एमबीबीएस कोर्स फीस (MBBS Course Fees 2019)
Team Careers, 22 मई 2019
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एमबीबीएस कोर्स फीस- मे‌ड‌िकल कोर्स में एडमिशन के इच्छुक उम्मीदवारों को पूरे भारत में होने वाले स्नातक एमबीबीएस के पाठ्यक्रम (कोर्स) की फीस पता होनी चाहिए। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट (NEET) भारत में निजी कॉलेजों के साथ-साथ एमबीबीएस पाठ्यक्रमों में एडमिशन के लिए एकमात्र परीक्षा है। नीट (NEET) ने छात्रों पर से अनेक एडमिशन टेस्ट में बैठने के बोझ कम कर दिया है। वर्तमान में सरकारी और निजी कॉलेजों को अपने राज्य संचालन अथॉरिटी और मेडिकल काउंसलिंग कमिटी (एमसीसी) के माध्यम से एमबीबीएस कोर्स की फीस से जुड़े विवरण की घोषणा करने को भी अनिवार्य कर दिया गया है।

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इसके साथ, मेडिकल उम्मीदवारों को एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने से पहले एमबीबीएस पाठ्यक्रम की फीस का पता चल जाता है और जिससे उन्हें यूजी मेडिकल प्रवेश के लिए अधिक पॉजिटिव होने में मदद मिल सकती है। सभी सरकारी/सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों/केंद्रीय विश्वविद्यालयों और निजी संस्थानों/डीम्ड विश्वविद्यालयों के बीच एमबीबीएस कोर्स की फीस भिन्न-भिन्न होती है। इसलिए, करियर्स360 नीट परीक्षा के माध्यम से एडिमिशन के लिए विभिन्न विश्वविद्यालयों/कॉलेजों और संस्थानों के एमबीबीएस कोर्स फीस और एम्स (AIIMS) और जिपमर (JIPMER) संस्थानों में एडमिशन के लिए भी आर्टिकल प्रकाशित करता है।

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एमबीबीएस कोर्स फीस

  • केंद्रीय विश्वविद्यालय

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) मेडिकल पाठ्यक्रम वाले दो केंद्रीय विश्वविद्यालय थे। बाद में, पिछले साल से, केंद्रीय विश्वविद्यालय में एडमिशन के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के तहत मेडिकल कॉलेजों को भी इसके अंतर्गत लाया गया है।

दो केंद्रीय विश्वविद्यालयों में मेडिकल पाठ्यक्रम - काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में एडमिशन के लिए एमबीबीएस कोर्स फीस का उल्लेख नीचे किया गया है:

कॉलेज

वार्षिक शुल्क

मैनेजमेंट कोटा (₹)

एनआरआइ कोटा ($)

जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़

39,990

75,600

इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस, काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), वाराणसी

14,874

-

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) से एफिलिएटेड मेडिकल कॉलेज

3,00,000 (श्योरिटी बांड)


  • डीम्ड विश्वविद्यालय

देश भर के 42 डीम्ड विश्वविद्यालयों द्वारा कुल 6204 एमबीबीएस (MBBS) सीटें (मैनेजमेंट और एनआरआइ कोटा) उपलब्ध हैं। विभिन्न डीम्ड विश्वविद्यालयों में मैनेजमेंट कोटा के लिए वार्षिक एमबीबीएस कोर्स फीस आमतौर पर अधिक है और यह 2,11,000/- रु. से 2250,000/- रु. के बीच में बदलता रहता है। सबसे कम फीस एमजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, सेवाग्राम वर्धा द्वारा लिया जा रहा है, जबकि एसआरएम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, चेन्नई में यह सबसे अधिक है।

डीम्ड विश्वविद्यालयों में एनआरआई कोटे के तहत एमबीबीएस कोर्स की फीस 25,00 /- यूएस डॉलर से 2,20,000/- यूएस डॉलर के बीच है. इन विश्वविद्यालयों श्री सिद्धार्थ मेडिकल कॉलेज, दिल्ली यूनिवर्सिटी, तुमकुर द्वारा ली जाने वाली फीस सबसे कम है, जबकि श्री रामचंद्र मेडिकल कॉलेज और आरईएस इंस्टिट्यूट, चेन्नई की फीस सबसे अधिक है।

