SRM Kattankulathur Dental College and Hospital, Kattankulathur
Ranked #19 by NIRF, NAAC A++ Accredited | Recognized by dental council of India
नीट आरक्षण मानदंड 2027: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के लिए आरक्षण मानदंड निर्धारित करती है। प्राधिकरण द्वारा इन्फॉर्मेशन ब्रोशर के साथ विस्तृत नीट 2027 आरक्षण मानदंड जारी किया जाएगा। अखिल भारतीय योजना के तहत केंद्रीय विश्वविद्यालयों के साथ-साथ राज्य चिकित्सा और दंत चिकित्सा महाविद्यालयों को भी नीट में आरक्षण प्रदान किया जाता है।
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नीट परीक्षा के सीट आरक्षण से लगभग 1,500 ओबीसी और 550 ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को लाभ होगा। उम्मीदवारों को ध्यान देना चाहिए कि नीट आरक्षण मानदंड 2027 भारत सरकार (GOI) के आरक्षण दिशानिर्देशों के तहत निर्देशित किया जाएगा। ईडब्ल्यूएस कोटा और ओबीसी कोटा के अलावा, अनुसूचित जाति (एससी) के लिए 15% सीटें, अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए 7.5% सीटें और विकलांग व्यक्तियों (पीडब्ल्यूडी) के लिए 5% सीटों का आरक्षण दिया जाएगा। मेडिकल उम्मीदवारों को नीट 2027 प्रवेश के लिए पंजीकरण करते समय नीट-यूजी के अपने आरक्षण मानदंड को पूरा करना होगा।
प्रत्येक राज्य में, 85% सीटें राज्य कोटा के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं और उनके लिए नीट 2027 आरक्षण मानदंड संबंधित राज्य अधिकारियों द्वारा तय किया जाता है। नीट राष्ट्रीय स्तर की एकल स्नातक मेडिकल प्रवेश परीक्षा है। नीट परिणाम के आधार पर भारत के मेडिकल-डेंटल कॉलेजों में 1 लाख से अधिक एमबीबीएस एडमिशन और 27,868 बीडीएस सीटें, 52,720 आयुष सीटें और 603 बीवीएससी और एएच सीटें पेश की जाएंगी। नीट के आरक्षण मानदंड, नीट में एससी एसटी आरक्षण और अन्य के बारे में अधिक जानकारी के लिए, उम्मीदवारों को पूरा लेख देखने की सलाह दी जाती है।
नीट 2027 आरक्षण मानदंड 27% ओबीसी और 10% ईडब्ल्यूएस श्रेणियों को प्रदान किया जाएगा। सभी सरकारी एमबीबीएस/बीडीएस कॉलेजों की कुल सीटों में से 15% अखिल भारतीय कोटा (एआईक्यू) सीटों के लिए आरक्षित होंगी। 15% एआईक्यू योजना के तहत सीटें नीट-यूजी आरक्षण मानदंड के माध्यम से आवंटित की जाएंगी। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने एससी के लिए 15% सीटों और एसटी श्रेणियों के लिए 7.5% सीटों पर नीट आरक्षण की शुरुआत की थी। जबकि नीट में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण सिर्फ केंद्रीय विश्वविद्यालयों में लागू किया गया था। हालांकि, इसे राज्य की एमबीबीएस और बीडीएस कॉलेजों की एआईक्यू सीटों तक नहीं बढ़ाया गया था।
2021 में भारत सरकार ने AIQ योजना में 27% ओबीसी और 10% ईडबल्यूएस आरक्षण प्रदान करने का निर्णय लिया। देश भर के ओबीसी और ईडब्ल्यूएस छात्र एआईक्यू योजना के तहत प्रवेश लेने में सक्षम हैं।
मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) की ओर से स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) सभी सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए उपलब्ध 15% सीटों के लिए काउंसलिंग आयोजित करता है। यह जम्मू-कश्मीर में मौजूद कॉलेजों पर लागू नहीं होता है। नीट आरक्षण मानदंड के अनुसार, सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 15% एआईक्यू में श्रेणीवार कुछ प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। उम्मीदवारों को ध्यान देना चाहिए कि शेष अनारक्षित सीटें नीट रिजल्ट 2027 में प्राप्त योग्यता के आधार पर भरी जाएंगी।
श्रेणी | आरक्षण |
|---|---|
अनुसूचित जाति | 15% |
अनुसूचित जनजाति | 7.5% |
ओबीसी-एनसीएल के लिए नीट आरक्षण | 27% |
जनरल-ईडब्ल्यूएस | 10% |
विकलांग व्यक्ति (PwBD) | 5% |
*अनारक्षित सीटों सहित सभी श्रेणियों में क्षैतिज आरक्षण।
