NEET College Predictor
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नीट पीजी गड़बड़ी (NEET PG Mess in Hindi) : एमडी/एमएस कोर्स में एडमिशन पाने के लिए, सभी एमबीबीएस ग्रेजुएट्स को नीट पीजी की परीक्षा देनी पड़ती है। हालांकि, नीट पीजी की परीक्षा अक्सर गलत कारणों से सुर्खियों में बनी रहती है, जिससे सभी कैंडिडेट को निराशा का सामना करना पड़ता हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, नीट पीजी 2025 का आयोजन सिंगल शिफ्ट में आयोजित किया गया था। यह कदम सुप्रीम कोर्ट ने पिछले वर्षों में नीट पीजी के मल्टीपल शिफ्ट के दौरान आने वाली समस्या को खत्म करने के लिए उठाया था लेकिन जब नीट पीजी ने आंसर की जारी की तो और भी अधिक भ्रम और अव्यवस्था की स्थिति देखने को मिली।
इससे पहले जब नीट पीजी की परीक्षा मल्टीपल शिफ्ट होती थी तो अनुपलब्ध आंसर की, प्रश्न पत्र न होने से जुड़ी समस्याएं उजागर होती थीं लेकिन जब नीट पीजी की परीक्षा एक ही शिफ्ट में आयोजित कराने का फैसला हुआ तो उम्मीद जताई गई कि ये समस्याएं हल हो जाएंगी। इसके बजाए नीट पीजी 2025 आंसर की के जारी होने से और अधिक निराशा हुई।
ये भी जानें:
29 अगस्त, 2025 को, नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस (एनबीईएमएस) ने अपने इतिहास में पहली बार नीट पीजी की आंसर की जारी की लेकिन बोर्ड द्वारा जारी किए गए आंसर की में सिर्फ प्रश्नों की आईडी और उनके सही जवाब को एक्सेल फॉर्म में रिलीज किया गया। छात्रों की उम्मीद थी कि बोर्ड द्वारा प्रश्नों के साथ आंसर की जारी की जाएगी लेकिन एक्सेल शीट में आंसर की के जारी होने से सही उत्तर जांचने की प्रक्रिया समय लेने वाली और बोझिल हो गई है।

इस मुद्दे का दूसरा पहलू कहीं ज़्यादा भयावह है। ऐसा इसलिए है क्योंकि नीट पीजी की परीक्षा ऑनलाइन मोड में ली गई थी। जिस वजह से छात्रों के पास जांचने के लिए कोई सपोर्टिंग मटेरियल नहीं है। ऐसे में नीट पीजी की परीक्षा में पूछे गए 200 प्रश्नों को याद रखना लगभग असंभव काम होगा। जिस वजह से चिह्नित उत्तरों को याद रखना भी एक चुनौती होगी। इसका मतलब है कि छात्रों के पास आपत्ति दर्ज कराने का कोई ज़रिया ही मौजूद नहीं है।
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नीट पीजी परीक्षा में सुधार और पारदर्शिता की मांग कोई नई बात नहीं है। इसकी मांग शुरू से ही उठती रही है। हालांकि, नीट पीजी परीक्षा में पारदर्शिता और सुधार की मांग 2024 में चरम पर पहुँची। जब इस एग्जाम से जुड़े कुछ बड़े भ्रम पैदा हुए:
एग्जाम का स्थगित होना: साल 2024 में नीट पीजी की परीक्षा 3 मार्च को होनी थी लेकिन उसके बाद नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस ने पहले एग्जाम को 23 जून और उसके फिर 11 जून तक के लिए स्थगित कर दिया था।
अंतिम समय में एग्जाम फॉर्मेट में बदलाव: परीक्षा से ठीक 3 दिन पहले, 8 अगस्त, 2024 को, एनबीईएमएस ने दो-शिफ्ट में नीट पीजी की परीक्षा कराने की घोषणा की. जिससे नीट पीजी के एग्जाम को लेकर चिंताएं पैदा हो गईं।
रैंक में वृद्धि और विसंगतियां: कॅरियर्स360 द्वारा किए गए विश्लेषण से पता चला कि 2,185 उम्मीदवारों ने 99वें पर्सेंटाइल से ऊपर अंक प्राप्त किए, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफ़ी ज़्यादा है। 2 लाख से ज़्यादा उम्मीदवारों के लिए सिर्फ़ 1,400 विशिष्ट पर्सेंटाइल थे, जो "रैंक प्रसार" की ओर इशारा करता है। दूसरी शिफ्ट में एग्जाम देने वाले उम्मीदवारों ने अपने अपेक्षित और वास्तविक अंकों के बीच काफ़ी अंतर बताया, क्योंकि अनौपचारिक कोचिंग कुंजियों ने आधिकारिक पर्सेंटाइल और रैंक की तुलना में ज़्यादा अंक दर्शाए थे।
इन चुनौतियों के साथ-साथ प्रश्नपत्र या आंसर की उपलब्ध न होने से सुधारों की मांग बढ़ गई। सुप्रीम कोर्ट में दायर दो याचिकाओं के चलते एक ही शिफ्ट में नीट पीजी 2025 का एग्जाम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। निष्पक्षता को बढ़ावा देने के लिए ऐसा किया गया लेकिन पारदर्शिता के मुद्दे अभी तक अनसुलझे ही हैं।