  • सरकारी मेडिकल कॉलेज/संस्थान

सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए एमबीबीएस कोर्स फीस के लिए सब्सिडी दी जाती है और यह देश में सबसे कम है। सरकारी कॉलेजों के अंतर्गत ऑल इंडिया और स्टेट कोटे की सीटों के लिए एमबीबीएस कोर्स की फीस भिन्न-भिन्न है। हालांकि, यहां उल्लिखित फीस में केवल शिक्षण फीस शामिल है, लेकिन इसके अलावा छात्रों को हॉस्टल, पंजीकरण और अन्य फीस के लिए भी भुगतान करना होता है।

  1. ऑल इंडिया कोटा – ऑल इंडिया कोटा सीटों के लिए काउंसलिंग एमसीसी (MCC) की तरफ से डीजीएचएस (DGHS) द्वारा संचालित की जाती है। ऑल इंडिया कोटा काउंसलिंग में भाग लेने वाले सभी राज्यों को उन सीटों के लिए निर्धारित किए गए फीस के प्रस्ताव के बारे में एमसीसी को पहले से सूचित करना आवश्यक है। अखिल भारतीय कोटे की सीटों के लिए वार्षिक ट्यूशन एमबीबीएस कोर्स की फीस मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली में सबसे कम है (240/- रु. वार्षिक), जबकि सबसे अधिक फीस गोवा मेडिकल कॉलेज, पणजी में वार्षिक 89,500/- रु. है।

  2. राज्य (State) कोटा – राज्य कोटे के लिए सरकारी कॉलेजों में एमबीबीएस कोर्स की फीस स्टेट काउंसलिंग अथॉरिटी द्वारा निर्धारित की जाती है। राज्य कोटे के लिए एमबीबीएस का कोर्स फीस मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली की तरह वार्षिक 250/- रु. तक कम हो सकता है। राज्य कोटे के तहत सबसे कम वार्षिक कोर्स फीस वाला राज्य तमिलनाडु है, जो 4000/- रु. सालाना है। यह 70,900/- रु. के वार्षिक फीस के साथ महाराष्ट्र राज्य में सबसे अधिक है। राज्य कोटे के तहत सीटें लेने वाले छात्रों को आमतौर पर राज्य सरकार के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर करने की आवश्यकता होती है, जिसके तहत उन्हें एमबीबीएस कोर्स पूरा होने के बाद एक न्यूनतम अवधि के लिए संबंधित राज्य में अपनी सेवाएं देनी होती हैं। इस संबंध में उत्तराखंड राज्य उम्मीदवारों को बॉन्ड पर हस्ताक्षर किए बिना कोर्स का चुनने अनुमति देता है। हालांकि इसके लिए उन्हें उच्चतर कोर्स फीस के रूप में 4,00,000/- रु. का भुगतान करना पड़ता है। राज्य कोटा एमबीबीएस कोर्स की वार्षिक फीस आमतौर पर उत्तर प्रदेश को छोड़कर सभी श्रेणियों के लिए समान है, जहां यह आरक्षित श्रेणी के लिए (9000/- रु.) और अनारक्षित श्रेणी (18,000/- रु.) के लिए अलग-अलग है।

  3. एनआरआई कोटा – कुछ सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में एनआरआई उम्मीदवारों के लिए सीटें आरक्षित हैं। ऐसे संस्थानों में संपूर्ण कोर्स के लिए एमबीबीएस कोर्स फीस 20,000 अमरीकी डालर से 75,000 अमरीकी डालर तक है।

  • निजी मेडिकल कॉलेज/संस्थान

निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस पाठ्यक्रम फीस आमतौर पर स्वयं संस्थानों द्वारा तय किया जाता है। हालाँकि, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों ने कैपिंग की शुरुआत की है कि प्रत्येक श्रेणी के लिए वार्षिक फीस कितना होना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निजी संस्थान छात्रों पर अधिक बोझ न डालें। निजी कॉलेजों में सीटों की मुख्य श्रेणियां मैनेजमेंट और एनआरआई कोटा हैं। इसके अलावा, लगभग सभी निजी कॉलेजों में आमतौर पर सरकारी कोटा के लिए भी सीटें आरक्षित होती हैं, जिसके लिए एमबीबीएस कोर्स की फीस अन्य दो श्रेणियों की तुलना में कम होती है।

