Virohan Allied & Healthcare Programs
Allied & Healthcare programs | 20+ Partner Universities & Institutes | 98% placement record
नीट पात्रता मानदंड 2026 (NEET Eligibility Criteria 2026 in hindi) : मेडिकल उम्मीदवारों के लिए नीट परीक्षा 2026 का आयोजन 3 मई 2026 को किया जाएगा। नीट अभ्यर्थियों के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नीट 2026 पात्रता मानदंड neet.nta.nic.in पर जारी कर दिया गया है। नीट 2026 के लिए मूल पात्रता मानदंड यह है कि उम्मीदवार की आयु 31 दिसंबर, 2026 तक 17 वर्ष होनी चाहिए। उम्मीदवार को प्रवेश के समय भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान/जैव प्रौद्योगिकी के साथ अंग्रेजी विषयों के साथ कक्षा 12 उत्तीर्ण होना चाहिए। नीट पात्रता मानदंड 2026 में अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, राष्ट्रीयता आवश्यकताओं और अन्य प्रमुख कारकों को निर्दिष्ट किया गया है जिनके आधार पर नीट के लिए पात्रता निर्धारित होती है।
नीट 2026 के लिए आवेदन करें।
This Story also Contains
मेडिकल प्रवेश परीक्षा में बैठने की योजना बना रहे उम्मीदवारों को एनटीए नीट पात्रता मानदंड (NEET 2026 Eligibility Criteria in hindi) के प्रत्येक विवरण को जानना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि नीट पात्रता मानदंडों (NEET Eligibility Criteria in hindi) में से किसी को भी पूरा करने में विफल रहने वाले उम्मीदवारों को प्रवेश परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नीट की आयु सीमा, अधिकतम प्रयास और अन्य महत्वपूर्ण विवरण नीट पात्रता मानदंड (NEET eligibility criteria in hindi) के अंतर्गत शामिल होते हैं।
नीट पात्रता मानदंड 2026 अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, राष्ट्रीयता मानदंडों और अन्य प्रमुख कारकों को निर्दिष्ट करता है, जो नीट के लिए पात्रता निर्धारित करते हैं। नीट 2026 पात्रता मानदंड (NEET 2026 eligibility criteria in hindi) से संबंधित कोई भी नवीनतम अपडेट जारी होने के बाद उसे इस लेख में अपडेट किया जाएगा। उम्मीदवारों को नीट आवेदन पत्र भरने से पहले नीट पात्रता मानदंड (NEET eligibility criteria in hindi) को पूरा जांच लेना चाहिए। आपको बताते चलें कि यदि कोई भी उम्मीदवार नीट के लिए योग्यता मानदंडों को पूरा करने में विफल रहता है, तो उसे नीट आवेदन पत्र 2026 (NEET application form 2026 in hindi) भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष, बीएससी नर्सिंग और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में एडमिशन के लिए नीट 2026 परीक्षा आयोजित की जाएगी। यदि आप एक महत्वाकांक्षी मेडिकल छात्र हैं जो नीट 2026 में उपस्थित होना चाहते हैं, तो प्रवेश की शर्तों, कोड, योग्यता मानदंड, नीट आयु सीमा और नीट से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में विवरण जानने के लिए नीचे उपलब्ध नीट 2026 पात्रता मानदंड (NEET 2026 Eligibility Criteria in hindi) लेख को पूरा पढ़ें।
Allied & Healthcare programs | 20+ Partner Universities & Institutes | 98% placement record
उपयोगी लिंक-
उम्मीदवार जो निम्नलिखित नीट पात्रता मानदंडों (NEET Eligibility Criteria in hindi) को पूरा करते हैं और निर्धारित तिथि के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करते हैं, वे स्नातक मेडिकल प्रवेश परीक्षा में उपस्थित होने के लिए पात्र होंगे। जो अभ्यर्थी विदेश में मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते हैं, लेकिन प्रैक्टिस करने के लिए भारत वापस आना चाहते हैं, उनके लिए भी अब नीट अनिवार्य है। नीट यूजी 2026 परीक्षा में उपस्थित होने के लिए पात्रता मानदंड हैं:
न्यूनतम आयु: उम्मीदवारों को प्रवेश के वर्ष 31 दिसंबर तक 17 वर्ष पूरे कर लेने चाहिए।
