NEET PG College Predictor
NEET PG All India & State College Predictor with Admission Process Guide
नीट पीजी काउंसलिंग 2026 में पिछले वर्ष की तुलना में कई अहम बदलाव किए गए हैं। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) ने काउंसलिंग प्रक्रिया को लेकर नए प्रावधान पेश किए हैं, जिनमें फ्रीज और फ्लोट विकल्प, ऑनलाइन दस्तावेज़ सत्यापन, एनआरआई कोटा प्रक्रिया का ऑनलाइन संचालन, दिव्यांग (PwD) उम्मीदवारों के मेडिकल असेसमेंट से जुड़े संशोधित नियम, इंटर्नशिप पूरी करने की बढ़ाई गई कट-ऑफ तिथि और 24x7 हेल्प डेस्क शामिल हैं। इन बदलावों का उल्लेख एमसीसी द्वारा 7 अक्टूबर, 2026 को जारी नीट पीजी सूचना बुलेटिन 2026 में किया गया है। नीट पीजी काउंसलिंग 2026 में भाग लेने वाले उम्मीदवारों को काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करने से पहले इन नए नियमों और प्रावधानों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।
This Story also Contains
बदलाव | नीट पीजी काउंसलिंग 2026 में क्या नया है? |
फ्रीज/फ्लोट अपग्रेडेशन | अपग्रेडेशन (सुधार/सीट बदलाव) चाहने वाले उम्मीदवार पहले की तरह भौतिक (Physical) प्रक्रिया पूरी करने के बजाय अब अपनी सहमति ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। |
एक बार दस्तावेज अपलोड | फ्रीज और फ्लोट उम्मीदवारों को सीट आवंटन के बाद MCC पोर्टल पर अपने स्कैन किए गए दस्तावेज अपलोड करने होंगे। |
एनआरआई कोटा प्रक्रिया | NRI दस्तावेजों का जमा होना और उनका सत्यापन अब ऑनलाइन पूरा किया जाएगा। |
दिव्यांगजन चिकित्सा मूल्यांकन | एक समर्पित PwD अध्याय शामिल किया गया है और अधिक चिकित्सा मूल्यांकन बोर्ड जोड़े गए हैं। |
इंटरर्नशिप कट-ऑफ | इंटर्नशिप पूरी करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 सितंबर, 2026 कर दिया गया है। |
हेल्प डेस्क | MCC ने 24x7 कॉल सेंटर और एक नया ईमेल आईडी सूचीबद्ध किया है। |
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मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने नीट पीजी काउंसलिंग 2026 की प्रक्रिया में छह प्रमुख बदलाव किए हैं। इनका उद्देश्य सीट अपग्रेडेशन, दस्तावेज़ सत्यापन, NRI कोटा और दिव्यांग (PwD) उम्मीदवारों के मेडिकल असेसमेंट सहित काउंसलिंग से जुड़ी प्रक्रियाओं में संशोधन करना है। नीट पीजी 2026 काउंसलिंग में MCC द्वारा किए गए सभी प्रमुख बदलावों का विवरण नीचे दिया गया है।
नीट पीजी काउंसलिंग 2026 में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक आवंटित सीट को अपग्रेड कराने की प्रक्रिया से जुड़ा है। वर्ष 2025 में उम्मीदवारों को सीट अपग्रेडेशन के लिए अपनी सहमति देने से पहले आवंटित कॉलेज में व्यक्तिगत रूप से रिपोर्ट करना पड़ता था। हालांकि, 2026 में MCC ने इस प्रक्रिया के लिए फ्रीज और फ्लोट के दो विकल्प निर्धारित किए हैं।
जिन उम्मीदवारों को आवंटित सीट स्वीकार है और वे उसे अपग्रेड नहीं कराना चाहते, वे फ्रीज विकल्प चुन सकते हैं। इस विकल्प के तहत निम्नलिखित नियम लागू होंगे:
उम्मीदवार को आवंटित सीट अपने पास रखनी होगी।
प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए आवंटित संस्थान में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
मूल दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित संस्थान में किया जाएगा।
उम्मीदवारों को संस्थान में प्रवेश शुल्क जमा करना होगा।
दस्तावेजों का सफलतापूर्वक सत्यापन होने के बाद सीट को अंतिम रूप दिया जाएगा।
यदि उम्मीदवार के दस्तावेज सही पाए जाते हैं, तो प्रवेश प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। वहीं, दस्तावेजों में किसी प्रकार की विसंगति मिलने पर आवंटित सीट रद्द की जा सकती है।
जो उम्मीदवार अगले राउंड में शामिल होकर अपनी आवंटित सीट को अपग्रेड कराने का अवसर चाहते हैं, वे फ्लोट विकल्प चुन सकते हैं। इस विकल्प के तहत प्रक्रिया निम्नानुसार होगी:
उम्मीदवारों को सीट अपग्रेडेशन के लिए ऑनलाइन सहमति देनी होगी।
आवश्यक दस्तावेज MCC पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।
अपलोड किए गए दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित संस्थान के नोडल अधिकारी द्वारा ऑनलाइन किया जाएगा।
इस चरण में उम्मीदवारों को आवंटित कॉलेज में व्यक्तिगत रूप से रिपोर्ट करने की आवश्यकता नहीं होगी।