  1. मैनेजमेंट कोटा – मैनेजमेंट कोटा सीटों के लिए एमबीबीएस का कोर्स शुल्क केरल के मेडिकल कॉलेजों के 4,00,000/- रु. से लेकर राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान और अनुसंधान संस्थान, जयपुर, राजस्थान की तरह 17,95,000/- रु. तक है।

  2. एनआरआई कोटा – विभिन्न निजी मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटे के लिए एमबीबीएस कोर्स फीस भी स्वयं संस्थानों द्वारा तय किया जाता है। एनआरआई कोटा के तहत आवेदन करने वाले छात्रों के लिए औसत वार्षिक एमबीबीएस कोर्स फीस 25,000 USD है।

  3. सरकारी कोटा – देश के कई निजी कॉलेजों में संबंधित राज्य सरकार के लिए आवंटित सीटों की एक निश्चित संख्या तय की गई है। निजी संस्थानों में भी, इन सीटों के लिए एमबीबीएस कोर्स फीस अन्य श्रेणियों की तुलना में कम है और यह 10,000/- से 7,00,000/- रु. के बीच है।

  4. अन्य – कर्नाटक राज्य के कुछ निजी/स्व-वित्तपोषित मेडिकल कॉलेजों में, ‘अन्य’ के रूप में निर्दिष्ट कोटा भी है, जिसके लिए एमबीबीएस कोर्स फीस 21,00,000/- रु. से लेकर 40,00,000/- रु. प्रति वर्ष है।

एम्स एमबीबीएस फीस

चिकित्सा शिक्षा के मामले में देश के प्रमुख संस्थान एम्स के एमबीबीएस के लिए कोर्स फीस का निर्धारण अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली द्वारा देश भर के अपने 9 परिसरों में किया जाता है। एमबीबीएस पाठ्यक्रम के रूप में एम्स का वार्षिक कोर्स फीस 5856/- रु. के साथ बहुत कम है। होस्टल की फीस सीट की उपलब्धता और आवश्यकता के अनुसार ली जाती है। एम्स में एनआरआई कोटे के तहत आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए एमबीबीएस कोर्स फीस पूरे पाठ्यक्रम के लिए केवल 75,000 अमरीकी डालर है। एम्स एमबीबीएस 2019 का आयोजन 25 और 26 मई को कंप्यूटर आधारित मोड में लिया जाएगा।

जिपमर (JIPMER) एमबीबीएस की फीस

जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (JIPMER) मेडिकल कोर्स की पढ़ाई के लिए एक प्रतिष्ठित संस्थान है। इस सरकारी संस्थान के दो परिसर है: पुदुचेरी और कराईकल, जिसके कुल एमबीबीएस कोर्स की फीस 11,620/- रु. है। इसमें एडमिशन फीस, शैक्षणिक शुल्क, जिपमर छात्र संघ, शिक्षण संसाधन, कॉर्पस फंड, आईटी शुल्क और पहचान पत्र शुल्क शामिल हैं। एक वर्ष के लिए छात्रावास शुल्क केवल 14,000/- रु. है। जिपमर में एनआरआई कोटा के तहत आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए एमबीबीएस का कोर्स फीस पूरे कोर्स के दौरान के लिए केवल 75,000 यूएस डॉलर है। जिपमर एमबीबीएस 2019 की परीक्षा तिथि घोषित कर दी गई है और यह 2 जून को आयोजित की जाएगी।

एमबीबीएस कोर्स शुल्क - अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: क्या निजी कॉलेजों में एमबीबीएस कोर्स की फीस मैनेजमेंट कोटा सीटों के लिए डीम्ड विश्वविद्यालयों की तरह ही है?

उत्तर: मैनेजमेंट कोटा सीटों के लिए निजी कॉलेजों और डीम्ड विश्वविद्यालयों दोनों के लिए शुल्क आमतौर पर अपने उच्चतम स्तर पर है। हालांकि, दोनों में एमबीबीएस कोर्स की फीस एक समान हो यह जरूरी नहीं है।

प्रश्न: क्या सभी निजी कॉलेजों में सरकारी सीट के साथ फीस में सब्सिडी दी जाती है?