अधिकतम आयु सीमा: परीक्षा के लिए कोई ऊपरी आयु सीमा नहीं है।
नागरिक: भारतीय नागरिक, भारत के विदेशी नागरिक (ओसीआई), और विदेशी नागरिक परीक्षा में शामिल होने के पात्र हैं।
मानक | विवरण |
नीट 2026 के लिए योग्यता परीक्षा |
|
योग्यता अंक | नीट 2026 परीक्षा के लिए आवश्यक कक्षा 12 प्रतिशत प्रत्येक श्रेणी के लिए अलग है और इसे नीचे सूचीबद्ध किया गया है। 12वीं कक्षा में नीट पात्रता अंक केवल पीसीबी विषयों के लिए कुल अंक हैं
|
नीट परीक्षा के लिए अधिकतम प्रयास क्या हैं? (how many attempts for neet allowed) | उम्मीदवारों के अधिकतम प्रयासों की संख्या की कोई तय संख्या नहीं है। उम्मीदवार जितनी बार चाहें नीट में हिस्सा ले सकते हैं, बशर्ते वे अन्य पात्रता मानकों पर खरे उतरते हों। |
जिन उम्मीदवारों ने अपनी शिक्षा देश के बाहर से पूरी की है, उन्हें NEET पात्रता मानदंड (NEET Eligibility Criteria) को पूरा करना होगा। एनआरआई/विदेशी छात्रों द्वारा उत्तीर्ण की जाने वाली पिछली परीक्षा उनके संबंधित देश में कक्षा 12 की योग्यता के बराबर होनी चाहिए। उम्मीदवारों को भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान का अध्ययन करना चाहिए और योग्यता परीक्षा में इनमें से प्रत्येक विषय के साथ-साथ अंग्रेजी में थ्योरी और प्रैक्टिकल परीक्षा उत्तीर्ण करनी चाहिए।
अनिवासी भारतीय (एनआरआई), भारत के विदेशी नागरिक (ओसीआई), और विदेशी नागरिक संबंधित राज्य सरकारों, संस्थानों और भारत सरकार द्वारा बनाए गए नियमों और विनियमों के अधीन मेडिकल/डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए पात्र हैं।
एनआरआई और ओसीआई आवेदकों/उम्मीदवारों को अपने ऑनलाइन नीट यूजी 2026 आवेदन पत्र (NEET UG 2026 application form in hindi) के साथ एनआरआई/ओसीआई उम्मीदवार के रूप में अपने दावे के समर्थन में अपने निवास के देश में संबंधित भारतीय राजनयिक मिशन से प्राप्त प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा।
इसी तरह, नीट 2026 के लिए एक विदेशी आवेदक को ऑनलाइन NEET आवेदन पत्र के साथ अपनी राष्ट्रीयता के समर्थन में दस्तावेजी प्रमाण (उदाहरण के लिए वैध पासपोर्ट के प्रासंगिक पृष्ठ या उसकी नागरिकता की स्थिति के संबंध में उसकी राष्ट्रीयता के देश में सक्षम प्राधिकारी से प्रमाण पत्र) भी अपलोड करना होगा।
नीट से जुड़े उपयोगी लिंक
पहले, NEET 2026 यूजी आयु सीमा और विषयों के साथ-साथ स्कूल के प्रकार पर बहुत सारे प्रतिबंध थे, लेकिन रिवाइज्ड नीट पात्रता मानदंड 2026 (NEET Eligibility Criteria 2026 in hindi) के अनुसार, अब वे सभी प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के नवीनतम अपडेट के अनुसार, नीट परीक्षा 2026 के लिए कोई ऊपरी आयु सीमा नहीं है। नीट 2026 पात्रता मानदंड (NEET 2026 eligibility criteria in hindi) में अधिकतम आयु सीमा की बाधा हटा दी गई है।
9 मार्च, 2022 को एनएमसी द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, नीट पात्रता मानदंड (NEET eligibility criteria in hindi) के लिए आयु सीमा हटा दी गई थी। ऐसे में, 17 वर्ष से अधिक आयु के उम्मीदवार नीट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे पहले, NEET परीक्षा की ऊपरी आयु सीमा सामान्य वर्ग के लिए 25 वर्ष और आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 30 वर्ष है।
नीट से जुड़े अहम लिंक
नीट के लिए 12 वीं में न्यूनतम प्रतिशत (neet eligibility marks in 12th in hindi) वांछित होता है। NEET में उपस्थित होने के लिए 12वीं में न्यूनतम आवश्यक उत्तीर्ण प्रतिशत नहीं प्राप्त कर पाने वाले उम्मीदवार इससे वंचित रह जाएंगे। संचालन प्राधिकारी ने 12वीं में NEET पात्रता अंकों में अनारक्षित वर्ग के लिए 50%, भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान में ओबीसी/एससी/एसटी और पीडब्ल्यूडी श्रेणियों के लिए 40% अंक निर्धारित किए हैं। न्यूनतम उत्तीर्ण प्रतिशत एनटीए द्वारा निर्धारित किया गया है। उम्मीदवार की आयु 31 दिसंबर, 2026 को 17 वर्ष होनी चाहिए।