दस्तावेज अस्पष्ट या गलत होने पर उम्मीदवारों से उन्हें दोबारा अपलोड करने के लिए कहा जा सकता है।
सीट अपग्रेड होने पर उम्मीदवार का रिलीविंग लेटर ऑनलाइन जारी किया जाएगा।
MCC ने नीट पीजी काउंसलिंग 2026 में फ्लोट विकल्प चुनने वाले उम्मीदवारों के लिए ऑनलाइन इस्तीफे और सीट सरेंडर की सुविधा भी शुरू की है। इसके तहत उम्मीदवार MCC पोर्टल के माध्यम से आवंटित सीट छोड़ सकते हैं।
ऑनलाइन सीट सरेंडर करने की प्रक्रिया
फ्लोट उम्मीदवारों को सीट सरेंडर करने के लिए निम्नलिखित चरण पूरे करने होंगे:
MCC पोर्टल पर कैंडिडेट लॉगिन के माध्यम से लॉग इन करें।
रेजिग्नेशन/सरेंडर विकल्प चुनें।
ऑनलाइन सीट सरेंडर करने का अनुरोध सबमिट करें।
MCC द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुरोध जमा करने पर आवंटित सीट सरेंडर की जा सकेगी।
हालांकि, यह ऑनलाइन सुविधा केवल फ्लोट विकल्प चुनने वाले उम्मीदवारों के लिए लागू है। फ्रीज विकल्प चुनने वाले उम्मीदवारों को सीट छोड़ने के लिए पहले की तरह आवंटित संस्थान में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।
नीट पीजी काउंसलिंग 2026 में NRI कोटा के तहत पात्रता प्राप्त करने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। वर्ष 2025 में एनआरआई कोटा के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को प्रत्येक राउंड से पहले अपने सहायक दस्तावेज ईमेल के माध्यम से एमसीसी को भेजने पड़ते थे। अब 2026 में यह प्रक्रिया MCC पोर्टल के जरिए पूरी की जाएगी।
NRI कोटा के तहत आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा:
MCC रजिस्ट्रेशन के दौरान एनआरआई कोटा और संबंधित उप-श्रेणी (I-IV) का चयन करना होगा।
आवश्यक सहायक दस्तावेज एमसीसी पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।
MCC की एनआरआई डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कमिटी ऑनलाइन दस्तावेजों का सत्यापन करेगी।
दस्तावेजों में कोई विसंगति मिलने पर उम्मीदवार को SMS या ईमेल के माध्यम से सूचना दी जाएगी।
उम्मीदवारों को दस्तावेजों में आवश्यक सुधार करने का अवसर मिलेगा।
NRI श्रेणी में परिवर्तन होने के बाद उम्मीदवारों के लिए चॉइस फिलिंग में एनआरआई कोटे की सीटें उपलब्ध हो जाएंगी।
एनआरआई श्रेणी में ऑनलाइन परिवर्तन अस्थायी (प्रोविजनल) होगा। प्रवेश के समय उम्मीदवारों के मूल दस्तावेजों की जांच फिर भी की जाएगी। जो उम्मीदवार राउंड 1 में NRI कोटा प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते हैं, वे राउंड 2 में दोबारा इसके लिए प्रयास कर सकते हैं।
नीट पीजी काउंसलिंग 2026 के लिए दिव्यांग (PwD) उम्मीदवारों की मेडिकल असेसमेंट प्रक्रिया में भी संशोधन किया गया है। नए प्रावधानों के तहत पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए एक अलग अध्याय शामिल किया गया है, जिसमें राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के 2026 के विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
MCC के दस्तावेज के अनुसार, मेडिकल असेसमेंट बोर्ड से संबंधित प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं:
PwD मेडिकल असेसमेंट के लिए सूचीबद्ध बोर्डों की संख्या 65 है।
पिछली प्रक्रिया में 16 केंद्र सूचीबद्ध थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़ाई गई है।
अपीलीय बोर्ड (Appellate Boards) को भी प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
इन बदलावों का उद्देश्य PwD श्रेणी के तहत आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के मेडिकल असेसमेंट को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
MCC ने नीट पीजी काउंसलिंग 2026 के लिए इंटर्नशिप पूरी करने की कट-ऑफ तिथि में भी बदलाव किया है। शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए इंटर्नशिप पूरी करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी गई है।
इसलिए, NEET PG काउंसलिंग 2026 में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को आवेदन और प्रवेश प्रक्रिया में भाग लेने से पहले इंटर्नशिप से संबंधित पात्रता शर्तों और निर्धारित अंतिम तिथि की जांच कर लेनी चाहिए।
एमसीसी ने नीट पीजी काउंसलिंग 2026 के दौरान उम्मीदवारों को सहायता प्रदान करने की सुविधा में भी बदलाव किया है। अब काउंसलिंग से संबंधित कॉल सेंटर को 24 घंटे और सातों दिन उपलब्ध रहने वाली हेल्प डेस्क के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