2023 में, नीट पीजी की परीक्षा में 13 स्टूडेंट्स जिनके नेगेटिव मार्क्स थे और 14 स्टूडेंट्स जिनके 0 मार्क्स थे उन्हें गवर्निंग बॉडी के द्वारा पास माना गया। वहीं उनमें से कुछ स्टूडेंट्स ने महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज और एमजीएम मेडिकल कॉलेज में एमडी की सीटें भी हासिल कीं। नीचे दिए गए टेबल में उन 13 स्टूडेंट्स जिनके नीट पीजी 2023 में नेगेटिव मार्क्स और 14 स्टूडेंट्स जिनके एग्जाम में 0 अंक आए थे, उनकी डिटेल्स नीचे टेबल के माध्यम से साझा की गई है।
ये भी जानें :
अभ्यर्थी जिन्होंने नीट पीजी 2023 में प्राप्त किए 0 मार्क्स
क्रम संख्या | रैंक | परसेंटाइल | स्कोर |
1. | 200504 | 0.006483241 | 0 |
2. | 200503 | 0.006981952 | 0 |
3. | 200502 | 0.007480662 | 0 |
4. | 200501 | 0.007979373 | 0 |
5. | 200500 | 0.008478084 | 0 |
6. | 200499 | 0.008976795 | 0 |
7. | 200498 | 0.009475506 | 0 |
8. | 200497 | 0.009974217 | 0 |
9. | 200496 | 0.010472927 | 0 |
10. | 200495 | 0.010971638 | 0 |
11. | 200494 | 0.011470349 | 0 |
12. | 200493 | 0.01196906 | 0 |
13. | 200492 | 0.012467771 | 0 |
14. | 200491 | 0.012966482 | 0 |
क्रम संख्या | रैंक | परसेंटाइल | स्कोर |
1. | 200517 | 0 | -40 |
2. | 200516 | 0.000498711 | -25 |
3. | 200515 | 0.000997422 | -24 |
4. | 200514 | 0.001496132 | -20 |
5. | 200513 | 0.001994843 | -19 |
6. | 200512 | 0.002493554 | -11 |
7. | 200511 | 0.002992265 | -11 |
8. | 200510 | 0.003490976 | -10 |
9. | 200509 | 0.003989687 | -10 |
10. | 200508 | 0.004488397 | -5 |
11. | 200507 | 0.004987108 | -5 |
12. | 200506 | 0.005485819 | -2 |
13. | 200505 | 0.00598453 | -1 |
वहीं साल 2024 में 2,00,000 से अधिक रैंक वाले 25 स्टूडेंट्स को बायोकेमिस्ट्री और फिजियोलॉजी जैसे नॉन क्लीनिकल फील्ड में एडमिशन मिला।
पारदर्शिता की कमी और योग्यता मानकों में कमी भारत में स्वास्थ्य सेवा के भविष्य को नुकसान पंहुचा रही है। अगर प्रवेश परीक्षा में लगभग शून्य या उससे भी खराब नकारात्मक प्रदर्शन के बावजूद कैंडिडेट की सीट पक्की हो जाती है, तो इसका एक ही मतलब हो सकता है। नीट पीजी का एग्जाम सिर्फ फॉर्मेलिटी के लिए ही आयोजित कराया जाता है। इससे मेडिकल स्टूडेंट्स के बीच यह संकेत भी जाता है कि जो कैंडिडेट ज्यादा फीस दे सकते है उनके लिए उनकी रैंक के कोई खास मायने नहीं होते है। यह आम जनता के लिए भी अच्छा संकेत नहीं है क्योंकि यह एमडी बने डॉक्टरों की गुणवत्ता और उनकी उपचार करने की क्षमताओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
ये भी जानें: बीएएमएस के लिए नीट में कितने मार्क्स चाहिए?
अगर एनबीईएमएस खुला और निष्पक्ष रहना चाहता है, तो उन्हें न सिर्फ़ नीट पीजी परीक्षा, बल्कि प्रवेश प्रक्रिया में भी पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करनी होगी। भारत की चिकित्सा शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए यह एक बेहद ज़रूरी कदम है। भावी डॉक्टरों के लिए एक ऐसी परीक्षा प्रक्रिया होनी चाहिए जो कड़ी मेहनत को महत्व दे और यह सुनिश्चित करे कि केवल कुशल पेशेवर ही स्वास्थ्य सेवा में देश के भविष्य बनें।
On Question asked by student community
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NEET PG application form 2026 dates are not out yet. You can check for the latest updates about the NEET PG 2026 here.
NEET PG stray round counselling was extended until February 20, 2026. For more details, check the link below:
https://medicine.careers360.com/articles/mcc-neet-pg-counselling-2025-stray-round
Hi,
Yes, you are eligible. After completing Doctor of Medicine (MD) in Pathology, you can appear again for National Eligibility cum Entrance Test for Postgraduate if you have a valid MBBS degree and registration with the National Medical Commission. However, government rules about funding or seat eligibility may vary.
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