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स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय 2019 में नीट-यूजी प्रवेश में ईडब्ल्यूएस कोटा लाया। इस कोटा के तहत, आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 10% सीटें आरक्षित हैं। उम्मीदवारों के पास नीट परीक्षा के लिए ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र होना चाहिए। नीट 2027 आरक्षण में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए विशिष्ट मानदंड नीचे सूचीबद्ध हैं। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि वे उम्मीदवार जिनके परिवार के पास इनमें से कोई भी है, वे पात्र नहीं होंगे।
परिवार की वार्षिक आय ₹8,00,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
5 एकड़ और उससे अधिक कृषि भूमि
1000 वर्ग फुट और उससे अधिक का आवासीय फ्लैट
अधिसूचित नगर पालिकाओं में 100 वर्ग गज और उससे अधिक का आवासीय भूखंड
अधिसूचित नगर पालिकाओं के अलावा अन्य क्षेत्रों में 200 वर्ग गज और उससे अधिक का आवासीय भूखंड
1. केंद्रीय विश्वविद्यालय/संस्थान
2. राष्ट्रीय संस्थान
3. राज्य सरकार के मेडिकल कॉलेज
नीचे उन कॉलेजों की सूची दी गई है जो नीट ईडब्ल्यूएस आरक्षण के माध्यम से प्रवेश लेते हैं। साथ ही यह आरक्षण केवल अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को ही मिलेगा।
पिछले वर्ष के नीट आरक्षण मानदंड के अनुपालन में वे उम्मीदवार जिनके पास बेंचमार्क शारीरिक विकलांगता है, वे 5% आरक्षण पाने के लिए पात्र हैं। उम्मीदवारों को यह प्रावधान विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत मिलेगा।
जो उम्मीदवार नीट 2027 आरक्षण मानदंड के लिए पात्र होने का दावा करते हैं, उन्हें अपने आवेदन के साथ नीट के लिए PwBD प्रमाणपत्र जमा करना होगा। विकलांगता प्रमाण पत्र के लिए अनुमोदित 15 अधिकारियों में से किसी एक द्वारा इसे जारी किया गया होना चाहिए।
पिछले वर्षों की तरह राज्य कोटा के अंतर्गत आने वाली सीटों के लिए नीट आरक्षण मानदंड के दिशा निर्देश राज्य काउंसलिंग अधिकारियों द्वारा प्रचलित आरक्षण नीतियों के आधार पर निर्धारित किए जाएंगे। उम्मीदवारों को पता होना चाहिए कि सभी राज्यों की अपनी आरक्षण नीतियां हैं। इन आरक्षण नीतियों को राज्य शासन के तहत आने वाली विभिन्न स्थानीय श्रेणियों के लिए विशेष तौर पर बनाया गया है।
राज्य विशेष के सरकारी और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया को संबंधित राज्य परामर्श प्राधिकरण नियंत्रित करते हैं। हो सकता है कि उनकी आरक्षण नीति नीट 2027 आरक्षण मानदंड से मेल न खाए।
डीजीएचएस डीम्ड/केंद्रीय विश्वविद्यालयों, ईएसआईसी कॉलेज और एएफएमएस संस्थानों में उपलब्ध सीटों के लिए अखिल भारतीय काउंसलिंग आयोजित करता है और नीट आरक्षण मानदंड 2027 यहां लागू किया जाता है। सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशालय, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार एएफएमसी, पुणे में प्रवेश के लिए नियम और कानून निर्धारित करता है।
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Frequently Asked Questions (FAQs)
15% सीटें अखिल भारतीय कोटा सीटों के लिए आरक्षित होंगी, जबकि 85% सीटें राज्य कोटा के लिए आरक्षित होंगी। इस आरक्षण के तहत सीटें नीट आरक्षण मानदंड 2027 के अनुसार आवंटित की जाएंगी।
आरक्षण मानदंड के अनुसार, एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए सीटें आरक्षित होंगी। 15% AIQ, 85% राज्य कोटा और अन्य सीटों पर प्रवेश नीट 2027 स्कोर के माध्यम से आवंटित किया जाएगा।
नीट आरक्षण मानदंड के सरकारी नियमों के अनुसार, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और राज्य मेडिकल कॉलेजों में ओबीसी के लिए 27% सीटें, ईडब्ल्यूएस के लिए 10% सीटें, एससी के लिए 15% सीटें और एसटी के लिए 7.5% सीटें आरक्षित हैं।
15% AIQ में प्रवेश के लिए सीटें आवंटित की जाएंगी, भले ही डोमिसाइल नीट मानदंड कुछ भी हो। जबकि राज्य कोटे की 85% सीटों के लिए उम्मीदवारों को संबंधित राज्य काउंसलिंग प्राधिकरण द्वारा वांछित अधिवास और अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा।
नीट परीक्षा के लिए संवैधानिक आरक्षण के बाद बची सीटें सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध होंगी।
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