Careers360 Logo
ask-icon
share
    नीट यूजी : 22 लाख रैंक वाले छात्र को कैसे मिली सरकारी एमबीबीएस सीट; एनएमसी का जवाब
    • लेख
    • नीट यूजी : 22 लाख रैंक वाले छात्र को कैसे मिली सरकारी एमबीबीएस सीट; एनएमसी का जवाब

    नीट यूजी : 22 लाख रैंक वाले छात्र को कैसे मिली सरकारी एमबीबीएस सीट; एनएमसी का जवाब

    Switch toEnglish IconHindi Icon
    Mithilesh KumarUpdated on 13 Aug 2025, 09:31 AM IST
    Switch toEnglish IconHindi Icon

    कॅरियर्स360 ने 20 जुलाई को एक चौंकाने वाली अनियमितता का पर्दाफाश किया, जिसमें 16 छात्रों को नीट 2024 परीक्षा उत्तीर्ण न होने के बावजूद सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश दिए जाने का मामला प्रकाश में आया। यह खुलासा राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) की वेबसाइट पर प्रकाशित आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित है और नीट प्रवेश प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल पैदा करता है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, न्यूनतम नीट योग्यता कटऑफ को पूरा न करने वाले उम्मीदवार मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के पात्र नहीं माने जाते और इसलिए किसी भी मेडिकल सीट पर प्रवेश पाने के लिए अपात्र होते हैं, फिर तो सरकारी एमबीबीएस सीट की तो बात ही छोड़ दें। फिर भी, इन 16 छात्रों को नियमों को दरकिनार करते हुए शीर्ष सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन दिया गया।
    ये भी पढ़ें : नीट 2024 में असफल रहे 16 उम्मीदवारों को सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों के एमबीबीएस में एडमिशन कैसे मिला?

    This Story also Contains

    1. विवाद पर एनएमसी की प्रतिक्रिया
    2. कॉलेज लिस्ट और एनएमसी डेटा - प्रक्रिया और यह एक साधारण त्रुटि क्यों नहीं हो सकती
    3. नीट यूजी काउंसलिंग में गंभीर खामियां?
    नीट यूजी : 22 लाख रैंक वाले छात्र को कैसे मिली सरकारी एमबीबीएस सीट; एनएमसी का जवाब
    नीट यूजी : 22 लाख रैंक वाले छात्र को कैसे मिली सरकारी एमबीबीएस सीट; एनएमसी का जवाब

    कॅरियर्स360 द्वारा खुलासा किए जाने के बाद, एनएमसी ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। इस संबंध में विस्तार से जानने के लिए आगे पूरा लेख पढ़ें।

    विवाद पर एनएमसी की प्रतिक्रिया

    4 अगस्त को, एनएमसी ने nmc.org.in पर एक नोटिस जारी कर भारत में एमबीबीएस सीटों पर अयोग्य उम्मीदवारों के अनियमित एडमिशन की बात कही। एनएमएस ने बताया कि यह अनियमितता कॉलेजों द्वारा एनएमसी पोर्टल पर गलत डेटा जमा करने के कारण हुई। हालांकि, इस स्पष्टीकरण से न केवल कॉलेज पर दोष मढ़ने की बू आती है, बल्कि और भी सवाल उठते हैं।

    विवाद पर एनएमसी की ओर से जारी सूचना देखें

    1754497021225

    ये भी पढ़ें:

    JSS University Mysore Allied Sciences 2026

    NAAC A+ Accredited| Ranked #21 in University Category by NIRF | Applications open for multiple UG & PG Programs

