एएफएमसी और आईपी वार्ड: एएफएमसी पुणे और ईएसआईसी कॉलेजों में एमबीबीएस / बीडीएस कोर्स में प्रवेश के लिए डीजीएचएस ही काउंसलिंग निकाय है। इन सीटों के लिए इच्छुक और पात्र परीक्षार्थी को डीजीएचएस पोर्टल के माध्यम से स्वयं का पंजीयन करना चाहिए।

• राज्य कोटा काउंसलिंग: संबंधित राज्य काउंसलिंग प्राधिकरण अपने राज्यों में 85% राज्य कोटे की सीटों के लिए काउंसलिंग आयोजित करते हैं। ये सीटें आमतौर पर राज्यों के मुल निवासी परीक्षार्थियों के लिए आरक्षित होती हैं। राज्य कोटे की सीटों के लिए काउंसलिंग दो से तीन राउंड में होती है, उसके बाद मॉप-अप राउंड होता है।

• प्राइवेट कॉलेज काउंसलिंग: राज्य कोटे की सीटों के लिए काउंसलिंग करने वाला काउंसलिंग प्राधिकारण ही राज्य के प्राइवेट कॉलेजों में एमबीबीएस / बीडीएस सीटों के लिए काउंसलिंग करेगा। काउंसलिंग तीन से चार राउंड में की जा सकती है, उसके बाद खाली सीटों के आधार पर मॉप अप राउंड होगा। 


पंजीयन प्रक्रिया के बाद आवश्यक दस्तावेज

नीट के बाद क्या करना चाहिए यह जानने के इच्‍छुक परीक्षार्थी ध्यान दें कि अगर वे ऊपर बताए गए किसी भी काउंसलिंग प्रक्रिया के लिए आवेदन करते हैं, तो वे पाएंगे कि अधिकतर काउंसलिंग प्राधिकरण अपनी मेरिट लिस्‍ट जारी कर इनमें से पात्र परीक्षार्थियों को राज्य रैंक देंगे। कुछ राज्य काउंसलिंग प्राधिकरण भी नीट मेरिट लिस्‍ट के दो सेट जारी कर सकते हैं, जिनमें से एक सरकार के लिए और दूसरा प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों के लिए होगी। संबंधित काउंसलिंग के दौरान निम्नलिखित कुछ बुनियादी दस्तावेज हैं जिन्हें आपको आने साथ ले जाना चाहिए:

• नीट एडमिट कार्ड

• नीट रैंक लेटर

• 10वीं या 12वीं कक्षा के प्रमाण पत्र और मार्कशीट

• आईडी प्रमाण

• मूल निवासी प्रमाण (केवल राज्य कोटे की सीटों के लिए) एमबीबीएस एडमिशन 

नीट  2019 – राज्य काउंसलिंग प्राधिकरण  

एमबीबीएस स्टेट एडमिशन

आंध्र प्रदेश एमबीबीएस एडमिशन  

असम एमबीबीएस एडमिशन 

 बिहार एमबीबीएस एडमिशन 

 चंडीगढ़ एमबीबीएस एडमिशन 

 छत्‍तीसगढ़ एमबीबीएस एडमिशन 

 डीयू एमबीबीएस एडमिशन 

 गोवा एमबीबीएस एडमिशन 

गुजरात एमबीबीएस एडमिशन 

हरियाणा एमबीबीएस एडमिशन 

एचपी एमबीबीएस एडमिशन 

आईपीयू एमबीबीएस एडमिशन 

 जे ऐंड के एमबीबीएस एडमिशन 

 झारखंड एमबीबीएस एडमिशन 

 कर्नाटक एमबीबीएस एडमिशन 

केरल एमबीबीएस एडमिशन 

 एमपी एमबीबीएस एडमिशन 

महाराष्‍ट्र एमबीबीएस एडमिशन 

मेघालय एमबीबीएस एडमिशन 

 मणिपुर एमबीबीएस एडमिशन 

ओडिशा एमबीबीएस एडमिशन 

 पंजाब एमबीबीएस एडमिशन 

राजस्‍थान एमबीबीएस एडमिशन 

 तेलंगाना एमबीबीएस एडमिशन 

 त्रिपुरा एमबीबीएस एडमिशन 

 तमिलनाडु एमबीबीएस एडमिशन 

यूपी एमबीबीएस एडमिशन 

उत्‍तराखंड एमबीबीएस एडमिशन 

वेस्‍ट बेंगाल एमबीबीएस एडमिशन


अगर आप नीट 2019 में एमबीबीएस  सीट हासिल नहीं कर पाते हैं तो क्या होगा?

फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. संजय गोगोई ने बड़ी खूबसूरती से कहा, “डॉक्टर बनने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सिर्फ एक एमबीबीएस सीट चाहिए। शायद आप सभी पहली बार में नीट क्वालीफाई ना कर पाएं, लेकिन उम्मीद ना छोड़ें। कोशिश करते रहें, कड़ी मेहनत करें। याद रखें कि आपको केवल एक एमबीबीएस सीट चाहिए और देश में 60,000 से अधिक सीटें हैं। ”

अगर कोई इच्छित एमबीबीएस सीट हासिल नहीं कर पाया है, तो वह नीट के लिए फिर से आवेदन कर सकता है, क्योंकि नीट के लिए अटेम्‍प्‍ट्स की कोई सीमा नहीं है। इसके अलावा परीक्षार्थियों को यह भी याद रखना चाहिए कि नीट 2019 के स्कोर से न केवल एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा, बल्कि बीडीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस, बीवाईएमएस, बीएसएमएस और बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंसेज सहित कई अन्य कोर्स में भी इसी स्‍कोर के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। उपलब्ध ढ़ेर सारे विकल्पों को देखते हुए परीक्षार्थी नीट के बाद क्या करना है, इसके बारे में तसल्‍ली से सोच सकते हैं। 

यह भी याद रखना चाहिए कि चिकित्सा डोमेन में कई अलग-अलग क्षेत्र होते हैं, जो सिस्टम के सुचारू संचालन के लिए महत्वपूर्ण हैं और अगर इनमें आपकी रुचि है तो आप इन्‍हें भी अपना सकते हैं। नीट के बगैर फार्मेसी, नर्सिंग, बायोटेक्नोलॉजी, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, फॉरेंसिक साइंस, क्लिनिकल साइकोलॉजी, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट, ऑप्टोमेट्री जैसे कोर्स किए जा सकते हैं, इसलिए चिंता न करें कि नीट  के बाद क्या होगा और आत्मविश्वास से अपने सपने के मेडिकल कॅरियर को प्राप्त करने की दिशा में प्रयास करें।

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