री-नीट 2026 कट-ऑफ: मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के मन में इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या री-नीट 2026 का कट-ऑफ बढ़ेगा या कम रहेगा? राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के अनुसार, री-नीट 2026 में पंजीकृत उम्मीदवारों में से लगभग 87.5 प्रतिशत अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हुए। सामान्य वर्षों की तुलना में कम उपस्थिति और प्रश्न-पत्र के कठिनाई स्तर को देखते हुए कट-ऑफ को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। छात्रों और विशेषज्ञों के अनुसार, री-नीट 2026 का प्रश्न-पत्र मध्यम से कठिन स्तर का था, जिसमें विशेष रूप से फिजिक्स और केमिस्ट्री के प्रश्न अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण रहे। ऐसे में यह जानना महत्वपूर्ण है कि कम उपस्थिति, प्रश्न-पत्र की कठिनाई और पिछले वर्षों के कट-ऑफ ट्रेंड्स मिलकर री-नीट 2026 के संभावित कट-ऑफ को किस प्रकार प्रभावित कर सकते हैं।
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प्राधिकरण के अनुसार, री-नीट यूजी 2026 में लगभग 87.5% उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। यह प्रतिशत सामान्य नीट परीक्षा की तुलना में काफी कम है, क्योंकि पिछले वर्षों में उपस्थिति आमतौर पर 93% से अधिक रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कम उपस्थिति के कारण उच्च अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या कम हो सकती है। इससे मेरिट लिस्ट में अंकों का अत्यधिक समूह (Score Clustering) बनने की संभावना घटती है और कुल प्रतिस्पर्धा भी प्रभावित होती है। इसी वजह से कई छात्र अनुमान लगा रहे हैं कि री-नीट 2026 का कट-ऑफ अपेक्षाकृत कम रह सकता है।
हालांकि, केवल उपस्थिति प्रतिशत के आधार पर कट-ऑफ का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। अंतिम कट-ऑफ इस बात पर भी निर्भर करेगा कि 600 से अधिक अंक कितने छात्रों ने प्राप्त किए, कुल स्कोर का वितरण कैसा रहा, टॉपर के अंक क्या रहे और प्रश्न-पत्र का कठिनाई स्तर कितना था?
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किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का कट-ऑफ तय करने में प्रश्न-पत्र का कठिनाई स्तर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। छात्रों और विशेषज्ञों के अनुसार, री-नीट यूजी 2026 का पेपर अपेक्षा से अधिक कठिन था, विशेष रूप से भौतिकी और रसायन विज्ञान में।
अभ्यर्थियों के अनुसार, भौतिकी का सेक्शन लंबा था और उसमें कई अवधारणात्मक (Conceptual) प्रश्न पूछे गए थे। वहीं, रसायन विज्ञान में ट्रिकी और एप्लिकेशन आधारित प्रश्नों की संख्या अधिक थी। जीवविज्ञान (Biology) अन्य दोनों विषयों की तुलना में अपेक्षाकृत आसान माना गया, हालांकि कुछ छात्रों ने इसे भी समय लेने वाला बताया।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब प्रश्न-पत्र कठिन होता है, तो बहुत अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या कम हो जाती है। ऐसी स्थिति में कट-ऑफ नीचे आने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए यदि री-नीट 2026 का कठिनाई स्तर वास्तव में मध्यम से कठिन रहा है, तो एमबीबीएस सहित री-नीट 2026 कट-ऑफ में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना कम दिखाई देती है।
री-नीट 2026 का संभावित कट-ऑफ समझने के लिए पिछले वर्षों के नीट कट-ऑफ ट्रेंड पर नजर डालना उपयोगी होगा। नीचे दी गई तालिका बताती है कि अभ्यर्थियों की उपस्थिति और प्रश्न-पत्र की कठिनाई ने पिछले वर्षों में कट-ऑफ को किस प्रकार प्रभावित किया।
वर्ष | परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी (%) | प्रश्न-पत्र का स्तर | सामान्य वर्ग का कट-ऑफ* |
नीट यूजी 2023 | 97.06% | आसान से मध्यम | 720-137 |
नीट यूजी 2024 | 96.94% | आसान | 720-162 |
नीट यूजी 2025 | 91.4% | कठिन | 686-144 |
री-नीट यूजी 2026* | लगभग 87.5% | मध्यम से कठिन | 715-148 (संभावित) |
उपलब्ध उपस्थिति आंकड़ों, प्रश्न-पत्र के कठिनाई स्तर और पिछले वर्षों के नीट कट-ऑफ ट्रेंड को देखते हुए, री-नीट 2026 के कट-ऑफ में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना कम दिखाई देती है।
करीब 87.5% अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने और प्रश्न-पत्र के मध्यम से कठिन स्तर का होने के कारण विशेषज्ञों का मानना है कि री-नीट 2026 का कट-ऑफ स्थिर रह सकता है या इसमें हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि अंतिम कट-ऑफ पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि कुल स्कोर वितरण कैसा रहता है और अधिक अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों की संख्या कितनी होती है।
अंतिम कट-ऑफ परिणाम घोषित होने के बाद ही जारी किया जाएगा। हालांकि, पिछले वर्षों के ट्रेंड, उपलब्ध सीटों, कुल अभ्यर्थियों और परीक्षा के कठिनाई स्तर को ध्यान में रखते हुए विभिन्न श्रेणियों के लिए संभावित कट-ऑफ नीचे दिया गया है।
श्रेणी | योग्यता परसेंटाइल | संभावित न्यूनतम कट-ऑफ अंक (720 में से) |
सामान्य (General) | 50वां परसेंटाइल | 705 - 148 |
अनुसूचित जाति (SC) | 40वां परसेंटाइल | 147 - 117 |
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) | 40वां परसेंटाइल | 147 - 117 |
अनुसूचित जनजाति (ST) | 40वां परसेंटाइल | 147 - 117 |
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) | 50वां परसेंटाइल | 705 - 148 |
अस्वीकरण: यह संभावित कट-ऑफ पिछले वर्षों के रुझान, कुल अभ्यर्थियों की संख्या, उपलब्ध सीटों तथा परीक्षा के कठिनाई स्तर को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसे केवल जानकारी के उद्देश्य से देखें। अंतिम कट-ऑफ एनटीए द्वारा परिणाम जारी होने के बाद ही आधिकारिक रूप से घोषित किया जाएगा।
On Question asked by student community
There is no single cut-off for all semi-government BAMS colleges. It varies by state, category, and counselling round. Please tell me your state, NEET 2026 score/rank, and category.
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No, getting a BVSc & AH seat through VCI counselling at a rank of 1,72,000 is unlikely, because VCI only handles 15% All India Quota seats for recognized colleges where closing ranks typically stay well under 80,000 even in stray vacancy rounds.
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With 374 marks and an AIR of around 3,40,000 under the SC category, getting a government or semi-government (government-quota) MBBS seat in Karnataka is unlikely, though you may have a slight chance for private/other quota or alternative medical/dental courses.
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