SRM Kattankulathur Dental College and Hospital, Kattankulathur
Ranked #19 by NIRF, NAAC A++ Accredited | Recognized by dental council of India
नीट 2026 रजिस्ट्रेशन की विंडो 11 मार्च, 2026 को बंद हो गई। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नीट 2026 के लिए रजिस्टर्ड कुल उम्मीदवारों की संख्या 26 लाख से ज़्यादा हो सकती है। नीट 2026 के कुल रजिस्ट्रेशन पिछले रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं, क्योंकि कुछ राज्य-स्तरीय बीएससी नर्सिंग और संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान प्रवेश परीक्षाओं को नीट के साथ मिला दिया गया है। नीट 2026 के रजिस्ट्रेशन के सटीक आँकड़े एनटीए द्वारा परिणामों की घोषणा के साथ जारी किए जाएंगे।
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कुछ राज्य-स्तरीय प्रवेश परीक्षाएं, जैसे कि एपी एनसीईटी, हरियाणा बीएससी नर्सिंग, हरियाणा पैरामेडिकल और आरपीवीटी, नीट यूजी के साथ मिला दी गई हैं। जिन उम्मीदवारों ने पहले इन परीक्षाओं के लिए पंजीकरण कराया था, उन्हें अब नीट 2026 के लिए पंजीकरण कराना होगा, जिससे नीट 2026 के कुल पंजीकरणों की संख्या बढ़ जाएगी। नीट 2026 के रजिस्ट्रेशन आंकड़ों पर आधारित यह लेख, अपेक्षित कुल रजिस्ट्रेशन, प्रतिस्पर्धा के स्तर और पिछले वर्षों के आंकड़ों पर प्रकाश डालता है।
हालांकि NEET 2026 के आधिकारिक रजिस्ट्रेशन के आंकड़े नतीजों के साथ जारी किए जाएंगे, लेकिन कई मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि इस साल रजिस्ट्रेशन में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है। यदि नीट 2026 के कुल पंजीकरण 26 लाख का आंकड़ा पार कर जाते हैं, तो यह पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ देगा।
वर्ष | कुल नीट पंजीकरण | पंजीकरण संख्या में अंतर |
2025 | 22,76,069 | 1,30,010 की कमी |
2024 | 24,06,079 | 3,18,217 की वृद्धि |
2023 | 20,87,462 | 2,15,119 की वृद्धि |
2022 | 18,72,343 | 2,57,566 की वृद्धि |
2021 | 16,14,777 | - |
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नीट 2026 में प्रतिस्पर्धा का स्तर बहुत ज़्यादा रहने की उम्मीद है। नीट 2026 के लिए कुल रजिस्टर्ड उम्मीदवारों की संख्या लगभग 26 लाख तक पहुँचने की उम्मीद है, ऐसे में उम्मीदवारों को न सिर्फ़ परीक्षा पास करने के लिए, बल्कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए टॉप रैंक हासिल करने के लिए भी कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। नीचे बताए गए कारणों से नीट 2026 में प्रतिस्पर्धा का स्तर बढ़ सकता है।
आवेदकों की कुल संख्या बहुत अधिक है।
बढ़ती प्रतिस्पर्धा का एक सबसे बड़ा कारण यह है कि मेडिकल सीटों की सीमित संख्या के लिए नीट 2026 परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या बहुत अधिक है। इन आंकड़ों को नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है।
नीट 2026 एमबीबीएस सीटें बनाम उम्मीदवारों की संख्या (NEET 2026 MBBS seats Vs number of candidates)
विवरण | सूचना |
नीट 2026 के लिए पंजीकृत कुल संभावित उम्मीदवार | 26 लाख |
लगभग 1.2 लाख | |
सरकारी एमबीबीएस सीटों की संख्या | लगभग 63,000 |
यह आँकड़ा सीमित संख्या में उपलब्ध एमबीबीएस सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे छात्रों की एक विशाल संख्या को दर्शाता है, और इनमें से भी बहुत कम प्रतिशत छात्रों को ही शीर्ष सरकारी कॉलेजों में प्रवेश मिल पाएगा। आवेदकों की बढ़ती संख्या से इस वर्ष प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है।
सरकारी एमबीबीएस सीटों की सीमित संख्या
जहां एक ओर नीट 2026 के कुल आवेदकों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है, वहीं सरकारी कॉलेजों में मेडिकल सीटों की संख्या में बढ़ोतरी की गति धीमी है। नीट के माध्यम से मिलने वाली सरकारी एमबीबीएस सीटें सीमित हैं (लगभग 450 कॉलेजों में 63,000) और निजी कॉलेज महंगे हैं। परिणामस्वरूप, बहुत ही सीमित संख्या में उपलब्ध सरकारी सीटों के लिए अधिक उम्मीदवार प्रतिस्पर्धा करेंगे, जिससे नीट यूजी परीक्षा अत्यंत प्रतिस्पर्धी बन जाएगी।
राज्य-स्तरीय बीएससी नर्सिंग और संबद्ध स्वास्थ्य प्रवेश परीक्षाओं का विलय
नीट यूजी 2026 अब केवल एमबीबीएस और बीडीएस में एडमिशन तक ही सीमित नहीं है। कई राज्यों के अधिकारियों ने बीएससी नर्सिंग, बीवीएससी और एलाइड हेल्थ साइंसेज के एंट्रेंस एग्ज़ाम को नीट के साथ मिला दिया है। नीट के इस विस्तार से निश्चित रूप से नीट 2026 के रजिस्ट्रेशन की संख्या बढ़ेगी, जिससे प्रतियोगिता का स्तर और भी बढ़ जाएगा।
राज्य-स्तरीय प्रतिस्पर्धा में वृद्धि
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और राजस्थान जैसे राज्यों में हर साल नीट के लिए बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन होते हैं। नीट 2026 के लिए, आरपीवीटी (जिसे आरयूएचएस, राजस्थान आयोजित करता है) और एपी एनसीईटी (जिसे डॉ. एनटीआर यूनिवर्सिटी, आंध्र प्रदेश आयोजित करती है) के विलय से इन राज्यों से रजिस्टर्ड उम्मीदवारों की संख्या में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
नीट 2026 के लिए सबसे अधिक पंजीकरण संख्या की उम्मीद के कारण निम्नलिखित हैं:
नीट का विस्तार
नीट 2026 कई मेडिकल कोर्स के लिए एक ही प्रवेश परीक्षा बन गई है। नीट में बीएससी नर्सिंग, एलाइड हेल्थ साइंसेज और बीवीएससी प्रवेश परीक्षाओं का यह विलय निश्चित रूप से नीट 2026 के कुल पंजीकरणों में वृद्धि करेगा।
ड्रॉपर्स की संख्या में वृद्धि
कई उम्मीदवार अगले सत्र में अपने स्कोर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं। दोबारा परीक्षा देने वाले इन उम्मीदवारों की संख्या से निश्चित रूप से नीट 2026 के कुल पंजीकरणों की संख्या में वृद्धि होगी।
चिकित्सा क्षेत्र में करियर की बढ़ती लोकप्रियता
महामारी के बाद, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में करियर की मांग काफी बढ़ गई है। कई उम्मीदवार डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्य पेशेवर बनने की इच्छा रखते हैं। यह बढ़ती मांग उन कारणों में से एक है, जिनकी वजह से हर साल नीट पंजीकरण के आंकड़े बढ़ रहे हैं।
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