हां, नए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग, NMC मानदंड के अनुसार, भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित या PCM स्ट्रीम वाले उम्मीदवार अब MBBS और BDS कार्यक्रमों में प्रवेश पाने के लिए NEET-UG 2026 परीक्षा दे सकते हैं।
नीट स्कोर के माध्यम से नर्सिंग प्रवेश पाने के इच्छुक छात्रों के लिए नवीनतम 12वीं के लिए नीट पात्रता अंक (neet eligibility marks in 12th) मानदंड की जांच की जा सकती है :
न्यूनतम आयु: 31 दिसंबर 2026 तक छात्रों की आयु 17 वर्ष होनी चाहिए।
योग्यता परीक्षा: उम्मीदवारों को अनिवार्य विषयों के रूप में भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और अंग्रेजी के साथ 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए।
न्यूनतम कुल अंक: सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को 45% अंकों के साथ योग्यता परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी, जबकि एससी/एसटी/ओबीसी के लिए न्यूनतम अंक 40% होने चाहिए।
आरक्षण नीति : दिव्यांग व्यक्तियों (पीडब्ल्यूडी) उम्मीदवारों को 3% आरक्षण प्रदान किया जाएगा।
आवेदन पत्र भरते समय, उम्मीदवारों को योग्यता परीक्षा के लिए नीट 2026 योग्यता कोड का चयन करने के लिए कहा जाएगा। उम्मीदवार नीचे दी गई तालिका को देखकर नीट योग्यता कोड के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
क्रमांक संख्या | योग्यता कोड |
1 | Code 01 |
2 | Code 02 |
3 | Code 03 |
4 | Code 04 |
5 | Code 05 |
6 | Code 06 |
7 | Code 07 |
कोड 01 : जो उम्मीदवार 2026 में अपनी कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे और अपने बोर्ड के परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं, उन्हें इस कोड का चयन करना होगा। हालांकि, एडमिशन के समय तक, ऐसे उम्मीदवारों को अपनी कक्षा 12 को निर्दिष्ट मानदंड के अनुसार उत्तीर्ण करना होगा, ऐसा नहीं करने पर वे अपात्र माने जाएंगे।
कोड 02 : उम्मीदवार जो उच्च / वरिष्ठ माध्यमिक परीक्षा या इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (आईएससीई) से पढ़ रहे हैं, जो कक्षा 12 की परीक्षा के बराबर होता है और 12 साल के अध्ययन की अवधि के बाद आता है, उन्हें इस कोड का चयन करना होगा। नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) के अनुसार, इस अध्ययन के अंतिम दो वर्षों में विज्ञान के विषय जैसे भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान / जैव प्रौद्योगिकी, और गणित या अंग्रेजी के साथ कोई अन्य वैकल्पिक विषय शामिल होना चाहिए। यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि ड्रॉपर्स के लिए नीट 2026 क्वालीफाइंग परीक्षा कोड (NEET 2026 Qualifying Code) भी समान होगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी उम्मीदवार ने वर्ष 2020 में सीबीएसई/आईसीएसई या किसी भी राज्य बोर्ड से योग्यता परीक्षा उत्तीर्ण की है, लेकिन NEET 2026 में उपस्थित होना चाहता है, तो वह कोड 2 के साथ परीक्षा के लिए आवेदन कर सकता है
कोड 03 : जिन उम्मीदवारों ने भारतीय विश्वविद्यालय / बोर्ड या अन्य मान्यता प्राप्त निकाय से विज्ञान में अपनी इंटरमीडिएट / प्री-डिग्री परीक्षा को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, अनिवार्य विषय के रूप में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान / जैव प्रौद्योगिकी, और अंग्रेजी से पूरा किया है, उन्हें इस कोड को चुनना होगा। पाठ्यक्रम में विज्ञान विषयों की प्रायोगिक परीक्षा होनी चाहिए। जिन उम्मीदवारों की कक्षा 12 या इसके समकक्ष योग्यता परीक्षा किसी राज्य बोर्ड से पूरी हुई है, उन्हें भी इस कोड का चयन करना होगा।