उत्तर: देश के अधिकांश निजी कॉलेजों को अपनी सीटों का कुछ निश्चित प्रतिशत सरकारी कोटे के लिए आरक्षित रखना आवश्यक है। ऐसी सीटों के लिए एमबीबीएस कोर्स की फीस आमतौर पर सब्सिडी वाली होती है। हालांकि, कुछ निजी संस्थान ऐसे हैं, जिनमें सरकारी कोटे की सीटों का प्रावधान नहीं है।

प्रश्न: क्या सभी छात्र के लिए, जो सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश ले रहे हैं, संबंधित राज्य सरकार के साथ एक बांड पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य है?

उत्तर: हां, आमतौर पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले सभी छात्रों को उस राज्य में सेवा देने लिए एक कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर करने की आवश्यकता होती है, जिसके लिए उन्हें संबंधित राज्य सरकार को बांड राशि का भुगतान करना होता है। बॉन्ड राशि और अवधि अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग है। हालांकि, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में छात्रों को बिना बांड के भी एडमिशन लेने का प्रावधान है, लेकिन यहाँ एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुल्क में सब्सिडी नहीं है और फीस भी बहुत अधिक है।

प्रश्न: रजिस्ट्रेशन के समय भुगतान किए जाने वाले विभिन्न शुल्क क्या हैं?

उत्तर: रजिस्ट्रेशन के समय छात्रों को दो तरह के शुल्क देने होते हैं।

डीम्ड विश्वविद्यालयों के लिए

-- नन-रिफंडेबल रजिस्ट्रेशन फीस:- 5000 /- रु. (यह सभी उम्मीदवारों के लिए समान है)

-- रिफंडेबल सेक्यूरिटी राशि:- जैसे 2,00,000 /- रु.

-- डीम्ड विश्वविद्यालय का चुनाव करने वाले किसी भी उम्मीदवार को रजिस्ट्रेशन के समय 5000/- रु. नन-रिफंडेबल फीस + 2,00,000/- रु. रिफंडेबल सेक्यूरिटी राशि का भुगतान करना होता है।

ऑल इंडिया कोटा 15% और केंद्रीय विश्वविद्यालय (DU, AMU, BHU और जामिया मिलिया इस्लामिया, दिल्ली)/AFMS और ESI के लिए

नॉन-रिफंडेबल फीस रजिस्ट्रेशन फीस: - अनारक्षित उम्मीदवारों के लिए 1000/- रु. और एससी/एसटी/ओबीसी/पीएच उम्मीदवारों के लिए रु. 500/- रु.।

रिफंडेबल सेक्यूरिटी राशि: - अनारक्षित उम्मीदवारों के लिए 10,000/- रु. और एससी/एसटी/ओबीसी/पीएच के लिए 5,000/- रु. (जैसे, केंद्रीय विश्वविद्यालयों/एएफएमएस/ईएस के लिए किसी भी यूआर उम्मीदवार को रजिस्ट्रेशन के समय 1000/- + 10,000/- = 11,000 रु. और एससी/एसटी/ओबीसी/पीएच उम्मीदवार को पंजीकरण के समय रु. 500 + 5,000 = 5,500 रु. का भुगतान करना होगा।)

प्रश्न: यदि उम्मीदवार को ऑल इंडिया कोटा (AIQ) और डीम्ड विश्वविद्यालय दोनों के लिए आवेदन करना था, तो क्या उम्मीदवार को दोनों के लिए शुल्क का भुगतान करना चाहिए?

उत्तर: नहीं, ऐसे मामले में उम्मीदवार को केवल अधिकतम शुल्क का भुगतान करना होगा यानी डीम्ड विश्वविद्यालय के लिए 5000 /- रु. (काउंसलिंग/रजिस्ट्रेशन) + 2,00,000/- रु. (सिक्यूरिटी राशि)।

प्रश्न: सिक्यूरिटी राशि कहां और कब वापस की जाएगी?

A: सिक्यूरिटी राशि (security amount) को उस संस्थान को वापस कर दिया जाएगा, जहां पर उम्मीदवार का एडमिशन होगा और उस राशि को पहले वर्ष के वार्षिक शुल्क के साथ समायोजित किया जाएगा। यदि उम्मीदवार को अतिरिक्त वैकेंसी राउंड सहित काउंसलिंग के सभी राउंड में कोई सीट आवंटित नहीं की जाती है, तो रजिस्ट्रेशन के समय उम्मीदवार द्वारा दिया गया शुल्क उसके खाते में वापस कर दिया जाएगा। लेकिन यह सिक्यूरिटी राशि काउंसलिंग पूरी होने के बाद ही वापस किया जाएगा।

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