पहले MCC का कॉल सेंटर सुबह 9 बजे से रात 8:30 बजे तक संचालित होता था और रविवार को बंद रहता था। इसके अलावा, काउंसलिंग 2026 के लिए एमसीसी ने एक नया ईमेल आईडी mcc2026@gov.in भी जारी किया है, जिसका उपयोग उम्मीदवार काउंसलिंग से संबंधित जानकारी और सहायता के लिए कर सकते हैं।
नीट पीजी काउंसलिंग 2026 में भाग लेने वाले उम्मीदवारों को आवेदन से लेकर सीट आवंटन और प्रवेश तक की प्रक्रिया के दौरान निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:
फ्रीज और फ्लोट का अंतर समझें: किसी विकल्प का चयन करने से पहले उसके नियमों और प्रभावों को अच्छी तरह समझ लें।
दस्तावेज तैयार रखें: काउंसलिंग के लिए आवश्यक सभी दस्तावेजों की स्कैन की गई प्रतियां पहले से तैयार रखें।
फ्लोट उम्मीदवार पोर्टल चेक करते रहें: ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन और सीट अपग्रेडेशन से जुड़े अपडेट के लिए MCC पोर्टल नियमित रूप से देखें।
सही दस्तावेज अपलोड करें: सभी दस्तावेज स्पष्ट, वैध और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपलोड करें।
NRI कोटा प्रक्रिया सावधानी से पूरी करें: एनआरआई श्रेणी के उम्मीदवार ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन की सभी आवश्यकताएं पूरी करें।
PwD मेडिकल असेसमेंट के नियम जांचें: दिव्यांग श्रेणी के तहत आवेदन करने वाले उम्मीदवार लागू मेडिकल असेसमेंट दिशा-निर्देशों की जानकारी प्राप्त करें।
इंटर्नशिप की अंतिम तिथि जांचें: काउंसलिंग में भाग लेने से पहले इंटर्नशिप पात्रता की निर्धारित समय सीमा सुनिश्चित करें।
MCC के अपडेट पर नजर रखें: आधिकारिक नोटिफिकेशन, SMS और ईमेल के माध्यम से मिलने वाली सूचनाओं को नियमित रूप से चेक करें।
सीट सरेंडर की समय सीमा का पालन करें: सीट से इस्तीफा देने या उसे सरेंडर करने के लिए MCC द्वारा निर्धारित नियमों और समय सीमा का पालन करें।
प्रक्रिया | नीट पीजी काउंसलिंग 2025 | नीट पीजी काउंसलिंग 2026 |
सीट अपग्रेडेशन | शामिल होने (Joining) के बाद भौतिक (Physical) प्रक्रिया | ऑनलाइन फ्लोट (Float) विकल्प |
फ्रीज | भौतिक उपस्थिति/शामिल होना (Physical joining) | भौतिक उपस्थिति/शामिल होना (Physical joining) |
फ्लोट दस्तावेज | पहले की भौतिक (Physical) प्रक्रिया | ऑनलाइन अपलोड और सत्यापन (Verification) |
एनआरआई दस्तावेज | ईमेल द्वारा जमा करना (Email submission) | ऑनलाइन MCC पोर्टल |
दिव्यांगजन मूल्यांकन बोर्ड | 16 केंद्र | 65 सूचीबद्ध बोर्ड |
इंटरर्नशिप कट-ऑफ | 31 जुलाई, 2025 | 30 सितंबर, 2026 |
MCC हेल्प डेस्क | सुबह 9 बजे से रात 8:30 बजे तक, रविवार को बंद | 24x7 (दिन-रात उपलब्ध) |
On Question asked by student community
Hello, the NEET PG stipend at Parul University depends on the postgraduate course, academic year and applicable university policies.
Hello Student,
If you are looking for information about NEET PG 2025 DNB seat allotment and the fees payable at the allotted college or hospital, DNB seats are allotted through the respective counselling process based on your rank, category, choice of speciality, and seat availability.
For the 2025 session, the
Dear Student, with a NEET PG 2026 rank of 6,600 in the EWS category, your options should be assessed using the relevant counselling year's college-wise closing ranks, category-wise seats and counselling round. Please also confirm whether you are applying through the applicable All India counselling route or another quota. That
Hello, with a NEET PG rank of 11,000, your chances of getting MS ENT at Government Medical College, Thiruvananthapuram depend on your category, state quota, counselling round and previous year’s closing rank. You can check the cutoff details here: https://medicine.careers360.com/articles/kerala-neet-pg-cut-off
Dear Student, with a NEET PG rank of 8,571, you can explore DNB Pediatrics options through the relevant counselling process. If Bangalore is your preferred location, it would be useful to compare the available hospitals on factors such as patient load, paediatric case exposure, teaching environment, stipend, bond conditions and
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