कोड 04 : उच्च माध्यमिक परीक्षा या पूर्व-विश्वविद्यालय या भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान / जैव प्रौद्योगिकी और अंग्रेजी के साथ समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद पूर्व-पेशेवर / पूर्व-चिकित्सा परीक्षा पूरी करने वाले उम्मीदवारों को आवेदन करते समय इस कोड का चयन करना होगा। प्री-प्रोफेशनल / प्री-मेडिकल परीक्षा में इन विषयों में व्यावहारिक परीक्षण और अनिवार्य विषय के रूप में अंग्रेजी भी शामिल होनी चाहिए।
कोड 05 : वे उम्मीदवार जो किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से तीन साल का डिग्री कोर्स कर रहे हैं, जिसमें भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान / जैव प्रौद्योगिकी अनिवार्य विषयों के रूप में हैं और इन विषयों में व्यावहारिक परीक्षण सहित प्रथम वर्ष में उत्तीर्ण हैं, उन्हें इस कोड का चयन करना आवश्यक है। उम्मीदवारों को ध्यान देना चाहिए कि यहां योग्यता परीक्षा एक विश्वविद्यालय स्तर की परीक्षा होनी चाहिए और उम्मीदवारों को पहले की योग्यता परीक्षा 10 + 2 भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान / जैव प्रौद्योगिकी एवं अंग्रेजी के साथ एक मुख्य पाठ्यक्रम के रूप में उत्तीर्ण होना चाहिए।
कोड 06 : जिन उम्मीदवारों ने भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान (वनस्पति विज्ञान, प्राणीशास्त्र) / जैव-प्रौद्योगिकी में से कम से कम दो विषयों के साथ भारतीय विश्वविद्यालय से बीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की है, उन्हें आवेदन प्रक्रिया के दौरान इस कोड का चयन करना होगा। इसके अलावा, उनके द्वारा अंग्रेजी, भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के साथ पहले की योग्यता परीक्षा (10 + 2) उत्तीर्ण की जानी चाहिए।
कोड 07: जिन उम्मीदवारों ने किसी अन्य परीक्षा को पास किया है, जो कि स्कोप और स्टैंडर्ड (पिछले दो वर्षों के 10 + 2 अध्ययन जिसमें भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान/जैव प्रौद्योगिकी शामिल है, जिसमें इन विषयों में व्यावहारिक परीक्षा शामिल होगी) किसी भारतीय विश्वविद्यालय/बोर्ड की इंटरमीडिएट विज्ञान परीक्षा के बराबर पाया जाता है, इस कोड को चुनना होगा। विदेश से योग्यता परीक्षा पूरी करने वाले उम्मीदवारों को भी इस कोड को भरना आवश्यक है।
किसी भी परीक्षा की पात्रता में सबसे पहले आयु सीमा और शैक्षिक योग्यता पर नजर जाती है। नीट आयु सीमा (neet age limit) के मामले में उम्मीदवार थोड़ी राहत महसूस कर सकते हैं। नीट 2026 के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं रखी गई है। किसी भी उम्र के उम्मीदवार अधिकतम neet age limit की चिंता किए बिना इसमें भाग ले सकते है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए, पात्रता के संबंध में प्रत्येक उम्मीदवार की मुख्य चिंता नीट की आयु सीमा है। नीट 2026 पात्रता मानदंड (NEET 2026 Eligibility ) के अनुसार, उम्मीदवारों को नीट 2026 एडमिशन के समय या 31 दिसंबर, 2026 तक या उससे पहले 17 वर्ष की आयु पूरी करनी होगी।
नीट के लिए श्रेणी-वार आयु मानदंड (Category-wise age criteria for NEET 2026 in hindi)
श्रेणी | न्यूनतम आयु के लिए जन्म तिथि |
अनारक्षित श्रेणी (यूआर) के उम्मीदवारों के लिए | 31 दिसंबर, 2008 को या उससे पहले जन्म हुआ हो |
अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए |
नीट के लिए 12 वीं में न्यूनतम प्रतिशत क्या होना चाहिए इससे जुड़े प्रश्न का उत्तर उम्मीदवार की श्रेणी पर निर्भर करेगा। नीट के लिए 12 वीं में न्यूनतम प्रतिशत क्या होना चाहिए इस प्रश्न का जवाब नीचे दिए गए बिंदुओं से मिलेगा-
उम्मीदवारों को 10 + 2 या समकक्ष की योग्यता परीक्षा में व्यक्तिगत रूप से भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान / जैव प्रौद्योगिकी और अंग्रेजी उत्तीर्ण होना चाहिए।
अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को अपनी कक्षा 12 या एचएससी परीक्षा में भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान / जैव प्रौद्योगिकी में न्यूनतम आवश्यक प्रतिशत 50% अंक प्राप्त करने चाहिए।
अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के उम्मीदवारों को कक्षा 12 योग्यता परीक्षा में कुल मिलाकर भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान / जैव प्रौद्योगिकी में न्यूनतम 40% अंक प्राप्त करने चाहिए।
निचले अंगों की गतिहीनता वाले व्यक्तियों को सामान्य-पीएच के लिए न्यूनतम 45% अंक और एससी-पीएच / एसटी-पीएच / ओबीसी-पीएच के लिए भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान / जैव प्रौद्योगिकी में कुल मिलाकर 40% अंक प्राप्त करने चाहिए।
ये भी पढ़ें-
नीट पात्रता मानदंड 2026 (NEET Eligibility Criteria 2026 in hindi) - न्यूनतम आवश्यक प्रतिशत
श्रेणी | नीट 2026 के लिए आवश्यक न्यूनतम अंक |
अनारक्षित | 50% |
एससी/एसटी/ओबीसी/आरक्षित-पीएच | 40% |
अनारक्षित-पीएच | 40% |
नीट पात्रता मानदंड के लिए 2018 में संशोधनों के आधार पर, अधिकारियों ने नीट के लिए प्रयासों की संख्या पर प्रतिबंध हटा दिया है। इसलिए नीट 2026 के लिए प्रयासों की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं है। अब उम्मीदवारों को जितनी बार चाहें उतनी बार नीट परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी, यदि वे पात्र हैं।
नीट पात्रता मानदंड 2026 (NEET Eligibility Criteria 2026 in hindi) - 15% अखिल भारतीय कोटा सीटें/डीम्ड विश्वविद्यालय/केंद्रीय विश्वविद्यालय/ईएसआईसी और एएफएमसी कॉलेज
NEET UG 2026 परीक्षा के लिए अर्हता प्राप्त करने वाले उम्मीदवार 15% अखिल भारतीय कोटा सीटों, डीम्ड विश्वविद्यालयों के साथ-साथ केंद्रीय विश्वविद्यालयों, ESIC और AFMC में 100% सीटों के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। नीट के लिए यह काउंसलिंग एमसीआई द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित की जाएगी।
जम्मू-कश्मीर के उम्मीदवार 15% अखिल भारतीय कोटा सीटों के लिए पात्र नहीं हैं, जब तक कि उन्होंने नीट आवेदन पत्र 2026 (NEET Application Form 2026) के साथ जमा करने के लिए स्व-घोषणा पत्र नहीं भरा है। नीट 2026 आवेदन पत्र (NEET 2026 Application Form) के लिए स्व-घोषणा यह दर्शाती है कि उम्मीदवार 15% अखिल भारतीय कोटा सीटों के लिए काउंसलिंग में भाग लेना चाहता हैऔर बदले में गृह राज्य काउंसलिंग छोड़ देगा/देगी। नीट पात्रता मानदंड (NEET Eligibility Criteria in hindi) के अनुसार, ऐसे उम्मीदवार डीम्ड विश्वविद्यालयों, ईएसआईसी और एएफएमसी कॉलेजों की सीटों के लिए पात्र होंगे।
डीयू की 85% सीटों का आवंटन दिल्ली से 10वीं और 12वीं कक्षा पूरी करने वाले उम्मीदवारों के लिए खुला होगा, जबकि एएमयू की संस्थागत कोटा सीटें विशेष रूप से केवल एएमयू छात्रों के लिए होंगी।
85% राज्य कोटा सीटों का मतलब क्रमशः राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सभी सरकारी कॉलेजों में सीटें है। ऐसी सीटों के लिए काउंसलिंग संबंधित राज्य अधिकारियों द्वारा आयोजित की जाएगी। राज्य कोटा सीटों के लिए आवेदन करने के लिए, उम्मीदवारों को प्रत्येक राज्य या केंद्र शासित प्रदेश प्राधिकरण द्वारा निर्धारित NEET 2026 पात्रता मानदंडों (NEET 2026 Eligibility Criteria in hindi) को पूरा करना होगा और इसमें निवास स्थान, शर्तें भी शामिल होनी चाहिए। NEET के माध्यम से निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश भी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की नीतियों के अधीन होगा।
अन्य मददगार लिंक
Frequently Asked Questions (FAQs)