    Emversity Allied Health Programs

    Get Job Ready in Healthcare | Employability-Focused Programs

    एनएमसी का लिपिकीय त्रुटि का दावा अमान्य प्रतीत होता है, क्योंकि यह डेटा न केवल एनएमसी पोर्टल पर, बल्कि संबंधित कॉलेजों की वेबसाइटों पर भी एडमिशन लेने वाले छात्रों की सूची में दिखाई देता है। इसके अलावा, यह सवाल अभी भी बना हुआ है: छात्रों के नीट अंक, रैंक और पर्सेंटाइल, सब एक ही समय में गलत कैसे दिखाई दे सकते हैं? इस स्पष्टीकरण के बाद जो प्रश्न उठते हैं, उनसे यह विश्वास करना कठिन हो जाता है कि यह महज एक डेटा इंट्री गलती थी।

    यह जानने के लिए कि इससे संदेह क्यों पैदा होता है, हमें यह देखना होगा कि नीट प्रवेश बंद होने के बाद प्रक्रिया किस प्रकार काम करती है।

    नीट 2024 एमबीबीएस रैंक पर सवाल के बाद एनएमसी का जवाब वीडियो में देखें


    ये भी पढ़ें:

    NEET 2026 College Predictor
    Predict your MBBS, BDS & AYUSH admission chances with the NEET College Predictor. Get personalized college recommendations based on rank, category & quota.
    Try Now

    Confused About College Admissions?

    Get expert advice on college selection, admission chances, and career path in a personalized counselling session.

    Book a Counselling Slot
    Select Date
    Pick a Slot

    कॉलेज लिस्ट और एनएमसी डेटा - प्रक्रिया और यह एक साधारण त्रुटि क्यों नहीं हो सकती

    प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद, कॉलेज प्रवेश सूची आमतौर पर पहला आधिकारिक रिकॉर्ड होता है जिसमें एडमिशन प्राप्त छात्रों का विवरण अंतिम रूप दिया जाता है। बाद में, इन विवरणों को सत्यापन के लिए एनएमसी पोर्टल पर भेजा जाता है और केंद्रीय डेटाबेस में दर्ज किया जाता है। इस मामले में, ये अयोग्य छात्र न केवल कॉलेज के रिकॉर्ड में दिखाई दिए, बल्कि एनएमसी की वेबसाइट पर भी दिखाई दिए।

    इसका मतलब या तो यह है कि सत्यापन हुआ ही नहीं या फिर उसे नजरअंदाज कर दिया गया, वह भी दो स्तरों पर; एक कॉलेज स्तर पर और दूसरा एनएमसी स्तर पर। दोनों ही मामलों में, यह न केवल एडमिशन प्रक्रिया की शुचिता पर, बल्कि देश की सबसे कठिन प्रक्रियाओं में से एक, तथाकथित फुलप्रूफ नीट एडमिशन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े करता है।

    यह वास्तव में न केवल उन मेडिकल अभ्यर्थियों के प्रति अन्याय है, जिन्होंने एक वर्ष या उससे अधिक समय तक कड़ी मेहनत की है, बल्कि यह उस प्रणाली का भी मजाक उड़ाता है, जिसे अक्षमता से निपटने और सभी के लिए निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए स्थापित किया गया था।

    आम भाषा में कहें तो जिन छात्रों ने परीक्षा भी पास नहीं की, वे सरकारी कॉलेजों में दाखिल हो गए, जहां नीट में उच्च रैंक पाने वालों के लिए भी जगह पाना मुश्किल होता है। यह एडमिशन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर और सवाल खड़े करता है और इसकी विस्तृत जांच की जरूरत पर जोर देता है।

    बेहतर समझ के लिए हम कुछ उदाहरण दे रहे हैं। इनके अंक और रैंक स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि इन छात्रों के नाम पर विचार ही नहीं किया जाना चाहिए था, सीट मिलना तो दूर की बात है।

    उदाहरण 1: बिहार के कटिहार मेडिकल कॉलेज में प्रवेश

    1754493033040

    1754493025753

    ये भी देखें : कटिहार मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने वाले छात्रों की सूची

    उदाहरण 2: प्रफुल्ल चंद्र सेन सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एडमिशन

    1754493032994

    1754493036535

    ये भी देखें : प्रफुल्ल चंद्र सेन सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के एडमिशन लेने वाले छात्रों की सूची

    ये भी पढ़ें:

    Virohan Allied & Healthcare Programs

    Allied & Healthcare programs | 20+ Partner Universities & Institutes | 98% placement record

    Amity University Noida | Allied Health Sciences Admissions

    Ranked as India’s #1 Not for profit pvt. University by India Today

    नीट यूजी काउंसलिंग में गंभीर खामियां?

    ये उदाहरण नीट काउंसलिंग और एडमिशन प्रक्रिया में गंभीर खामियों को दर्शाते हैं। अगर अयोग्य छात्र, जिन्होंने नीट परीक्षा भी पास नहीं की है, कॉलेज की एडमिशन लिस्ट और एनएमसी पोर्टल, दोनों पर सूचीबद्ध हो सकते हैं, जिससे उनका प्रवेश पक्का हो जाता है, तो इसका मतलब है कि व्यवस्था में न केवल कुछ गड़बड़ है, बल्कि घोर अन्याय भी है।

    नीट एक निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा मानी जाती है जहाँ हर छात्र को उसके अंकों और रैंक के आधार पर सीट दी जाती है। यह प्रवेश के सबसे कड़े नियमों वाली परीक्षा भी है ताकि अनुचित साधनों से बचा जा सके। लाखों छात्र परीक्षा पास करने और सरकारी मेडिकल सीट पाने के लिए सालों तैयारी करते हैं, घंटों पढ़ाई करते हैं और महंगी कोचिंग भी लेते हैं। जब अयोग्य छात्रों के एडमिशन में इन सब बातों की खुलेआम अवहेलना की जाती है, तो एडमिशन प्रक्रिया की पवित्रता ही सवालों के घेरे में आ जाती है।

    सिर्फ़ स्पष्टीकरण देना काफ़ी नहीं है। एनएमसी को इस मुद्दे की जड़ तक पहुंचकर उचित जांच सुनिश्चित करनी चाहिए जिससे मौजूद सभी खामियों का पता लगाकर उन्हें दूर किया जा सके। लाखों मेडिकल उम्मीदवारों की उम्मीदें एनएमसी पर टिकी हैं और यह जरूरी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि व्यवस्था में उनका भरोसा और विश्वास बना रहे।

    ये भी पढ़ें:

    Articles
    |
    Certifications By Top Providers
    Management of Medical Emergencies in Dental Practice
    Via Tagore Dental College and Hospital, Chennai
    Counseling Psychology PG
    Via Punjabi University, Patiala
    Counseling Psychology
    Via Savitribai Phule Pune University, Pune
    Online M.Sc Psychology
    Via Centre for Distance and Online Education, Andhra University
    School Counseling
    Via Avinashilingam Institute for Home Science and Higher Education for Women, Coimbatore
    Explore Top Universities Across Globe

    Questions related to NEET

    On Question asked by student community

    Have a question related to NEET ?

    Hello Student,

    As a 1st PUC student preparing for NEET, focus on completing the Class 11 syllabus thoroughly and strengthen your concepts using NCERT-based study material. You can use Careers360’s NEET preparation resources, syllabus, previous-year question papers, sample papers and study material to practise chapter-wise and track your preparation.

    You

    Hello Student, some institutions may consider Class 12 PCB marks, while others can have an entrance examination or another admission route; NEET may or may not be required. Tell me the exact course name, state, Class 12 PCB percentage and NEET score, and I can explain your eligibility and application

    Hello, with 131 marks in NEET, admission to BNYS will depend on your category, state and counselling process. You can check the BNYS admission and course details here: BNYS Course

    Hello Student,

    With a NEET score of 440, you can explore Tamil Nadu private medical colleges offering MBBS management quota seats. Fees vary by college, so check the latest 2026 fee structure before choice filling.

    For more information, you can click on the link below.

    Article Link - State-Wise Management