NEET 2026 के पात्रता मानदंड में योग्यता परीक्षा, NEET परीक्षा के लिए आवश्यक उत्तीर्ण प्रतिशत, राष्ट्रीयता, आयु सीमा, प्रयासों की संख्या आदि से संबंधित शर्तें और दिशानिर्देश शामिल होती हैं जिन्हें एक उम्मीदवार यदि पूरा न कर पाए, तो उसे नीट के माध्यम से एडमिशन नहीं मिलता है।
कक्षा 12 के अंक केवल NEET 2026 के लिए पात्रता निर्धारण के उद्देश्य से मायने रखते हैं।
NEET पात्रता मानदंड के अनुसार 2018 में संशोधन के साथ, NEET के प्रयासों की संख्या पर से प्रतिबंध हटा दिया गया था। इसलिए NEET 2026 के लिए प्रयासों की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी सभी मेडिकल इच्छुक उम्मीदवारों के लिए NEET 2026 पात्रता मानदंड जारी करने के लिए सक्षम प्राधिकारी है।
कक्षा 12 में NEET के लिए आवश्यक प्रतिशत प्रत्येक श्रेणी के लिए अलग है और इसे निम्नानुसार सूचीबद्ध किया जा सकता है। 12वीं में नीट पात्रता अंक के लिए केवल पीसीबी विषयों के लिए कुल अंक को देखा जाता है, अनारक्षित - 50%, ओबीसी/एससी/एसटी - 40%, और पीडब्ल्यूडी - 45%।
जो उम्मीदवार पात्रता मानदंडों को पूरा करेंगे वे NEET परीक्षा दे सकेंगे।
प्राधिकरण ने स्पष्ट नियम और विनियम निर्दिष्ट किए हैं जिनका प्रवेश प्रक्रिया के लिए पात्र माने जाने के लिए एक उम्मीदवार को पालन करना होगा। उम्मीदवार सूचना विवरणिका में उल्लिखित नियमों को पढ़ सकते हैं जो उन्हें इसका पालन करने में मदद करेंगे।
हां, गैप ईयर वाले उम्मीदवार नीट 2026 के लिए पात्र होंगे। इससे पहले, एमसीआई ने "Regulations on Graduate Medical Education, 1997" में संशोधन किया था जिसमें यह निर्दिष्ट किया गया था कि एक छात्र को प्रवेश के लिए पात्र बनने के लिए लगातार दो साल का अध्ययन करना होगा। हालाँकि, इस संशोधन को दिल्ली उच्च न्यायालय ने हटा दिया था और अंतराल वाले उम्मीदवार अब NEET 2026 के लिए उपस्थित हो सकते हैं। NEET का नवीनतम सूचना विवरणिका भी इसे निर्दिष्ट करता है।
On Question asked by student community
Hi! To score good marks in NEET, it is best to practice with NEET previous years’ question papers. This helps in improving time management and also allows you to understand question trends. You can download NEET previous years’ question papers from the link provided below.
Link
NEET previous years’ question
Hi! Could you please elaborate on what you are referring to? It will be easier for us to help.
To get admission at AIIMS, candidates need to score over 620 marks for the SC category. The detailed information can be checked here.
NEET Cut off for AIIMS
For BC-D (backward class), a score of over 500 marks in NEET is considered a good score. While scoring around over 400 marks in NEET, candidates can get admission in private medical colleges.
Hi, NEET UG is not mandatory for paramedical admissions in the 2026–27 session. Earlier, the National Commission for Allied and Healthcare Professions had announced NEET UG as a mandatory exam for admission to paramedical courses. However, later, the commission issued an official notification stating that NEET 2026 is not required
Amongst top 3% universities globally (QS Rankings) | Wide Range of scholarships available
NAAC A++ Accredited | Accorded institution of Eminence by Govt. of India | NIRF Rank #3
Alied Health Sciences at SCSVMV | NAAC 'A' Grade | AICTE & UGC Aproved | 100% Placement Support | Merit-based Scholarships
Allied & Healthcare programs | 20+ Partner Universities & Institutes | 98% placement record
Ranked #19 by NIRF, NAAC A++ Accredited | Recognized by dental council of India
Ranked #18 by NIRF, NAAC A++ Accredited | Unmatched clinical exposure with over 7 lakh patients yearly